forced deportation Ukrainian kids Russia: यूरोपीय संघ ने सोमवार को रूस के खिलाफ सख्त कदम उठाया है। यूक्रेनी बच्चों को जबरदस्ती रूस उठाकर ले जाने में शामिल लोगों और संगठनों पर प्रतिबंध लगा दिए गए हैं। यह फैसला उन बच्चों के लिए आया है जिन्हें उनके घर से दूर ले जाकर रूसी सोच सिखाने की कोशिश की जा रही है।
यूरोपीय परिषद के अनुसार ये बच्चे न सिर्फ रूस भेजे जा रहे हैं बल्कि उन्हें वहां के कैंपों में रखा जा रहा है। इसका मकसद साफ है। उन बच्चों को रूसी पक्ष की कहानियां सुनाकर, उनकी सोच को किसी तरह से अपने पक्ष में बदलना है।
उत्तर कोरिया का संगठन में भी ऐसे में काम में शामिल
ऐसा करने में मॉस्को का सिटी टूरिज्म कमेटी भी शामिल है। साथ ही रूस के कई बच्चों के कैंप और खेल कैंप भी सूची में हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उत्तर कोरिया का सांगडोवान इंटरनेशनल चिल्ड्रन कैंप भी इसमें नामजद है। वहां भी यूक्रेनी बच्चों को ले जाकर रूसी विचारधारा फैलाने का काम हो रहा है।
10 लोगों और 17 संगठनों पर लगी रोक
यूरोपीय देशों ने कुल 10 व्यक्तियों और 17 संगठनों पर प्रतिबंध लगाए हैं। इन पर आरोप है कि वे यूक्रेनी बच्चों के गैरकानूनी तरीके से रूस भेजने में सीधे शामिल रहे।
ये प्रतिबंध संपत्ति जब्त करने और यात्रा पर रोक लगाने जैसे कदमों के रूप में लागू होंगे। यूरोपीय संघ का कहना है कि यह कदम बच्चों के अधिकारों की रक्षा के लिए जरूरी था। युद्ध के दौरान बच्चों को उनके परिवार से अलग करना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है।
कैंपों में क्या हो रहा है?
रूस के अंदर कई बच्चों के शिविर और खेल शिविर इन गतिविधियों से जुड़े पाए गए। इनमें बच्चों को न सिर्फ रखा जा रहा है बल्कि उन्हें रूसी संस्कृति और राजनीतिक सोच सिखाने की कोशिश की जा रही है।
उत्तर कोरिया के कैंप का जिक्र इसलिए खास है क्योंकि वहां बच्चों को दूसरे देश में ले जाकर यह काम हो रहा है। यूरोपीय परिषद ने साफ कहा कि इन जगहों पर बच्चों को प्रो-रशियन नजरिया अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।


Ukraine struck targets in six Russian regions and in the Black Sea — Zelensky