समस्तीपुर के विभूतिपुर थाना क्षेत्र में रविवार रात चिकन दुकानदार की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्या कर दी गई। धारदार हथियार सिर और गले पर वार किए, जिससे मौके पर ही दम तोड़ दिया। हत्या का आरोप गांव के ही रामबाबू यादव पर है। इस मामले में चौंकने वाली बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे करीब दो साल पहले हुई रेप की घटना से जुड़े विवाद को भी देखा जा रहा है। मामले में एक आरोपी अमरजीत की गिरफ्तार हुई है। जो मुख्य आरोपी का चचेरा भाई है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला मृतक की पत्नी ने बताया कि 2 साल पहले रामबाबू यादव मेरी बेटी को उठाकर ले गया था। रातभर उसे अपने घर में रखा और उसके साथ रेप किया। प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। करीब एक महीने पहले ही जमानत पर बाहर आया था। इसके बाद से धमकी दे रहा था। पुलिस और गांव के लोगों से उसकी शिकायत की थी। इसके बाद उसने कहा था कि मैं गांव से बाहर चला जाऊंगा। 10 दिन पहले बाहर गया भी था, लेकिन रविवार शाम दोबारा लौट आया। रात 8 बजे के करीब चिकन लेने के बहाने दुकान पर पहुंचा। अपने साथियों के साथ मिलकर पति पर हमला कर दिया। सिर और गर्दन पर चकू से कई वार किए। मौके पर ही मेरे पति ने दम तोड़ दिया। फांसी की सजा देने की मांग मृतक की पत्नी ने प्रशासन से आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। उसने कहा कि अगर कानून के तहत फांसी की सजा नहीं दी जा सकती तो आरोपियों को उसके हवाले कर दिया जाए।
बेटी बोली- पांच भाई-बहनों को अनाथ कर दिया मृतक की बेटी ने भी रामबाबू यादव पर दो साल पहले अपनी बहन के साथ रेप करने का आरोप लगाया। उसने कहा कि जेल से बाहर आने के बाद से परिवार को धमकी दे रहा था। रविवार रात उसने पिता की हत्या कर दी। ऐसे लोगों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। पांच भाई-बहन को उसने अनाथ बना दिया। दिन में चलाते थे टोटो, शाम को चिकन दुकान परिजनों के अनुसार, मृतक दाहिने पैर से दिव्यांग थे। परिवार में चार बेटियां और एक बेटा है। बच्चों के भरण-पोषण के लिए वह दिन में टोटो चलाते थे और शाम को चिकन की दुकान चलाकर परिवार का खर्च उठाते थे। वारदात के समय उनकी पत्नी कुछ देर के लिए दुकान से घर की ओर गई थी। इसी दौरान आरोपियों ने हमला कर दिया। ‘किस्त पर लिया था टोटो’ मां ने बताया कि परिवार की रोजी-रोटी चलाने के लिए बेटे ने किस्त पर टोटो खरीदा था। अभी दो किस्तें बाकी हैं। बेटे की मौत के बाद अब इन किस्तों का भुगतान कैसे होगा, इसकी चिंता परिवार को सता रही है। छोटे-छोटे बच्चे हैं। दो बेटियों की शादी भी बाकी है। बेटे के चले जाने के बाद बच्चों का भरण-पोषण कैसे होगा, यह सबसे बड़ी चिंता है। समस्तीपुर के विभूतिपुर थाना क्षेत्र में रविवार रात चिकन दुकानदार की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हत्या कर दी गई। धारदार हथियार सिर और गले पर वार किए, जिससे मौके पर ही दम तोड़ दिया। हत्या का आरोप गांव के ही रामबाबू यादव पर है। इस मामले में चौंकने वाली बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, हत्या के पीछे करीब दो साल पहले हुई रेप की घटना से जुड़े विवाद को भी देखा जा रहा है। मामले में एक आरोपी अमरजीत की गिरफ्तार हुई है। जो मुख्य आरोपी का चचेरा भाई है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा मामला मृतक की पत्नी ने बताया कि 2 साल पहले रामबाबू यादव मेरी बेटी को उठाकर ले गया था। रातभर उसे अपने घर में रखा और उसके साथ रेप किया। प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। करीब एक महीने पहले ही जमानत पर बाहर आया था। इसके बाद से धमकी दे रहा था। पुलिस और गांव के लोगों से उसकी शिकायत की थी। इसके बाद उसने कहा था कि मैं गांव से बाहर चला जाऊंगा। 10 दिन पहले बाहर गया भी था, लेकिन रविवार शाम दोबारा लौट आया। रात 8 बजे के करीब चिकन लेने के बहाने दुकान पर पहुंचा। अपने साथियों के साथ मिलकर पति पर हमला कर दिया। सिर और गर्दन पर चकू से कई वार किए। मौके पर ही मेरे पति ने दम तोड़ दिया। फांसी की सजा देने की मांग मृतक की पत्नी ने प्रशासन से आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की मांग की है। उसने कहा कि अगर कानून के तहत फांसी की सजा नहीं दी जा सकती तो आरोपियों को उसके हवाले कर दिया जाए।
बेटी बोली- पांच भाई-बहनों को अनाथ कर दिया मृतक की बेटी ने भी रामबाबू यादव पर दो साल पहले अपनी बहन के साथ रेप करने का आरोप लगाया। उसने कहा कि जेल से बाहर आने के बाद से परिवार को धमकी दे रहा था। रविवार रात उसने पिता की हत्या कर दी। ऐसे लोगों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। पांच भाई-बहन को उसने अनाथ बना दिया। दिन में चलाते थे टोटो, शाम को चिकन दुकान परिजनों के अनुसार, मृतक दाहिने पैर से दिव्यांग थे। परिवार में चार बेटियां और एक बेटा है। बच्चों के भरण-पोषण के लिए वह दिन में टोटो चलाते थे और शाम को चिकन की दुकान चलाकर परिवार का खर्च उठाते थे। वारदात के समय उनकी पत्नी कुछ देर के लिए दुकान से घर की ओर गई थी। इसी दौरान आरोपियों ने हमला कर दिया। ‘किस्त पर लिया था टोटो’ मां ने बताया कि परिवार की रोजी-रोटी चलाने के लिए बेटे ने किस्त पर टोटो खरीदा था। अभी दो किस्तें बाकी हैं। बेटे की मौत के बाद अब इन किस्तों का भुगतान कैसे होगा, इसकी चिंता परिवार को सता रही है। छोटे-छोटे बच्चे हैं। दो बेटियों की शादी भी बाकी है। बेटे के चले जाने के बाद बच्चों का भरण-पोषण कैसे होगा, यह सबसे बड़ी चिंता है।

