जोधपुर एयरबेस से एक साथ उड़े सुखोई और राफेल:28 देशों ने देखी मेक इन इंडिया की ताकत, देखिए ‘तरंग शक्ति’ युद्धाभ्यास की तस्वीरें

जोधपुर एयरबेस से एक साथ उड़े सुखोई और राफेल:28 देशों ने देखी मेक इन इंडिया की ताकत, देखिए ‘तरंग शक्ति’ युद्धाभ्यास की तस्वीरें

जोधपुर में चल रहे ‘तरंग शक्ति-2026’ युद्धाभ्यास में फ्रांस के एयरबस A400M राफेल और MRTT विमान ने उड़ान भरी। भारतीय फाइटर जेट सुखोई ने फ्रांस के फाइटर जेट राफेल को लीड किया। अभ्यास के दौरान सबसे आगे सुखोई और पीछे फ्रांस के राफेल विमान रहे। 12 अक्टूबर तक चलने वाले वायुसेना के इस युद्धाभ्यास में 8 देश हिस्सा ले रहे हैं। इसमें राफेल, एफ-35 जेट और तेजस फाइटर जेट के अलावा ट्रांसपोर्ट विमान भी हिस्सा ले रहे हैं। फ्रांसीसी विमानों की यह टुकड़ी बहुराष्ट्रीय सैन्य अभ्यास में महत्वपूर्ण कॉम्बैट क्षमता और भारी-भरकम एयरलिफ्ट क्षमता जोड़ रही है। ये विमान भारतीय वायुसेना और दुनिया के अन्य साझेदार देशों की वायुसेनाओं के साथ मिलकर जटिल और बड़े पैमाने पर हवाई अभियानों में हिस्सा ले रहे हैं। तरंग शक्ति युद्धाभ्यास की तस्वीरें— 28 देशों के प्रतिनिधिमंंडल ने किया भारतीय डिफेंस कंपनियों का दौरा भारतीय वायुसेना के बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास तरंग शक्ति 2026 के तहत भाग लेने वाले देशों के पर्यवेक्षकों ने बेंगलुरु स्थित भारत की दिग्गज डिफेंस कंपनियों का दौरा किया और मेक इन इंडिया की ताकत को करीब से जाना। इसमें भारत के कई मित्र देशों से 28 से ज्यादा पर्यवेक्षक शामिल हुए। इन देशों में इंडोनेशिया, थाईलैंड, ब्राजील, पेरू, अल्जीरिया, नाइजीरिया, आइवरी कोस्ट और मालदीव समेत अन्य देश शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल ने हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL), भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) और नेशनल एयरोस्पेस लेबोरेटरीज (NAL) का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने भारत की स्वदेशी एयरोस्पेस, रक्षा और उन्नत तकनीकी क्षमताओं को करीब से समझा। इस दौरे से भारत के तेजी से विकसित हो रहे रक्षा-औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र को करीब से जानने का अवसर मिला। साथ ही, यह यात्रा पेशेवर संवाद, आपसी सीख और साझेदार देशों के साथ संबंधों को और मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बनी। इन तीन प्रमुख रक्षा संस्थानों में पहुंची विदेशी टीम हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL): विदेशी अफसरों ने यहां देश के लड़ाकू विमान तेजस और स्वदेशी अटैक हेलीकॉप्टर प्रचंड की असेंबली लाइन देखी। HAL ने अफसरों को दिखाया कि कैसे भारत पूरी तरह स्वदेशी स्तर पर फाइटर जेट्स और हेलीकॉप्टर्स तैयार कर रहा है। 2. भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL): यहां प्रतिनिधिमंडल को भारतीय सेनाओं के लिए तैयार किए जा रहे आधुनिक राडार सिस्टम, मिसाइल डिफेंस गाइडेंस और कॉकपिट इलेक्ट्रॉनिक्स की तकनीक समझाई गई। 3. नेशनल एयरोस्पेस लैबोरेटरीज (NAL): NAL में वैज्ञानिकों ने विदेशी मेहमानों को एयरोस्पेस रिसर्च, हल्के कंपोजिट मटेरियल यानी लाइटवेट मटेरियल और सरस एयरक्राफ्ट प्रोजेक्ट की प्रगति दिखाई। क्यों अहम है यह दौरा रक्षा विशेषज्ञों के मुताबिक, इस औद्योगिक दौरे का मकसद सिर्फ युद्धाभ्यास तक सीमित रहना नहीं है, बल्कि मित्र राष्ट्रों के सामने भारतीय हथियारों और रक्षा उपकरणों की क्षमता साबित करना है। इससे आने वाले दिनों में भारतीय रक्षा उत्पादों के निर्यात (एक्सपोर्ट) और विदेशी सहयोग को नई रफ्तार मिलेगी।
— ये खबर भी पढ़ें… पहली बार एक साथ उड़े तेजस और F-35 फाइटर विमान:जापानी एयरबेस से आए अमेरिकी जेट, जोधपुर में ‘तरंग शक्ति’ युद्धाभ्यास की 10 तस्वीरें जोधपुर में चल रहे ‘तरंग शक्ति-2026’ युद्धाभ्यास में भारत के स्वदेशी विमान तेजस और दुनिया के सबसे आधुनिक फाइटर जेट F-35ए ने एक साथ उड़ान भरी। भारत में दोनों विमानों की एक साथ यह पहली उड़ान है। अमेरिका के एफ-35ए भारत में पहली बार युद्धाभ्यास में शामिल हो रहे हैं। 6 फाइटर जेट जापान में स्थित अमेरिका के एयरबेस से जोधपुर आए हैं। (पूरी खबर पढ़ें)

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