सुपौल डीएम सावन कुमार गुरुवार को छातापुर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रखंड कार्यालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम ने अस्पताल में डॉक्टरों की उपस्थिति, मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने खुद भी अस्पताल में अपनी स्वास्थ्य जांच कराई और यह देखा कि स्वास्थ्य केंद्र में जांच की व्यवस्था किस तरह संचालित हो रही है। निरीक्षण के दौरान डीएम का मुख्य फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रही ब्लड प्रेशर (बीपी), शुगर और एनीमिया जैसी बीमारियों की जांच और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर रहा। उन्होंने अस्पताल में संचालित गैर-संचारी रोग (एनसीडी) जांच अभियान और एनीमिया उन्मूलन अभियान की प्रगति का जायजा लिया। डायबिटीज के मरीजों की संख्या बढ़ी डीएम सावन कुमार ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में बीपी और डायबिटीज के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में इन बीमारियों की समय पर पहचान के लिए नियमित जांच बेहद जरूरी है। उन्होंने अस्पताल में डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ ही जांच अभियान को और तेज करने का निर्देश दिया। जांच कराने पर 11 मरीज एनीमिक मिले डीएम ने बताया कि एनीमिया को लेकर भारत सरकार की ओर से भी अभियान चलाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में जांच कराने पर 11 मरीज एनीमिक पाए गए। उन्होंने संबंधित डॉक्टरों को निर्देश दिया कि इन मरीजों को आयरन टैबलेट सहित आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही, उनकी नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार हो सके। डीएम ने स्वास्थ्यकर्मियों से ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों की बीपी, शुगर और एनीमिया की जांच कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और बीमारियों की समय रहते पहचान करना प्राथमिकता है। सुपौल डीएम सावन कुमार गुरुवार को छातापुर पहुंचे, जहां उन्होंने प्रखंड कार्यालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का निरीक्षण किया। इस दौरान डीएम ने अस्पताल में डॉक्टरों की उपस्थिति, मरीजों को मिल रही स्वास्थ्य सुविधाओं और विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी ली। उन्होंने खुद भी अस्पताल में अपनी स्वास्थ्य जांच कराई और यह देखा कि स्वास्थ्य केंद्र में जांच की व्यवस्था किस तरह संचालित हो रही है। निरीक्षण के दौरान डीएम का मुख्य फोकस ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ रही ब्लड प्रेशर (बीपी), शुगर और एनीमिया जैसी बीमारियों की जांच और मरीजों को समय पर उपचार उपलब्ध कराने पर रहा। उन्होंने अस्पताल में संचालित गैर-संचारी रोग (एनसीडी) जांच अभियान और एनीमिया उन्मूलन अभियान की प्रगति का जायजा लिया। डायबिटीज के मरीजों की संख्या बढ़ी डीएम सावन कुमार ने बताया कि ग्रामीण इलाकों में बीपी और डायबिटीज के मरीजों की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में इन बीमारियों की समय पर पहचान के लिए नियमित जांच बेहद जरूरी है। उन्होंने अस्पताल में डॉक्टरों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के साथ ही जांच अभियान को और तेज करने का निर्देश दिया। जांच कराने पर 11 मरीज एनीमिक मिले डीएम ने बताया कि एनीमिया को लेकर भारत सरकार की ओर से भी अभियान चलाया जा रहा है। निरीक्षण के दौरान अस्पताल में जांच कराने पर 11 मरीज एनीमिक पाए गए। उन्होंने संबंधित डॉक्टरों को निर्देश दिया कि इन मरीजों को आयरन टैबलेट सहित आवश्यक दवाएं उपलब्ध कराई जाएं। साथ ही, उनकी नियमित निगरानी भी सुनिश्चित की जाए, ताकि मरीजों की स्वास्थ्य स्थिति में सुधार हो सके। डीएम ने स्वास्थ्यकर्मियों से ग्रामीण क्षेत्रों में अधिक से अधिक लोगों की बीपी, शुगर और एनीमिया की जांच कराने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना और बीमारियों की समय रहते पहचान करना प्राथमिकता है।

