कानपुर में कच्चा मकान ढहा, दंपति और 6 बच्चे दबे:भोर में हादसा होने से पूरा परिवार दबा, ग्रामीणों ने रेस्क्यू करके बाहर निकाला

कानपुर में कच्चा मकान ढहा, दंपति और 6 बच्चे दबे:भोर में हादसा होने से पूरा परिवार दबा, ग्रामीणों ने रेस्क्यू करके बाहर निकाला

कानपुर में बारिश के चलते सोमवार भोर को सचेंडी कैंधा नयापुरवा गांव में कच्चे मकान की दीवार गिर गई। हादसे में एक ही परिवार के दंपति समेत छह बच्चे दीवार के मलबे में दब गए। चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और खुद ही रेस्क्यू करके सभी को बाहर निकाला और एंबुलेंस की मदद से सभी को कल्याणपुर सीएचसी में एडमिट कराया। यहां पर दंपति समेत दो लोगों की हालत गंभीर होने पर हैलट रेफर कर दिया गया। दंपति ने बताया कि उन्होंने कई बार पीएम आवास के लिए प्रधान और विधायक के यहां चक्कर काटे लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस वजह से पूरा परिवार आज भी कच्चे मकान में रहने को मजबूर है। पीएम आवास नहीं मिला, मजबूरी में जर्जर कच्चे मकान में रहता था परिवार कैंधा नयापुरवा गांव निवासी मुन्ना सिंह अपनी पत्नी रमाकांती और छह बच्चों के साथ कच्चे मकान में रहते हैं। ग्रामीणों के अनुसार मकान काफी समय से जर्जर हालत में था। कानपुर में लगातार 60 घंटे ज्यादा बारिश होने के चलते सोमवार भोर में अचानक मकान के पिछले हिस्से की दीवार छप्पर समेत भर-भरा कर गिर गई। दीवार में पूरा परिवार दब गया। दंपति और बच्चों की चीख-पुकार सुनकर गांव के लोग दौड़ें और छप्पर हटाने के साथ ही दीवार के मलबे को हटाया और आधा घंटा से ज्यादा का रेस्क्यू करके सभी को मलबे से बाहर निकाला। ग्रामीणों ने पुलिस, फायर ब्रिगेड या फिर एंबुलेंस किसी की मदद लिए बगैर रेस्क्यू करके पूरे परिवार को बाहर निकाला और घायलों को कल्याणपुर सीएचसी में एडमिट कराया। घायल दंपति ने बातचीत के दौरान बताया कि आर्थिक तंगी के चलते घर नहीं बनवा सके, उन्होंने सरकारी कॉलोनी और पीएम आवास के लिए प्रधान के यहां चक्कर लगाए थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। सरकारी योजना के तहत पक्के मकान के लिए घूस तक दी, लेकिन उनकी कहीं सुनवाई नहीं हुई। इस मजबूरी के चलते दंपति अपने छह बच्चों के साथ कच्चे घर में रहने को मजबूर था। माता-पिता समेत बेटी-बेटा गंभीर सीएचसी कल्याणपुर में डॉक्टरों ने सभी घायलों का प्राथमिक उपचार किया। हादसे में मुन्ना सिंह, उनकी पत्नी रमाकांती, पुत्री अंजलि और पुत्र शुभम को गंभीर चोटें आईं। चारों की हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। वहीं पिंकी, रिंकी, दीपक, रौनक़ को सीएचसी से उपचार के बाद घर भेज दिया गया। हादसे की जानकारी मिलते ही परिवार और ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई। गंभीर घायलों के परिजन उन्हें लेकर एलएलआर अस्पताल पहुंचे। बारिश के बीच जर्जर मकानों पर मंडरा रहा खतरा लगातार हो रही बारिश के बीच गांवों में जर्जर और कच्चे मकानों पर खतरा बढ़ गया है। कैधा नयापुरवा में हुए हादसे ने एक बार फिर ऐसे मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गनीमत रही कि ग्रामीणों ने समय रहते मलबा हटाकर सभी आठ लोगों को बाहर निकाल लिया, वरना हादसा और गंभीर हो सकता था।

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