कसरावद में आयोजनों के दौरान तेज आवाज में डीजे बजाने पर रोक की मांग उठी है। सर्व समाज के लोगों ने बुधवार दोपहर एसडीएम अनिल जैन से मुलाकात की। सभी ने ध्वनि प्रदूषण पर रोक लगाने और नियमों का पालन कराने की मांग की। प्रतिनिधियों ने कहा कि तेज आवाज से बुजुर्गों, बच्चों, विद्यार्थियों और आम लोगों को परेशानी होती है। पाटीदार समाज के अध्यक्ष राजेंद्र पाटीदार ने कहा कि अनंत चतुर्दशी के जुलूस में 57 वाहनों पर 10 से ज्यादा डीजे तेज आवाज में बजाए गए थे। इससे लोगों को परेशानी हुई। उन्होंने कहा कि आयोजनों में डीजे की आवाज तय सीमा में रखी जानी चाहिए, ताकि आम लोगों को परेशानी न हो। ध्वनि सीमा के नियम लागू कराने की मांग सर्व समाज के प्रतिनिधियों ने मांग की कि आयोजनों में ध्वनि सीमा और समय से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए। नियमों का उल्लंघन करने वाले आयोजकों, डीजे संचालकों और अन्य जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए। प्रतिनिधियों ने रात के समय ध्वनि प्रदूषण से जुड़े नियमों का भी सख्ती से पालन कराने की मांग की। साथ ही, आयोजकों को पहले से निर्देश देने और पुलिस-प्रशासन की ओर से निगरानी रखने की बात कही। एसडीएम अनिल जैन ने कहा कि तेज आवाज का स्वास्थ्य पर असर पड़ता है। उन्होंने कहा कि ध्वनि प्रदूषण के नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

