NH किनारे कचरा डालने पहुंचीं नप की गाड़ियां लौटाईं:मधेपुरा में मदनपुर पुल के पास दुर्गंध से परेशान ग्रामीणों ने रोका, EO के साथ हुई बहस

NH किनारे कचरा डालने पहुंचीं नप की गाड़ियां लौटाईं:मधेपुरा में मदनपुर पुल के पास दुर्गंध से परेशान ग्रामीणों ने रोका, EO के साथ हुई बहस

मधेपुरा-पूर्णिया NH-107 पर मदनपुर पुल के पास कचरा डंप करने पहुंची नगर परिषद की गाड़ियों को ग्रामीणों ने रोक दिया। ग्रामीणों का कहना है कि इस जगह खुले में कचरा गिराने का वे लोग पहले भी विरोध कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद नगर परिषद की गाड़ियां दोबारा कचरा लेकर पहुंच गईं। ग्रामीणों के विरोध के कारण गाड़ियों को बिना कचरा गिराए वापस लौटना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से NH किनारे कचरा डंप किए जाने से आसपास के इलाके में गंदगी और दुर्गंध की समस्या बनी हुई है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि कचरा डंपिंग स्थल के पास अस्पताल और आबादी है। सड़क से गुजरने वाले लोगों को भी दुर्गंध का सामना करना पड़ता है। डंपिंग को लेकर ग्रामीणों और EO में हुई बहस ग्रामीणों ने कहा कि गांव के आसपास कचरा डंप नहीं होने देंगे। विरोध की सूचना पर नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी तान्या कुमारी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की। इस दौरान कचरा डंपिंग को लेकर ग्रामीणों और ईओ के बीच तीखी बहस भी हुई। ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। भर्राही थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों के बीच बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित किया। विरोध के दौरान NH पर कुछ समय के लिए जाम की स्थिति भी बनी। मौके से आई तस्वीरें….. ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने की मांग स्थानीय अंजना यादव ने बताया कि उन्होंने एक दिन पहले भी ईओ को फोन कर कचरे से निकल रही दुर्गंध की समस्या बताई थी। उन्होंने कचरा गिराने का काम रोकने और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने की मांग की थी। उनका कहना था कि सड़क से कुछ दूरी पर रास्ता बनाकर कचरा डंप करने की व्यवस्था की जा सकती है। वहीं, मदनपुर निवासी निरंजन यादव ने कहा कि करीब एक साल से सुबह और रात के समय यहां कचरा लाकर गिराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क से गुजरने पर इतनी दुर्गंध आती है कि लोगों को परेशानी होती है। उनके अनुसार कचरा डंपिंग स्थल के पास अस्पताल है और बच्चे भी इसी रास्ते से पढ़ने के लिए जाते हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि यहां कचरा गिराना बंद नहीं किया गया तो वे आंदोलन करेंगे। डंपिंग यार्ड बनने तक नहीं गिराने दिया जाएगा कचरा ग्रामीणों के अनुसार करीब तीन महीने पहले नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी तान्या कुमारी ने बुधमा में कचरा डंपिंग यार्ड बनाने की बात कही थी। उन्होंने करीब डेढ़ से दो महीने में डंपिंग यार्ड तैयार होने की बात कही थी। लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी डंपिंग यार्ड तैयार नहीं हुआ है। इसी वजह से नगर परिषद के सामने कचरा निस्तारण की समस्या बनी हुई है। कचरा लेकर वाहन मदनपुर के पास पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्थायी डंपिंग यार्ड बनने तक यहां कचरा नहीं गिराने दिया जाएगा। मधेपुरा-पूर्णिया NH-107 पर मदनपुर पुल के पास कचरा डंप करने पहुंची नगर परिषद की गाड़ियों को ग्रामीणों ने रोक दिया। ग्रामीणों का कहना है कि इस जगह खुले में कचरा गिराने का वे लोग पहले भी विरोध कर चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद नगर परिषद की गाड़ियां दोबारा कचरा लेकर पहुंच गईं। ग्रामीणों के विरोध के कारण गाड़ियों को बिना कचरा गिराए वापस लौटना पड़ा। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से NH किनारे कचरा डंप किए जाने से आसपास के इलाके में गंदगी और दुर्गंध की समस्या बनी हुई है। इससे संक्रमण फैलने का खतरा है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि कचरा डंपिंग स्थल के पास अस्पताल और आबादी है। सड़क से गुजरने वाले लोगों को भी दुर्गंध का सामना करना पड़ता है। डंपिंग को लेकर ग्रामीणों और EO में हुई बहस ग्रामीणों ने कहा कि गांव के आसपास कचरा डंप नहीं होने देंगे। विरोध की सूचना पर नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी तान्या कुमारी मौके पर पहुंचीं। उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की। इस दौरान कचरा डंपिंग को लेकर ग्रामीणों और ईओ के बीच तीखी बहस भी हुई। ग्रामीण अपनी मांग पर अड़े रहे। भर्राही थानाध्यक्ष पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों पक्षों के बीच बातचीत कर स्थिति को नियंत्रित किया। विरोध के दौरान NH पर कुछ समय के लिए जाम की स्थिति भी बनी। मौके से आई तस्वीरें….. ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव करने की मांग स्थानीय अंजना यादव ने बताया कि उन्होंने एक दिन पहले भी ईओ को फोन कर कचरे से निकल रही दुर्गंध की समस्या बताई थी। उन्होंने कचरा गिराने का काम रोकने और ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव कराने की मांग की थी। उनका कहना था कि सड़क से कुछ दूरी पर रास्ता बनाकर कचरा डंप करने की व्यवस्था की जा सकती है। वहीं, मदनपुर निवासी निरंजन यादव ने कहा कि करीब एक साल से सुबह और रात के समय यहां कचरा लाकर गिराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क से गुजरने पर इतनी दुर्गंध आती है कि लोगों को परेशानी होती है। उनके अनुसार कचरा डंपिंग स्थल के पास अस्पताल है और बच्चे भी इसी रास्ते से पढ़ने के लिए जाते हैं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि यहां कचरा गिराना बंद नहीं किया गया तो वे आंदोलन करेंगे। डंपिंग यार्ड बनने तक नहीं गिराने दिया जाएगा कचरा ग्रामीणों के अनुसार करीब तीन महीने पहले नगर परिषद की कार्यपालक पदाधिकारी तान्या कुमारी ने बुधमा में कचरा डंपिंग यार्ड बनाने की बात कही थी। उन्होंने करीब डेढ़ से दो महीने में डंपिंग यार्ड तैयार होने की बात कही थी। लेकिन निर्धारित समय बीतने के बाद भी डंपिंग यार्ड तैयार नहीं हुआ है। इसी वजह से नगर परिषद के सामने कचरा निस्तारण की समस्या बनी हुई है। कचरा लेकर वाहन मदनपुर के पास पहुंच रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि स्थायी डंपिंग यार्ड बनने तक यहां कचरा नहीं गिराने दिया जाएगा।  

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