कौन हैं कैप्टन स्मित मछार? टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की राह छोड़ ऐसे बने 180 जिंदगियों के रखवाले

कौन हैं कैप्टन स्मित मछार? टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की राह छोड़ ऐसे बने 180 जिंदगियों के रखवाले

Who is Captain Smit Machchhar: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 में जान पर खेलकर 180 यात्रियों की रक्षा करने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मछार इस समय दुनिया भर में चर्चा में बने हुए हैं। खास बात यह है कि उन्होंने शुरुआत में टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी, लेकिन 19 साल की उम्र में एक एविएशन सेमिनार के बाद उनका करियर पूरी तरह बदल गया। न्यूजीलैंड में पायलट ट्रेनिंग लेने के बाद उन्होंने बोइंग 737 पर 13 साल से ज्यादा का अनुभव हासिल किया और करीब 9,750 घंटे उड़ान भरी है।

गुजरात के नगर ब्राह्मण परिवार से संबंध, भाई भी हैं पायलट

कैप्टन स्मित मछार मूल रूप से गुजरात के एक नगर ब्राह्मण परिवार से आते हैं। उनके परिवार का मुख्य पेशा टेक्सटाइल बिजनेस से जुड़ा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि इस परिवार से सिर्फ स्मित ही नहीं, बल्कि उनके भाई भी पायलट हैं। उनके भाई भी फ्लाईदुबई एयरलाइन में ही पायलट के तौर पर काम करते हैं। पारिवारिक पृष्ठभूमि कारोबारी होने के बावजूद दोनों भाइयों ने एविएशन सेक्टर को अपना करियर चुना।

टेक्सटाइल इंजीनियरिंग से पायलट बनने तक का सफर

कई लोग बचपन से ही पायलट बनने का सपना देखते हैं, लेकिन स्मित का सफर थोड़ा अलग रहा। स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने टेक्सटाइल इंजीनियरिंग के कोर्स में एडमिशन लिया और इसके बाद बिजनेस मैनेजमेंट की पढ़ाई की। हालांकि, जब वह 19 साल के थे, तब उन्होंने एक एविएशन सेमिनार में हिस्सा लिया। इस सेमिनार के बाद उनके मन में पायलट बनने की इच्छा जगी। जब उन्होंने पिता के सामने अपनी इच्छा रखी, तो पिता ने भी पूरा समर्थन देते हुए उन्हें आगे बढ़ने का रास्ता तलाशने के लिए कहा।

न्यूजीलैंड से ली ट्रेनिंग, स्पाइसजेट से फ्लाईदुबई तक का सफर

पायलट बनने के सपने को पूरा करने के लिए स्मित न्यूजीलैंड गए। वहां उन्होंने काफी मेहनत करके पायलट की ट्रेनिंग पूरी की। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत उन्होंने साल 2011 में भारतीय एयरलाइन स्पाइसजेट से की। स्पाइसजेट में करीब 11 साल तक सेवाएं देने के दौरान उन्होंने सीनियर कमांडर और लाइन ट्रेनिंग कैप्टन जैसी जिम्मेदारियां निभाई। इसके बाद जून 2022 में वह यूएई की सरकारी एयरलाइन फ्लाईदुबई से ‘डायरेक्ट एंट्री कैप्टन’ के रूप में जुड़े।

9,750 घंटे से ज्यादा की सुरक्षित उड़ान और 13 साल का अनुभव

कैप्टन स्मित मछार के पास बोइंग 737 फ्लीट पर 13 साल से भी ज्यादा का कमर्शियल फ्लाइंग अनुभव है। उन्होंने 9,750 से अधिक घंटे की सुरक्षित उड़ान दर्ज की है। भारत में बोइंग 737 मैक्स विमानों को लाने वाले पायलटों के शुरुआती बैच में भी वह शामिल रहे हैं। फ्लाइट में किसी भी तरह की परेशानी या इमरजेंसी होने पर यात्रियों को सही जानकारी देना और बिना किसी गलती के प्लेन संभालना उनकी सबसे बड़ी ताकत रही है।

यात्रियों की जान बचाने के लिए डटे रहें

दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाइट FZ1073 में उड़ान के दौरान कथित तौर पर एक सह-पायलट ने विमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की। इसके बाद कॉकपिट में दोनों के बीच संघर्ष हुआ, जिसमें कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें चाकू भी लगा। इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत नहीं छोड़ी और यात्रियों की सुरक्षा के लिए डटे रहे। बाद में क्रू मेंबर्स और यात्रियों की मदद से स्थिति पर काबू पाया गया।

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