समस्तीपर के रोसड़ा से बीजेपी विधायक वीरेंद्र कुमार ने SIR(स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस-इंडिया गठबंधन लगातार भ्रम और सनसनी फैलाने का काम कर रहे हैं। लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं है। चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से विपक्ष के आरोपों की वास्तविकता सामने आ गई है। जिला बीजेपी कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखा गया पत्र किसी नीतिगत विषय या एसआईआर से संबंधित नहीं था। इसके बावजूद एक कल्पना आधारित कहानी गढ़ी गई। तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए एसआईआर समेत अन्य फैसलों की निष्पक्षता पर सवाल उठाना विपक्ष की हताशा को दर्शाता है। ‘संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना गलत है’ बीजेपी विधायक ने आगे कहा कि फॉर्म-6 में घोषणा पत्र को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसकी वैधता स्पष्ट कर चुका है। विपक्ष लगातार चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। ऐसे में संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय उनका सम्मान किया जाना चाहिए। ‘चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं होता तो दक्षिण भारत में भाजपा जीतती’ एक सवाल के जवाब में विधायक वीरेंद्र कुमार ने कहा कि अगर चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं होता तो दक्षिण भारत के राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम भाजपा के पक्ष में होते। चुनाव आयोग पर लगातार सवाल उठाना उचित नहीं है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया समय-समय पर होती रहती है। जब विपक्ष जनता की अदालत में चुनाव हारता है तो अपनी हताशा निकालने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने लगता है। चुनाव आयोग के स्पष्ट बयान से विपक्ष के आरोपों की हवा निकल गई है। बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे प्रेस वार्ता में भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव, भाजपा के जिला महामंत्री सुनील कुमार गुप्ता, मुकेश कुमार सिंह, जिला उपाध्यक्ष मुकेश कुमार समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। समस्तीपर के रोसड़ा से बीजेपी विधायक वीरेंद्र कुमार ने SIR(स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर विपक्षी दलों पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस-इंडिया गठबंधन लगातार भ्रम और सनसनी फैलाने का काम कर रहे हैं। लगाए गए आरोप तथ्यों पर आधारित नहीं है। चुनाव आयोग के संयुक्त बयान से विपक्ष के आरोपों की वास्तविकता सामने आ गई है। जिला बीजेपी कार्यालय में प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखा गया पत्र किसी नीतिगत विषय या एसआईआर से संबंधित नहीं था। इसके बावजूद एक कल्पना आधारित कहानी गढ़ी गई। तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए एसआईआर समेत अन्य फैसलों की निष्पक्षता पर सवाल उठाना विपक्ष की हताशा को दर्शाता है। ‘संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना गलत है’ बीजेपी विधायक ने आगे कहा कि फॉर्म-6 में घोषणा पत्र को लेकर सुप्रीम कोर्ट पहले ही इसकी वैधता स्पष्ट कर चुका है। विपक्ष लगातार चुनाव आयोग, सुप्रीम कोर्ट और अन्य संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाकर उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास कर रहा है। ऐसे में संवैधानिक संस्थाओं पर बेबुनियाद आरोप लगाने के बजाय उनका सम्मान किया जाना चाहिए। ‘चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं होता तो दक्षिण भारत में भाजपा जीतती’ एक सवाल के जवाब में विधायक वीरेंद्र कुमार ने कहा कि अगर चुनाव आयोग निष्पक्ष नहीं होता तो दक्षिण भारत के राज्यों में हुए विधानसभा चुनावों के परिणाम भाजपा के पक्ष में होते। चुनाव आयोग पर लगातार सवाल उठाना उचित नहीं है। मतदाता सूची के पुनरीक्षण की प्रक्रिया समय-समय पर होती रहती है। जब विपक्ष जनता की अदालत में चुनाव हारता है तो अपनी हताशा निकालने के लिए संवैधानिक संस्थाओं पर आरोप लगाने लगता है। चुनाव आयोग के स्पष्ट बयान से विपक्ष के आरोपों की हवा निकल गई है। बीजेपी के नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे प्रेस वार्ता में भाजपा किसान मोर्चा के जिलाध्यक्ष वीरेंद्र यादव, भाजपा के जिला महामंत्री सुनील कुमार गुप्ता, मुकेश कुमार सिंह, जिला उपाध्यक्ष मुकेश कुमार समेत अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।

