जमुई में रविवार की सुबह मलयपुर रेलवे गेट के पास रेलवे ट्रैक पर एक महिला का शव मिला। महिला की पहचान मलयपुर निवासी अशोक सिंह की पत्नी अंजू देवी (50) के रूप में हुई। आशंका है कि रात में किसी ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौत हुई। परिजन का आरोप है कि शव मिलने के बाद करीब दो घंटे तक उसे रेलवे ट्रैक के पास ही रखना पड़ा। शव को उठाने के लिए न तो स्ट्रेचर उपलब्ध कराया गया और न ही एंबुलेंस की व्यवस्था हुई। इस दौरान परिजन खुद बैठकर शव की निगरानी करते रहे। आसपास मंडरा रहे कौवों ने शव को नोचना शुरू कर दिया। परिजनों के अनुसार मौके पर जीआरपी के जवान पहुंचे थे, लेकिन वे शव से कुछ दूरी पर खड़े रहे। आखिरकार परिजनों ने खुद कपड़े और प्लास्टिक में शव को बांधा और पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल लेकर गए। ट्रेन की चपेट में आने से गई जान स्टेशन मास्टर के अनुसार रविवार सुबह करीब 5:35 बजे घटना की जानकारी मिली। इसके बाद 5:45 बजे जीआरपी को सूचना दी गई। जीआरपी थानाध्यक्ष श्रवण कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया महिला की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हुई है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है और पुलिस घटना की जांच कर रही है। स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराने के सवाल पर थानाध्यक्ष ने कहा कि जीआरपी के पास स्ट्रेचर है, लेकिन कितने हैं, इसकी तत्काल जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की दूरी अधिक होने के कारण संभव है कि स्ट्रेचर किसी दूसरे स्थान पर गया हो। रात में भाई को मिली थी सूचना मृतका के भाई संतोष सिंह ने बताया कि रात में फोन पर सूचना दिया गया था कि आपकी बहन नहीं मिल रही है। हमे लगा कही गई होगी, हम विशेष ध्यान नहीं दिया। फिर फोन गया कि नहीं मिली है फिर हम अपने घर से बहन के ससुराल पहुंचे, और कई जगह खोजबीन भी की। शनिवार 9:00 बजे रात से ही हम लोग खोज रहे थे। सुबह में ग्रामीणों के द्वारा सूचना मिली ट्रेन से एक महिला कट गई है। हालांकि, रात में भी जानकारी मिली थी की ट्रेन से एक महिला कटी है, लेकिन अंधेरे में पहचान नहीं कर पाए। घटनास्थल से आई तस्वीरें…. पोस्टमॉर्टम के लिए 4 लोग उठाकर ले गए शव वहीं परिजनों का कहना है कि वह सुबह शाम शौच के लिए बाहर जाती थी। अशंका है शौच के लिए बाहर जाने के दौरान वह शनिवार देर शाम ट्रेन की चपेट में आ गई। परिवार में किसी तरह का विवाद नहीं था। उनके पति और बेटा गोवा में मजदूरी करते हैं,जबकि वह बहू और पोता-पोती के साथ रहती थीं। दूसरे भाई सतीश सिंह ने कहा कि शव को अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजनों को खुद व्यवस्था करनी पड़ी। उन्होंने बताया कि पुलिस की ओर से न स्ट्रेचर मिला और न शव ले जाने के लिए वाहन। चार लोग खुद ही हाथ उठाकर बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाए। बता दे कि डेढ़ महीने पहले देवाचक हॉल्ट के पास भी भाई-बहन की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हुई थी। उस समय भी शवों को स्ट्रेचर के बजाय बांस बल्ले के सहारे उठाकर ले जाना पड़ा था। जमुई में रविवार की सुबह मलयपुर रेलवे गेट के पास रेलवे ट्रैक पर एक महिला का शव मिला। महिला की पहचान मलयपुर निवासी अशोक सिंह की पत्नी अंजू देवी (50) के रूप में हुई। आशंका है कि रात में किसी ट्रेन की चपेट में आने से उनकी मौत हुई। परिजन का आरोप है कि शव मिलने के बाद करीब दो घंटे तक उसे रेलवे ट्रैक के पास ही रखना पड़ा। शव को उठाने के लिए न तो स्ट्रेचर उपलब्ध कराया गया और न ही एंबुलेंस की व्यवस्था हुई। इस दौरान परिजन खुद बैठकर शव की निगरानी करते रहे। आसपास मंडरा रहे कौवों ने शव को नोचना शुरू कर दिया। परिजनों के अनुसार मौके पर जीआरपी के जवान पहुंचे थे, लेकिन वे शव से कुछ दूरी पर खड़े रहे। आखिरकार परिजनों ने खुद कपड़े और प्लास्टिक में शव को बांधा और पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल लेकर गए। ट्रेन की चपेट में आने से गई जान स्टेशन मास्टर के अनुसार रविवार सुबह करीब 5:35 बजे घटना की जानकारी मिली। इसके बाद 5:45 बजे जीआरपी को सूचना दी गई। जीआरपी थानाध्यक्ष श्रवण कुमार ने बताया कि प्रथम दृष्टया महिला की मौत ट्रेन की चपेट में आने से हुई है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है और पुलिस घटना की जांच कर रही है। स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं कराने के सवाल पर थानाध्यक्ष ने कहा कि जीआरपी के पास स्ट्रेचर है, लेकिन कितने हैं, इसकी तत्काल जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र की दूरी अधिक होने के कारण संभव है कि स्ट्रेचर किसी दूसरे स्थान पर गया हो। रात में भाई को मिली थी सूचना मृतका के भाई संतोष सिंह ने बताया कि रात में फोन पर सूचना दिया गया था कि आपकी बहन नहीं मिल रही है। हमे लगा कही गई होगी, हम विशेष ध्यान नहीं दिया। फिर फोन गया कि नहीं मिली है फिर हम अपने घर से बहन के ससुराल पहुंचे, और कई जगह खोजबीन भी की। शनिवार 9:00 बजे रात से ही हम लोग खोज रहे थे। सुबह में ग्रामीणों के द्वारा सूचना मिली ट्रेन से एक महिला कट गई है। हालांकि, रात में भी जानकारी मिली थी की ट्रेन से एक महिला कटी है, लेकिन अंधेरे में पहचान नहीं कर पाए। घटनास्थल से आई तस्वीरें…. पोस्टमॉर्टम के लिए 4 लोग उठाकर ले गए शव वहीं परिजनों का कहना है कि वह सुबह शाम शौच के लिए बाहर जाती थी। अशंका है शौच के लिए बाहर जाने के दौरान वह शनिवार देर शाम ट्रेन की चपेट में आ गई। परिवार में किसी तरह का विवाद नहीं था। उनके पति और बेटा गोवा में मजदूरी करते हैं,जबकि वह बहू और पोता-पोती के साथ रहती थीं। दूसरे भाई सतीश सिंह ने कहा कि शव को अस्पताल पहुंचाने के लिए परिजनों को खुद व्यवस्था करनी पड़ी। उन्होंने बताया कि पुलिस की ओर से न स्ट्रेचर मिला और न शव ले जाने के लिए वाहन। चार लोग खुद ही हाथ उठाकर बॉडी को पोस्टमॉर्टम के लिए ले जाए। बता दे कि डेढ़ महीने पहले देवाचक हॉल्ट के पास भी भाई-बहन की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हुई थी। उस समय भी शवों को स्ट्रेचर के बजाय बांस बल्ले के सहारे उठाकर ले जाना पड़ा था।

