भवना एस्टेट रोड पर इस बार जनकपुरी महोत्सव के लिए तैयार हो रहा जनक महल भव्यता के साथ-साथ स्थापत्य कला और आधुनिक तकनीक का अनूठा संगम नजर आएगा। श्रीराम-जानकी और चारों भाइयों की अगवानी के लिए तैयार किए जा रहे जनक महल को नेपाल शैली में आकार दिया जा रहा है। महल के झरोखों और बालकनी में जोधपुरी स्थापत्य की झलक दिखाई देगी, वहीं बंगाल से मंगाई गई विशेष लाइटिंग रात में पूरे परिसर को आकर्षक रोशनी से जगमगाएगी। जनक महल का निर्माण कावेरी कौस्तुंभ अपार्टमेंट के पास विशाल परिसर में तेजी से चल रहा है। कोलकाता और बंगाल से आए कारीगर दिन-रात महल को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। करीब 62 कारीगर निर्माण और सजावट के काम में लगे हैं। इस बार जनक मंच करीब 300 फीट लंबा और 150 फीट चौड़ा तैयार किया जा रहा है। बिना पिलर का होगा मुख्य मंच, 60 फीट ऊंचाई से होंगे दर्शन श्रद्धालुओं को दूर से भी भगवान के सहज दर्शन हो सकें, इसके लिए मुख्य मंच को विशेष तकनीक से तैयार किया जा रहा है। जनक महल का मुख्य मंच कैंटिलीवर की तर्ज पर बिना पिलर बनाया जा रहा है। मंच के बीच में कोई खंभा नहीं होगा, जिससे श्रद्धालुओं की दर्शन व्यवस्था में बाधा न आए। मुख्य मंच की ऊंचाई करीब 60 फीट होगी। मंच पर फोकस लाइट की विशेष व्यवस्था रहेगी। निर्माण में करीब 6000 बल्लियों और 3000 आयरन ट्रस का इस्तेमाल किया जा रहा है। लकड़ी, कपड़े और रोड आयरन से महल की संरचना तैयार की जा रही है। आयोजन समिति के अनुसार निर्माण में प्लास्टिक का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। नेपाल शैली के महल में दिखेगी जोधपुर की झलक जनक महल की वास्तुशैली इस बार खास आकर्षण का केंद्र होगी। महल को नेपाल शैली में तैयार किया जा रहा है, जबकि इसके झरोखों और बालकनी में राजस्थान के जोधपुर की स्थापत्य शैली दिखाई देगी। बंगाल से आए कारीगर नक्काशी और सजावट के काम को अंतिम रूप दे रहे हैं। महल की रोशनी के लिए बंगाल से विशेष लाइटिंग मंगाई गई है। रात में विशेष प्रकाश व्यवस्था के जरिए महल को इस तरह रोशन किया जाएगा कि इसकी भव्यता दूर से ही दिखाई दे। महल तक पहुंचने वाले मार्गों पर भी तेजी से चल रहा काम जनक महल के साथ ही महल की ओर आने वाले मार्गों को भी तैयार करने का काम तेजी से चल रहा है। कई मार्गों पर दोबारा निर्माण और मरम्मत का काम कराया जा रहा है। कुछ मार्गों का काम पूरा हो चुका है, जबकि अन्य मार्गों पर निर्माण कार्य जारी है। तैयार हो चुके मार्गों पर सजावट शुरू कर दी गई है। वहीं जिन मार्गों पर निर्माण चल रहा है, वहां काम पूरा होते ही सजावट की जाएगी। आयोजन को देखते हुए महल की ओर आने वाले पूरे क्षेत्र को सजाने की तैयारी है, ताकि श्रद्धालुओं को महल तक पहुंचने के दौरान भी उत्सव का माहौल महसूस हो। तीन मंचों पर होंगे अलग-अलग कार्यक्रम जनक महल परिसर में तीन अलग-अलग मंच तैयार किए जा रहे हैं। मुख्य मंच पर भगवान के स्वरूप विराजमान होंगे। दूसरे मंच पर सम्मान समारोह आयोजित किए जाएंगे, जबकि तीसरे मंच पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुतियां होंगी। इसके अलावा नील फ्लोरेंस के पास होने वाले प्रतिदिन के सांस्कृतिक कार्यक्रमों के लिए भी अलग मंच तैयार किया जा रहा है। राम-जानकी के साथ राजा दशरथ और राजा जनक के होंगे दर्शन जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के अध्यक्ष राजू यादव के अनुसार मुख्य मंच पर चारों भाइयों के स्वरूप, माता जानकी, ऋषि-मुनियों के साथ राजा दशरथ और राजा जनक अपनी रानियों के साथ विराजमान होंगे। एक ही मंच पर रामायण के प्रमुख पात्रों के स्वरूप श्रद्धालुओं के दर्शन के लिए मौजूद रहेंगे। 6 अक्टूबर को माता सीता का डोला नगर भ्रमण करेगा। इसके बाद 7, 8 और 9 अक्टूबर को जनक महल से श्रद्धालुओं को भगवान के दिव्य स्वरूपों के दर्शन होंगे। 2000 श्रद्धालुओं के लिए नीचे व्यवस्था, 600 की वीआईपी गैलरी श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए जनक महल परिसर में नीचे करीब 2000 लोगों के बैठने और दर्शन की व्यवस्था की जा रही है। इसके अलावा करीब 600 लोगों के लिए अलग वीआईपी गैलरी तैयार की जा रही है, जहां सोफे पर बैठने की व्यवस्था रहेगी। प्रशासनिक अधिकारियों, मजिस्ट्रेट, मंत्री, मीडिया, श्रीरामलीला कमेटी और जनकपुरी महोत्सव आयोजन समिति के लिए सात अलग-अलग ब्लॉक बनाए जा रहे हैं। जनक महल के पास के पास वाले लोगों को इन्हीं ब्लॉकों में बैठाने की व्यवस्था रहेगी। प्रवेश के लिए बैरिकेडिंग की जाएगी, जबकि निकासी की व्यवस्था बाबा नीब करौली मंदिर के पास से की जा रही है। बारिश में भी श्रद्धालुओं को नहीं होगी परेशानी पूरे जनक महल परिसर को प्लाई के प्लेटफॉर्म पर तैयार किया जा रहा है। प्लेटफॉर्म जमीन से करीब एक फुट ऊंचा रहेगा। इससे बारिश के दौरान जलभराव और कीचड़ की समस्या से श्रद्धालुओं को राहत मिलने की उम्मीद है। 40 से ज्यादा एलईडी स्क्रीन पर भी होंगे दर्शन महल परिसर और आसपास आने वाले श्रद्धालुओं को चलते-फिरते भी भगवान के दर्शन हो सकें, इसके लिए 40 से अधिक एलईडी स्क्रीन लगाने की तैयारी है। इन स्क्रीन पर मंचीय कार्यक्रमों का सीधा प्रसारण किया जाएगा। भवना एस्टेट रोड पर यथार्थ हॉस्पिटल से राम रघु आनंद तक के क्षेत्र को नो-होर्डिंग जोन घोषित किया गया है। यहां प्रचार-प्रसार वाले होर्डिंग नहीं लगाए जाएंगे। दिन-रात जुटे हैं कारीगर, अंतिम रूप देने में तेजी जनक महल की बारीक कारीगरी, नक्काशी, झरोखे, बालकनी और लाइटिंग को अंतिम रूप देने का काम तेजी से चल रहा है। बंगाल से आए कारीगर महल को विशेष स्वरूप देने में जुटे हैं। निर्माण के साथ-साथ आसपास के मार्गों की तैयारियों और सजावट का काम भी लगातार आगे बढ़ रहा है। आयोजन समिति का लक्ष्य है कि महोत्सव शुरू होने से पहले जनक महल से लेकर आसपास के सभी प्रमुख मार्गों को पूरी तरह तैयार कर सजाया जाए, ताकि राम-जानकी की अगवानी के दौरान पूरा क्षेत्र भव्य और आकर्षक नजर आए।

