विकास कार्यों की वजह से भरतपुर की सड़कें टूटी हुई हैं। कई जगह तो रास्तों को ब्लॉक कर दिया गया है। जिससे व्यापारियों के व्यापार ठप्प होने की कगार पर है। इसलिए 7 दिन बाद व्यापारी आंदोलन करने की तैयारी कर रहे हैं। सड़कें टूटी होने के कारण ग्राहक दुकानों पर नहीं पहुंच पा रहे। व्यापारियों का कहना है धीमी गति से विकास कार्य हो रहे हैं। जिसके कारण परेशानी उठानी पड़ रही है। 6 अप्रैल को पहली बार आंदोलन हुआ था व्यापार महासंघ के अध्यक्ष संजीव गुप्ता ने बताया की 6 अप्रैल 2026 को हमने अपने आंदोलन का बिगुल बजाया था। उस समय शहर में काले झंडे लेकर रैली निकालने का कार्यक्रम था। उस दिन हमारे पास सरकार के लोग पहुंचे। तब प्रशासन ने हमें आश्वासन दिया था कि हम आपकी समस्या का समाधान करने की कोशिश करेंगे। दुकानें टूटें तो मुआवजा मिले उस समय हमारी एक ही मांग थी कि सड़क चौड़ीकरण में जो व्यापारियों की दुकानें टूटेंगी उसका मुआवजा दिया जाए। कुछ दिनों बाद प्रशासन के अधिकारी और व्यपारियों की चर्चा हुई। BDA के कमिश्नर कनिष्क कटारिया से बात हुई और स्टेशन रोड़ को 36 मीटर से 24 मीटर करने की सहमति बनी। व्यापारियों ने खुद अपनी दुकानें तोड़ी 24 मई 2026 को फिर से एक बैठक हुई। जिसमें मुआवजे को लेकर फिर से चर्चा हुई। प्रशासन से लिखित में समझौता हुआ। अधिकारियों के वादे के मुताबिक व्यापारियों प्रशासन द्वारा लगाए निशान तक अपने निर्माण तोड़े और, उन्हें फिर से बनाना शुरू कर दिया। कोई वैकल्पिक रास्ते नहीं अब बाजार की स्थिति है कि बाजार पूरी तरह से बंद है। सड़कें बंद पड़ी हैं। जगह-जगह पानी भरा हुआ है। विकास कार्य चलते हुए कोई वैकल्पिक रास्ते नहीं दिये गए। स्थिति यह है कि व्यापारियों की दुकानदारी 100 प्रतिशत से 10 प्रतिशत पर आ गई है। व्यापारियों ने बनाया आंदोलन का मन त्योहारों का सीजन आ रहा है। विकास कार्य होने के कारण ग्राहक दुकानों पर नहीं आ पा रहे। इस परेशानी हो देखते हुए व्यापारियों ने सोचा है कि अब दोबारा से आंदोलन किया जाएगा। हमारा मुख्य मुद्दा है बाजारों को सही तरीके से चलाया जाए। ठेकेदार मन चाहे जहां गड्ढे खोद रहे हैं। भरतपुर बंद की चेतावनी व्यापार महासंघ के अध्यक्ष संजीव गुप्ता ने बताया कि 7 दिन के बाद व्यापारी काम रुकवा देंगे। अधिकारियों से बात करते हैं तो, वह सीएम का नाम लेते हैं। अधिकारी जनता के पैसे को पैसा नहीं समझ रहे। 7 दिन बाद आंदोलन शुरू कर दिया जाएगा। अक्टूबर महीने में कई तरह के कार्यक्रम किए जाएंगे। जिसमें भरतपुर बंद भी किया जाएगा।

