बांदा में लगातार बारिश ने ग्राम नरैनी तहसील क्षेत्र के जरर में कई गरीब परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। बारिश के कारण किसी का मकान पूरी तरह गिर गया तो किसी का घर इतना क्षतिग्रस्त हो गया कि उसमें रहना मुश्किल है। छत छिनने के बाद प्रभावित परिवार अपने बच्चों और सामान के साथ दूसरों के घरों व दरवाजों पर रहने को मजबूर हैं। महिलाओं ने जिलाधिकारी से रोते हुए अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि बारिश के बीच उन्हें बच्चों के साथ सुरक्षित जगह तक नहीं मिल पा रही है। ग्राम जरर, विकासखंड महुआ और तहसील नरैनी के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर तत्काल राहत, भोजन, सुरक्षित आश्रय और आवास उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि पिछले करीब एक माह से हो रही बारिश के चलते उनके मकान गिर गए या रहने लायक नहीं बचे। घर में रखा सामान भी सुरक्षित रखने के लिए दूसरे ग्रामीणों के घरों में रखना पड़ा है। प्रार्थना पत्र में ग्रामीणों ने बताया कि उनकी आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं है कि वे अपने स्तर से मकान दोबारा बनवा सकें। परिवार में महिलाएं, छोटे बच्चे और बुजुर्ग हैं। ऐसे में बिना छत के रहना उनके लिए बड़ी परेशानी बन गया है। महिलाओं ने रोते हुए बताया कि रात होने पर बच्चों को लेकर कहां जाएं, यह समझ नहीं आता। कभी किसी के दरवाजे पर तो कभी किसी परिचित के घर में रात गुजारनी पड़ रही है।ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव को कई बार समस्या बताकर आवास और सरकारी मदद की मांग की, लेकिन अभी तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। उनका कहना है कि पात्र होने के बावजूद कई परिवारों को आवास और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं का लाभ नहीं मिला है। विकास विभाग की संयुक्त टीम ग्रामीणों के अनुसार शिकायत के बाद एक बार लेखपाल मौके पर पहुंचकर क्षतिग्रस्त मकानों की स्थिति देख चुका है, लेकिन इसके बाद कोई प्रभावी राहत नहीं मिली। ग्रामीणों ने डीएम से राजस्व और विकास विभाग की संयुक्त टीम भेजकर दोबारा स्थलीय जांच, मकानों का पंचनामा और क्षति का आकलन कराने की मांग की है। उन्होंने बेघर परिवारों के लिए तत्काल राहत शिविर, भोजन, पेयजल, तिरपाल और अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराने के साथ आपदा राहत राशि दिलाने की मांग की है। साथ ही पूरी तरह बेघर परिवारों के लिए वैकल्पिक आवास और पात्र परिवारों का प्रधानमंत्री आवास योजना या मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत पुनः सत्यापन कराने की मांग की है।

