Captain Smit Machchhar : तेल अवीव। इजराइल के राष्ट्रपति इसाक हर्जोग ने दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान में जान पर खेलकर 180 यात्रियों की रक्षा करने वाले चार यात्रियों को राष्ट्रपति का नागरिक वीरता पदक देने की सिफारिश करने की घोषणा की है। उन्होंने भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार के साहस की भी सराहना की। राष्ट्रपति ने कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन स्मित ने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्रियों और अन्य चालक दल के सदस्यों को हमलावर को काबू करने में मदद मिली।
हर्जोग ने चार यात्रियों यिनोन हायोन, त्ज्विका मैंस, असफ रेगुआन और डॉ. शोटा मोसियाश्विली से फोन पर बात की। उन्होंने उन्हें बताया कि असाधारण साहस दिखाने के लिए उन्हें राष्ट्रपति के नागरिक वीरता पदक से सम्मानित करने की सिफारिश करने का उनका इरादा है।
कैप्टन स्मित को कहा- दिल से धन्यवाद
इजराइली राष्ट्रपति ने कहा कि घटना के दौरान कई अन्य लोगों ने भी साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। इनमें ताली मैंस, वैकल्पिक पायलट और भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार शामिल हैं। ताली मैंस ने कॉकपिट से आवाजें सुनकर आसपास के लोगों को सतर्क किया। वहीं, वैकल्पिक पायलट कॉकपिट में पहुंचे और विमान के उतरने तक उड़ान को संभाला।
हर्जोग ने कैप्टन स्मित के लिए कहा कि उन्होंने अपनी बची हुई ताकत से कॉकपिट का दरवाजा खोला और हमलावर को काबू करने में मदद का रास्ता बनाया। उन्होंने कहा कि कैप्टन स्मित मच्छार, आपके साहस, दृढ़ संकल्प और उन कार्यों के लिए दिल से धन्यवाद, जिनसे कई लोगों की जान बची। मैं आपके पूरी तरह स्वस्थ होने और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं। इजराइल आपका बहुत आभारी है।
चार यात्रियों ने दिखाई असाधारण बहादुरी
राष्ट्रपति हर्जोग ने कहा कि विमान में मौजूद यात्रियों और चालक दल ने एक-दूसरे की मदद करते हुए साहस दिखाया और बड़ी त्रासदी को टालने में योगदान दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें इजराइली समाज के इन साहसी लोगों पर गर्व है। पदक देने की सिफारिश राष्ट्रपति के नागरिक वीरता पदक की सलाहकार समिति के सामने रखी जाएगी। इस समिति की अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायाधीश करते हैं।
विमान में हुआ था कॉकपिट पर हमला
यह घटना फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड-1073 में हुई थी। विमान दुबई से तेल अवीव जा रहा था। कॉकपिट में हुए विवाद के दौरान कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के अन्य सदस्यों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू करने में मदद की।
नेतन्याहू ने भी बताया था अद्भुत साहस
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी कैप्टन स्मित के साहस की प्रशंसा की। उन्होंने बताया कि विमान के नीचे की ओर तेजी से जाने के दौरान कैप्टन स्मित गंभीर रूप से घायल और खून से लथपथ थे। इसके बावजूद उन्होंने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफलता हासिल की। नेतन्याहू के अनुसार, इजराइली यात्री यानिव हायोन इसके बाद कॉकपिट की ओर दौड़े। उन्होंने हमलावर पायलट को पीछे से पकड़ा और पायलट की सीट पर पहुंचकर विमान को संभाला। दो अन्य यात्रियों ने हमलावर को काबू करने में मदद की। इसके बाद अतिरिक्त चालक दल के सदस्य कॉकपिट में पहुंचे और विमान को स्थिर करने में मदद की। नेतन्याहू ने हायोन के हवाले से कहा कि विमान में परिवार और अन्य यात्री सवार थे, इसलिए उन्हें कार्रवाई करनी पड़ी। उन्होंने इसे ऐसी बहादुरी बताया, जिससे वैश्विक स्तर की बड़ी त्रासदी टल गई।

