जालोर की ग्राम सेवा सहकारी समिति भेटाला में ग्रामीणों और किसानों ने समिति के व्यवस्थापक और सेल्समैन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। लोगों का कहना है कि व्यवस्थापक डूंगरसिंह और सेल्समैन ओबाराम क्रेडिट कार्ड ऋण की राशि हड़पली और समिति के कार्यों में भी घोर अनियमितता की गई हैं। इस मामले में ग्रामीणों ने गुरूवार को जालोर जिला कलेक्टर डॉ प्रदीप के गवांडे को ज्ञापन भी दिया हैं। केसीसी का पैसा जमा कराया, बैंक में नहीं हुआ ट्रांसफर ग्रामीणों के अनुसार, किसानों ने अपने केसीसी ऋण की राशि समिति के व्यवस्थापक और सेल्समैन के पास विधिवत जमा करवा दी थी, लेकिन आरोप है कि दोनों कर्मचारियों ने यह राशि बैंक में जमा ही नहीं कराई। बैंक में राशि जमा न होने के कारण गरीब किसानों पर बेवजह ब्याज का अतिरिक्त बोझ पड़ रहा है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। 4 महीने से राशन बंद, 12 महीने से व्यवस्थापक गायब शिकायत पत्र में ग्रामीणों ने सोसायटी के संचालन को लेकर कई अन्य गंभीर खुलासे भी किए हैं। उन्होंने बताया कि पिछले 4 महीनों से समिति से मिलने वाले गेहूं का वितरण पूरी तरह बंद है और सोसायटी पर ताला लटका हुआ है। व्यवस्थापक पिछले 1 साल से भी अधिक समय से भेटाला समिति पर नहीं आए हैं। सोसायटी के अंदर ग्रामीणों की बैंक पासबुक, आधार कार्ड और अन्य कई अति-आवश्यक दस्तावेज बंद पड़े हैं, जिनकी लोगों को सख्त जरूरत है। प्रशासन को चेतावनी: ताला तोड़कर निकालेंगे दस्तावेज
इस मामले में ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि दोषी व्यवस्थापक और सेल्समैन के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। किसानों के जरिए जमा कराई गई राशि को तुरंत बैंक में जमा करवाकर उसकी आधिकारिक रसीद ग्रामीणों को दी जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे मजबूरन सोसायटी का ताला तोड़कर अपने आवश्यक दस्तावेज निकालेंगे।

