Asian Games में 24 घंटे में तीन मैच खेलने पर PV Sindhu ने जताई नाराजगी

Asian Games में 24 घंटे में तीन मैच खेलने पर PV Sindhu ने जताई नाराजगी

(फिलेम दीपक सिंह)
नागोया, 27 सितंबर भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधू ने रविवार को 24 घंटे के भीतर तीन एकल मुकाबले खेलने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि एशियाई खेलों का व्यस्त कार्यक्रम अच्छी तरह व्यवस्थित नहीं था और खिलाड़ियों को उरबने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। सिंधू को शनिवार को दो मुकाबले खेलने थे जिसमें से दूसरा मैच आधी रात के बाद खत्म हुआ। इसके बाद उन्हें रविवार को चीन की चेन यूफेई के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले के लिए कोर्ट पर उतरना पड़ा जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा।यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने इससे पहले किसी बड़े टूर्नामेंट में कभी एक दिन में दो मैच खेले हैं, सिंधू ने कहा, ‘‘वास्तव में नहीं क्योंकि मुझे लगता है कि कार्यक्रम वास्तव में अच्छी तरह व्यवस्थित नहीं था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम काफी देर से सोए और फिर रविवार सुबह वापस आए, एक दिन में दो मैच खेलने के बाद उबरने की प्रक्रिया सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता होती है।’’
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू ने शनिवार दोपहर अपना दूसरे दौर का मुकाबला खेला था। उनका तीसरे दौर का मैच रविवार को स्थानीय समयानुसार रात करीब एक बजे खत्म हुआ। इसके बाद क्वार्टर फाइनल मुकाबला रविवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब डेढ़ बजे शुरू हुआ।चौबीस घंटे में तीन मैच खेलने के लिए मानसिक रूप से खुद को तैयार करने के सवाल पर सिंधू ने कहा, ‘‘यह सिर्फ मानसिक रूप से तैयार होने की बात नहीं है, आपको उबरने की जरूरत होती है। भले ही आपको लगे कि आप अच्छा कर रहे हैं लेकिन शारीरिक रूप से शायद आप वहां जाने या खेलने की स्थिति में नहीं हो।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब लंबी रैलियां होती हैं तो निश्चित रूप से रिकवरी जरूरी होती है। जब आप अच्छा कर रहे होते हैं तो आप स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ते हैं, लेकिन आपके पैर साथ नहीं देते।’’
सिंधू ने कहा, ‘‘इसके अलावा कुल मिलाकर मैच अच्छा था, लेकिन कार्यक्रम थोड़ा बेहतर होना चाहिए था।’’
एक अन्य भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी उन्नति हुड्डा भी कार्यक्रम से खुश नहीं थीं क्योंकि कई खिलाड़ियों को एक दिन में एक से अधिक मैच खेलने पड़े।उन्होंने कहा, ‘‘मैं क्वार्टर फाइनल में अपनी हार के लिए इसे जिम्मेदार नहीं ठहराऊंगी, लेकिन कार्यक्रम को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकता था।’’
सिंधू के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में कुछ लाइन कॉल बेहद करीबी थे लेकिन वह उन्हें चुनौती नहीं दे सकीं क्योंकि हॉक-आई की सुविधा नहीं होने के कारण खिलाड़ियों के लिए चुनौती देने का प्रावधान नहीं था। इचिनोमिया जिम्नेजियम हॉल में हॉक-आई केवल कोर्ट एक और दो पर लगाया गया है जबकि सिंधू ने कोर्ट चार पर खेला। सिंधू ने कहा, ‘‘यहां कैमरे नहीं थे।यह वास्तव में निराशाजनक था। मुझे लगा कि दो-तीन शॉट लाइन पर गिरे थे। मुझे लगता है कि एशियाई खेलों के क्वार्टर फाइनल में कैमरा होना चाहिए था क्योंकि ये महत्वपूर्ण मुकाबले होते हैं।’’
सिंधू ने अगले एशियाई खेलों में खेलने के सवाल पर अपना विकल्प खुला रखा।उन्होंने कहा, ‘‘अगर मेरे अंदर क्षमता रही तो निश्चित रूप से। मुझे बस चोटों से बचना है। अभी सवाल यह है कि आगे क्या है?यह बहुत महत्वपूर्ण है। कदम-दर-कदम आगे बढ़ना जरूरी है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हां, निश्चित रूप से एक-एक साल के हिसाब से। यह महत्वपूर्ण है कि मैं आगे जो है, उस पर ध्यान दूं।क्योंकि अब आप 20 साल के नहीं हैं। आपको अपने शरीर और हर चीज का ख्याल रखना होता है। इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण है।’’
सिंधू ने कहा, ‘‘हमें टूर्नामेंट चुनने होंगे।क्या करना है, क्या खेलना है और क्या नहीं खेलना है, यह तय करना होगा। क्योंकि अपने शरीर का ख्याल रखना भी महत्वपूर्ण है। 

(फिलेम दीपक सिंह)
नागोया, 27 सितंबर भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधू ने रविवार को 24 घंटे के भीतर तीन एकल मुकाबले खेलने पर नाराजगी जताते हुए कहा कि एशियाई खेलों का व्यस्त कार्यक्रम अच्छी तरह व्यवस्थित नहीं था और खिलाड़ियों को उरबने के लिए पर्याप्त समय नहीं मिला। सिंधू को शनिवार को दो मुकाबले खेलने थे जिसमें से दूसरा मैच आधी रात के बाद खत्म हुआ। इसके बाद उन्हें रविवार को चीन की चेन यूफेई के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले के लिए कोर्ट पर उतरना पड़ा जिसमें उन्हें हार का सामना करना पड़ा।

यह पूछे जाने पर कि क्या उन्होंने इससे पहले किसी बड़े टूर्नामेंट में कभी एक दिन में दो मैच खेले हैं, सिंधू ने कहा, ‘‘वास्तव में नहीं क्योंकि मुझे लगता है कि कार्यक्रम वास्तव में अच्छी तरह व्यवस्थित नहीं था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हम काफी देर से सोए और फिर रविवार सुबह वापस आए, एक दिन में दो मैच खेलने के बाद उबरने की प्रक्रिया सबसे महत्वपूर्ण प्राथमिकता होती है।’’
दो बार की ओलंपिक पदक विजेता सिंधू ने शनिवार दोपहर अपना दूसरे दौर का मुकाबला खेला था। उनका तीसरे दौर का मैच रविवार को स्थानीय समयानुसार रात करीब एक बजे खत्म हुआ। इसके बाद क्वार्टर फाइनल मुकाबला रविवार को स्थानीय समयानुसार दोपहर करीब डेढ़ बजे शुरू हुआ।

चौबीस घंटे में तीन मैच खेलने के लिए मानसिक रूप से खुद को तैयार करने के सवाल पर सिंधू ने कहा, ‘‘यह सिर्फ मानसिक रूप से तैयार होने की बात नहीं है, आपको उबरने की जरूरत होती है। भले ही आपको लगे कि आप अच्छा कर रहे हैं लेकिन शारीरिक रूप से शायद आप वहां जाने या खेलने की स्थिति में नहीं हो।’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब लंबी रैलियां होती हैं तो निश्चित रूप से रिकवरी जरूरी होती है। जब आप अच्छा कर रहे होते हैं तो आप स्वाभाविक रूप से आगे बढ़ते हैं, लेकिन आपके पैर साथ नहीं देते।’’
सिंधू ने कहा, ‘‘इसके अलावा कुल मिलाकर मैच अच्छा था, लेकिन कार्यक्रम थोड़ा बेहतर होना चाहिए था।’’
एक अन्य भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ी उन्नति हुड्डा भी कार्यक्रम से खुश नहीं थीं क्योंकि कई खिलाड़ियों को एक दिन में एक से अधिक मैच खेलने पड़े।

उन्होंने कहा, ‘‘मैं क्वार्टर फाइनल में अपनी हार के लिए इसे जिम्मेदार नहीं ठहराऊंगी, लेकिन कार्यक्रम को बेहतर तरीके से व्यवस्थित किया जा सकता था।’’
सिंधू के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में कुछ लाइन कॉल बेहद करीबी थे लेकिन वह उन्हें चुनौती नहीं दे सकीं क्योंकि हॉक-आई की सुविधा नहीं होने के कारण खिलाड़ियों के लिए चुनौती देने का प्रावधान नहीं था। इचिनोमिया जिम्नेजियम हॉल में हॉक-आई केवल कोर्ट एक और दो पर लगाया गया है जबकि सिंधू ने कोर्ट चार पर खेला। सिंधू ने कहा, ‘‘यहां कैमरे नहीं थे।

यह वास्तव में निराशाजनक था। मुझे लगा कि दो-तीन शॉट लाइन पर गिरे थे। मुझे लगता है कि एशियाई खेलों के क्वार्टर फाइनल में कैमरा होना चाहिए था क्योंकि ये महत्वपूर्ण मुकाबले होते हैं।’’
सिंधू ने अगले एशियाई खेलों में खेलने के सवाल पर अपना विकल्प खुला रखा।

उन्होंने कहा, ‘‘अगर मेरे अंदर क्षमता रही तो निश्चित रूप से। मुझे बस चोटों से बचना है। अभी सवाल यह है कि आगे क्या है?

यह बहुत महत्वपूर्ण है। कदम-दर-कदम आगे बढ़ना जरूरी है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हां, निश्चित रूप से एक-एक साल के हिसाब से। यह महत्वपूर्ण है कि मैं आगे जो है, उस पर ध्यान दूं।

क्योंकि अब आप 20 साल के नहीं हैं। आपको अपने शरीर और हर चीज का ख्याल रखना होता है। इसलिए यह बहुत महत्वपूर्ण है।’’
सिंधू ने कहा, ‘‘हमें टूर्नामेंट चुनने होंगे।

क्या करना है, क्या खेलना है और क्या नहीं खेलना है, यह तय करना होगा। क्योंकि अपने शरीर का ख्याल रखना भी महत्वपूर्ण है।

​Hindi News – News in Hindi – Latest News in Hindi | Prabhasakshi

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *