गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से चंपारण तटबंध टूटा:बेतिया के निचले इलाकों में तेजी से फैल रहा पानी, NDRF की 30 सदस्यीय टीम मौके पर तैनात

गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से चंपारण तटबंध टूटा:बेतिया के निचले इलाकों में तेजी से फैल रहा पानी, NDRF की 30 सदस्यीय टीम मौके पर तैनात

पश्चिम चंपारण जिले के बैरिया प्रखंड में मंगलवार आधी रात करीब 2 बजे चंपारण तटबंध टूट गया। गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से यह हादसा हुआ। तटबंध टूटने के बाद पानी तेजी से निचले इलाकों में फैलने लगा, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। फुलियाखांड़ पंचायत के वार्ड संख्या पांच के पास तटबंध में पहले से रिसाव हो रहा था। रात में पानी का दबाव बढ़ने से यह टूट गया। ग्रामीणों ने तुरंत जल संसाधन विभाग को सूचना दी, लेकिन टीम के पहुंचने तक तटबंध का बड़ा हिस्सा ढह चुका था। तेज बहाव के कारण मरम्मत का काम तुरंत शुरू नहीं हो पाया। समय पर मरम्मत नहीं होने से तटबंध टूटा तटबंध टूटने से फुलियाखांड़, श्यामपुर और शिवराजपुर समेत दर्जनों गांवों में चिंता बढ़ गई है। पानी खेतों और निचले इलाकों में तेजी से फैल रहा है। इससे लोगों को आने-जाने, जानवरों को सुरक्षित जगह ले जाने और जरूरी सामान बचाने की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर रिसाव की मरम्मत होती तो यह हादसा टाला जा सकता था। NDRF की 30 सदस्यीय टीम मौके पर तैनात संभावित स्थिति को देखते हुए एनडीआरएफ की 30 सदस्यीय टीम को मौके पर तैनात किया गया है। टीम को आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य के लिए तैयार रखा गया है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है। बच्चों, बुजुर्गों और अन्य संवेदनशील लोगों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन नहीं करने तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। अफवाहों से बचने की भी हिदायत दी गई है। आपात स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष के नंबर 06254-247002 और 06254-247003 पर संपर्क किया जा सकता है। पश्चिम चंपारण जिले के बैरिया प्रखंड में मंगलवार आधी रात करीब 2 बजे चंपारण तटबंध टूट गया। गंडक नदी का जलस्तर बढ़ने से यह हादसा हुआ। तटबंध टूटने के बाद पानी तेजी से निचले इलाकों में फैलने लगा, जिससे बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। फुलियाखांड़ पंचायत के वार्ड संख्या पांच के पास तटबंध में पहले से रिसाव हो रहा था। रात में पानी का दबाव बढ़ने से यह टूट गया। ग्रामीणों ने तुरंत जल संसाधन विभाग को सूचना दी, लेकिन टीम के पहुंचने तक तटबंध का बड़ा हिस्सा ढह चुका था। तेज बहाव के कारण मरम्मत का काम तुरंत शुरू नहीं हो पाया। समय पर मरम्मत नहीं होने से तटबंध टूटा तटबंध टूटने से फुलियाखांड़, श्यामपुर और शिवराजपुर समेत दर्जनों गांवों में चिंता बढ़ गई है। पानी खेतों और निचले इलाकों में तेजी से फैल रहा है। इससे लोगों को आने-जाने, जानवरों को सुरक्षित जगह ले जाने और जरूरी सामान बचाने की चुनौती का सामना करना पड़ सकता है। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर रिसाव की मरम्मत होती तो यह हादसा टाला जा सकता था। NDRF की 30 सदस्यीय टीम मौके पर तैनात संभावित स्थिति को देखते हुए एनडीआरएफ की 30 सदस्यीय टीम को मौके पर तैनात किया गया है। टीम को आपात स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य के लिए तैयार रखा गया है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित एवं ऊंचे स्थानों पर जाने की अपील की है। बच्चों, बुजुर्गों और अन्य संवेदनशील लोगों को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने को कहा गया है। प्रशासन ने लोगों से प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवागमन नहीं करने तथा केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की अपील की है। अफवाहों से बचने की भी हिदायत दी गई है। आपात स्थिति में जिला नियंत्रण कक्ष के नंबर 06254-247002 और 06254-247003 पर संपर्क किया जा सकता है।  

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