सजी प्रकृति…:काश के फूल देवी के आगमन का एहसास करा रहे

सजी प्रकृति…:काश के फूल देवी के आगमन का एहसास करा रहे

शरद ऋतु के दस्तक देते ही प्रकृति का अद्भुत सौंदर्य निखर उठा है। खेतों की मेड़ों, नदी के किनारों और पहाड़ी इलाकों में खिले काश के सफेद फूल मंद हवा के झोंकों के साथ झूमते हुए दुर्गोत्सव का पैगाम दे रहे हैं। 11 अक्टूबर को कलश स्थापना के साथ शारदीय नवरात्र की शुरुआत होगी, जो 21 अक्टूबर को विजयादशमी तक चलेगा। इससे पहले ही प्रकृति ने मानो उत्सव के स्वागत की तैयारी शुरू कर दी है। लोकमान्यता के अनुसार, काश के फूलों को पवित्रता और दुर्गापूजा के आगमन का प्राकृतिक प्रतीक माना जाता है। शरद ऋतु के दस्तक देते ही प्रकृति का अद्भुत सौंदर्य निखर उठा है। खेतों की मेड़ों, नदी के किनारों और पहाड़ी इलाकों में खिले काश के सफेद फूल मंद हवा के झोंकों के साथ झूमते हुए दुर्गोत्सव का पैगाम दे रहे हैं। 11 अक्टूबर को कलश स्थापना के साथ शारदीय नवरात्र की शुरुआत होगी, जो 21 अक्टूबर को विजयादशमी तक चलेगा। इससे पहले ही प्रकृति ने मानो उत्सव के स्वागत की तैयारी शुरू कर दी है। लोकमान्यता के अनुसार, काश के फूलों को पवित्रता और दुर्गापूजा के आगमन का प्राकृतिक प्रतीक माना जाता है।  

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