बांका में लड़की के साथ छेड़खानी और अश्लील हरकत के बाद वीडियो वायरल करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। इस मामले में मुख्य आरोपी अब्दुल्ला को कोलकाता के हावड़ा रेलवे स्टेशन, दूसरे आरोपी विभूषण को पटना जंक्शन और तीसरे आरोपी अनंत को घर से गिरफ्तार किया गया है। वहीं, दो विधि-विरुद्ध बालकों को भी पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। पूरे घटनाक्रम में सात युवक और किशोरों की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस दो अन्य विधि-विरुद्ध बालकों को भी जल्द अभिरक्षा में लेने की तैयारी में है। घटना बौसी थाना क्षेत्र के ऐतिहासिक पर्यटन स्थल मंदार पर्वत की है। एसपी अमितेश कुमार ने रविवार को इस मामले का खुलासा किया है। एसपी ने बताया कि घटना 3 जून की है। इसका वीडियो 22 सितंबर को बौंसी थानाध्यक्ष पंकज कुमार झा के संज्ञान में आया। इसके बाद अज्ञात के खिलाफ बौंसी थाना कांड संख्या 248/26 दर्ज कर वीडियो की जांच और सत्यापन शुरू किया गया। 3 जून को हुई थी 2 घटनाएं एसपी ने बताया कि जांच के दौरान वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों और पीड़िता की पहचान की गई। पीड़िता का बयान दर्ज करने के साथ स्वयं घटनास्थल का जायजा लिया गया। जांच में सामने आया कि तीन जून को मंदार पर्वत के आसपास दो घटनाएं हुई थीं। पुलिस के अनुसार,पीड़िता बौंसी क्षेत्र में प्रतिदिन की तरह दूध पहुंचाने गई थी। इसी दौरान अनंत कुमार और विभीषण कुमार ने उसे बाइक से घर छोड़ने का आश्वासन दिया। दोनों उसे मंदार पर्वत के आसपास सुनसान स्थान पर ले गए, जहां उसके साथ छेड़खानी और जोर-जबरदस्ती की गई। इसी दौरान पांच अन्य युवक और किशोर वहां पहुंच गए। पुलिस के अनुसार,वे पहले से उस इलाके में बैठे हुए थे। वहां मोटरसाइकिल देखकर वे मौके पर पहुंचे और पीड़िता के साथ दोनों युवकों को देख लिया। वीडियो वायरल करने के नाम पर मांगा 20 हजार पुलिस के अनुसार, पांचों ने पीड़िता और दोनों युवकों को धमकाना शुरू कर दिया। इसी दौरान उनमें से एक किशोर ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। इसके बाद वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देते हुए पीड़िता और दोनों युवकों से 20 हजार रुपए की मांग की गई। पुलिस के मुताबिक, पैसे नहीं देने पर वीडियो प्रसारित करने की धमकी दी गई थी। तत्काल पूरी रकम उपलब्ध नहीं होने पर अनंत कुमार ने पांचों में मुख्य आरोपी बताए गए अब्दुल्ला के खाते में फोन के माध्यम से 1500 रुपए भेजे। शेष राशि बाद में देने की बात कही गई। इसके बाद पीड़िता और दोनों युवकों को वहां से जाने दिया गया। पुलिस का कहना है कि बाद में शेष राशि नहीं देने पर आरोपियों ने वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया, जिसके बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया। SIT दल में 13 पुलिस पदाधिकारियों को किया शामिल मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच एसआईटी दल का गठन किया। इसमें कुल 13 पुलिस पदाधिकारियों को शामिल किया गया। आरोपियों की पहचान के बाद उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की गई। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पंचवाड़ा थाना क्षेत्र के चकाई निवासी अब्दुल्ला को कोलकाता के हावड़ा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। वहीं, दूसरे आरोपी चकाई निवासी विभूषण कुमार को पटना जंक्शन से पकड़ा गया। तीसरे आरोपी बाराहाट थाना क्षेत्र के चीहार निवासी अनंत कुमार की गिरफ्तारी उसके घर से की गई। इसके अलावा दो विधि-विरुद्ध बालकों को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है।पुलिस के अनुसार, दो अन्य विधि-विरुद्ध बालकों को भी जल्द अभिरक्षा में लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। दोनों मामले में कार्रवाई कर रही पुलिस
एसपी ने बताया कि मामले में पीड़िता की मां के बयान पर भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें अनंत कुमार और विभीषण कुमार को नामजद किया गया है। इस तरह पूरे घटनाक्रम को लेकर दो मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस दोनों मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। सोशल मीडिया पर वायरल किए गए वीडियो में पीड़िता की पहचान उजागर होने को पुलिस ने गंभीरता से लिया है। इस संबंध में साइबर थाना कांड संख्या 29/26 दर्ज किया गया है। एसपी ने बताया कि वीडियो को प्रसारित करने वाले सोशल मीडिया खातों की पहचान की जा रही है। एक एक्स हैंडल समेत 41 अन्य सोशल मीडिया मंचों के नाम और विवरण का सत्यापन किया जा रहा है। जांच के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक का मितेश कुमार के निर्देश पर एसडीपीओ इंद्रजीत बैठ के नेतृत्व में एसआईटी टीम का गठन कर कार्रवाई की गई। जिसमें बौसी SDPO, बेलहर पुलिस पदाधिकारी सुमित शेखर,बौसी थाना अध्यक्ष पंकज कुमार झा,बाराहाट थाना अध्यक्ष अशोक कुमार,धोरैया थानाध्यक्ष अमित कुमार सहित पुलिस पदाधिकारी एवं जिला आसूचना इकाई के टीम शामिल थे। बांका में लड़की के साथ छेड़खानी और अश्लील हरकत के बाद वीडियो वायरल करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। इस मामले में मुख्य आरोपी अब्दुल्ला को कोलकाता के हावड़ा रेलवे स्टेशन, दूसरे आरोपी विभूषण को पटना जंक्शन और तीसरे आरोपी अनंत को घर से गिरफ्तार किया गया है। वहीं, दो विधि-विरुद्ध बालकों को भी पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। पूरे घटनाक्रम में सात युवक और किशोरों की संलिप्तता सामने आई है। पुलिस दो अन्य विधि-विरुद्ध बालकों को भी जल्द अभिरक्षा में लेने की तैयारी में है। घटना बौसी थाना क्षेत्र के ऐतिहासिक पर्यटन स्थल मंदार पर्वत की है। एसपी अमितेश कुमार ने रविवार को इस मामले का खुलासा किया है। एसपी ने बताया कि घटना 3 जून की है। इसका वीडियो 22 सितंबर को बौंसी थानाध्यक्ष पंकज कुमार झा के संज्ञान में आया। इसके बाद अज्ञात के खिलाफ बौंसी थाना कांड संख्या 248/26 दर्ज कर वीडियो की जांच और सत्यापन शुरू किया गया। 3 जून को हुई थी 2 घटनाएं एसपी ने बताया कि जांच के दौरान वीडियो में दिखाई दे रहे युवकों और पीड़िता की पहचान की गई। पीड़िता का बयान दर्ज करने के साथ स्वयं घटनास्थल का जायजा लिया गया। जांच में सामने आया कि तीन जून को मंदार पर्वत के आसपास दो घटनाएं हुई थीं। पुलिस के अनुसार,पीड़िता बौंसी क्षेत्र में प्रतिदिन की तरह दूध पहुंचाने गई थी। इसी दौरान अनंत कुमार और विभीषण कुमार ने उसे बाइक से घर छोड़ने का आश्वासन दिया। दोनों उसे मंदार पर्वत के आसपास सुनसान स्थान पर ले गए, जहां उसके साथ छेड़खानी और जोर-जबरदस्ती की गई। इसी दौरान पांच अन्य युवक और किशोर वहां पहुंच गए। पुलिस के अनुसार,वे पहले से उस इलाके में बैठे हुए थे। वहां मोटरसाइकिल देखकर वे मौके पर पहुंचे और पीड़िता के साथ दोनों युवकों को देख लिया। वीडियो वायरल करने के नाम पर मांगा 20 हजार पुलिस के अनुसार, पांचों ने पीड़िता और दोनों युवकों को धमकाना शुरू कर दिया। इसी दौरान उनमें से एक किशोर ने पूरी घटना का वीडियो बना लिया। इसके बाद वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी देते हुए पीड़िता और दोनों युवकों से 20 हजार रुपए की मांग की गई। पुलिस के मुताबिक, पैसे नहीं देने पर वीडियो प्रसारित करने की धमकी दी गई थी। तत्काल पूरी रकम उपलब्ध नहीं होने पर अनंत कुमार ने पांचों में मुख्य आरोपी बताए गए अब्दुल्ला के खाते में फोन के माध्यम से 1500 रुपए भेजे। शेष राशि बाद में देने की बात कही गई। इसके बाद पीड़िता और दोनों युवकों को वहां से जाने दिया गया। पुलिस का कहना है कि बाद में शेष राशि नहीं देने पर आरोपियों ने वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित कर दिया, जिसके बाद मामला पुलिस के संज्ञान में आया। SIT दल में 13 पुलिस पदाधिकारियों को किया शामिल मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने विशेष जांच एसआईटी दल का गठन किया। इसमें कुल 13 पुलिस पदाधिकारियों को शामिल किया गया। आरोपियों की पहचान के बाद उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की गई। पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी पंचवाड़ा थाना क्षेत्र के चकाई निवासी अब्दुल्ला को कोलकाता के हावड़ा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया। वहीं, दूसरे आरोपी चकाई निवासी विभूषण कुमार को पटना जंक्शन से पकड़ा गया। तीसरे आरोपी बाराहाट थाना क्षेत्र के चीहार निवासी अनंत कुमार की गिरफ्तारी उसके घर से की गई। इसके अलावा दो विधि-विरुद्ध बालकों को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है।पुलिस के अनुसार, दो अन्य विधि-विरुद्ध बालकों को भी जल्द अभिरक्षा में लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। दोनों मामले में कार्रवाई कर रही पुलिस
एसपी ने बताया कि मामले में पीड़िता की मां के बयान पर भी प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसमें अनंत कुमार और विभीषण कुमार को नामजद किया गया है। इस तरह पूरे घटनाक्रम को लेकर दो मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस दोनों मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है। सोशल मीडिया पर वायरल किए गए वीडियो में पीड़िता की पहचान उजागर होने को पुलिस ने गंभीरता से लिया है। इस संबंध में साइबर थाना कांड संख्या 29/26 दर्ज किया गया है। एसपी ने बताया कि वीडियो को प्रसारित करने वाले सोशल मीडिया खातों की पहचान की जा रही है। एक एक्स हैंडल समेत 41 अन्य सोशल मीडिया मंचों के नाम और विवरण का सत्यापन किया जा रहा है। जांच के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक का मितेश कुमार के निर्देश पर एसडीपीओ इंद्रजीत बैठ के नेतृत्व में एसआईटी टीम का गठन कर कार्रवाई की गई। जिसमें बौसी SDPO, बेलहर पुलिस पदाधिकारी सुमित शेखर,बौसी थाना अध्यक्ष पंकज कुमार झा,बाराहाट थाना अध्यक्ष अशोक कुमार,धोरैया थानाध्यक्ष अमित कुमार सहित पुलिस पदाधिकारी एवं जिला आसूचना इकाई के टीम शामिल थे।

