दरभंगा में 35 साल से बंद रैयाम चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने की कवायद के बीच जमीनी स्तर पर व्यवस्था की सुस्ती सामने आ रही है। 9 सितंबर को बड़े समारोह में चीनी मिल कार्यालय के लिए भवन हस्तांतरित किए जाने के 15 दिन बाद कार्यालय भवन में ताला लटका मिला। कार्यालय की चाबी किसके पास है, इसकी जानकारी ईख प्रसार पदाधिकारी गोविंद कुमार के पास भी नहीं है। उनके मुताबिक अभी टेबल-कुर्सी, अलमारी समेत जरूरी सामान उपलब्ध नहीं है। ऐसे में कार्यालय का विधिवत संचालन संभव नहीं हो पा रहा है। आसपास के लोगों ने बताया कि कार्यक्रम के दिन अधिकारियों और लोगों के जाने के बाद भवन में ताला लगा दिया गया था। जो 15 दिन बाद भी नहीं खुला। भवन पर कार्यालय से संबंधित कोई बोर्ड भी नहीं लगाया गया है। आईपीएल को सौंपा गया था भवन 9 सितंबर को निरीक्षण भवन को चीनी मिल कार्यालय के लिए इंडियन पोटाश लिमिटेड (आईपीएल) को सौंपा गया था। मौके पर दरभंगा ग्रामीण विधायक राजेश मंडल उर्फ ईश्वर मंडल और डीएम कौशल कुमार ने संयुक्त रूप से आईपीएल के राज्य प्रबंधक सतविंदर सिंह सैनी को भवन की चाबी सौंपी थी। उस समय इसे मिल के पुनर्निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया था। 20 नवंबर को शिलान्यास, 30 सितंबर तक कर्मियों के आने की उम्मीद ईख प्रसार पदाधिकारी गोविंद कुमार ने बताया कि रैयाम चीनी मिल का शिलान्यास प्रधानमंत्री के हाथों 20 नवंबर को प्रस्तावित है। 30 सितंबर तक कई कर्मियों के यहां पहुंचने की उम्मीद है। मशीनों के लिए निविदा की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। किसानों को मुफ्त ईख बीज उपलब्ध कराने की भी तैयारी है। 12,336 किसान निबंधित, 180 ने ही जमा किया सदस्यता-शेयर शुल्क जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरभ कुमार के अनुसार रैयाम एवं सकरी चीनी मिल सहकारी समिति लिमिटेड के गठन की प्रक्रिया के तहत दरभंगा एवं मधुबनी के किसानों का ऑनलाइन निबंधन कराया जा रहा है। अब तक रैयाम चीनी मिल क्षेत्र के 12,336 और सकरी चीनी मिल क्षेत्र के 15,931 किसानों का ऑनलाइन निबंधन हो चुका है। इनमें रैयाम के 180 और सकरी के 231 किसानों ने सदस्यता एवं शेयर शुल्क की राशि जमा की है। किसानों की सुविधा के लिए 18 से 22 सितंबर तक दरभंगा जिले के विभिन्न प्रखंडों में विशेष कैंप लगाए गए। अलीनगर, बेनीपुर, बहेड़ी, घनश्यामपुर और किरतपुर में 18 एवं 19 सितंबर को तथा बिरौल, तारडीह, हायाघाट, हनुमाननगर, गौड़ाबौराम, कुशेश्वरस्थान और कुशेश्वरस्थान पूर्वी में 21 एवं 22 सितंबर को प्रखंड कार्यालयों में कैंप आयोजित किए गए। रैयाम एवं सकरी चीनी मिल सहकारी समिति लिमिटेड का शीघ्र निबंधन कराया जाना प्रस्तावित है। विभाग ने ऑनलाइन निबंधित किसानों से सदस्यता एवं शेयर शुल्क जमा कर समिति की सदस्यता लेने तथा आवेदन सत्यापन के लिए प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी से संपर्क करने की अपील की है। मधुबनी में गन्ना किसानों को नई तकनीक की जानकारी रैयाम चीनी मिल क्षेत्र में गन्ने की खेती को बढ़ावा देने के लिए मधुबनी जिले में भी गतिविधियां शुरू की गई हैं। गन्ना प्रौद्योगिकी विस्तार योजना के तहत पंचायत सनौर, प्रखंड रहिका में शनिवाप एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें केवीके बसैठ, मधुबनी के वरीय वैज्ञानिक ने किसानों को गन्ने की नवीनतम तकनीक और कीट-व्याधि प्रबंधन की जानकारी दी। कार्यक्रम में आईपीएल के केन हेड विनोद तिवारी भी शामिल हुए। रैयाम क्षेत्र में 33 हजार हेक्टेयर भूमि गन्ने के लिए चिह्नित विभागीय आंकड़ों के अनुसार रैयाम चीनी मिल क्षेत्र के 1,018 राजस्व गांवों में करीब 33 हजार हेक्टेयर भूमि गन्ना उत्पादन के लिए चिह्नित की गई है। वहीं सकरी चीनी मिल क्षेत्र के 1,383 राजस्व गांवों में करीब 35 हजार हेक्टेयर भूमि चिह्नित है। सकरी मिल में भी नहीं दिखी निर्माण गतिविधि उधर, पंडौल स्थित वर्षों से बंद सकरी चीनी मिल के पुनर्जीवन को लेकर भी 20 नवंबर 2026 को नए सिरे से शिलान्यास की घोषणा की गई है। इसके बावजूद मिल परिसर में अब तक निर्माण कार्य की स्पष्ट गतिविधि दिखाई नहीं दे रही है। परिसर वीरान पड़ा है और वर्षों से बंद भवनों पर जंगली लताओं व झाड़ियों ने कब्जा कर लिया है। स्थानीय दुकानदारों और पूर्व कर्मचारियों के अनुसार करीब एक माह पहले कुछ अधिकारी निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के बाद लोगों को उम्मीद जगी थी कि जल्द पुनर्निर्माण कार्य शुरू होगा, लेकिन उसके बाद अब तक कोई अधिकारी या निर्माण एजेंसी दोबारा मौके पर नहीं पहुंची है। दरभंगा में 35 साल से बंद रैयाम चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने की कवायद के बीच जमीनी स्तर पर व्यवस्था की सुस्ती सामने आ रही है। 9 सितंबर को बड़े समारोह में चीनी मिल कार्यालय के लिए भवन हस्तांतरित किए जाने के 15 दिन बाद कार्यालय भवन में ताला लटका मिला। कार्यालय की चाबी किसके पास है, इसकी जानकारी ईख प्रसार पदाधिकारी गोविंद कुमार के पास भी नहीं है। उनके मुताबिक अभी टेबल-कुर्सी, अलमारी समेत जरूरी सामान उपलब्ध नहीं है। ऐसे में कार्यालय का विधिवत संचालन संभव नहीं हो पा रहा है। आसपास के लोगों ने बताया कि कार्यक्रम के दिन अधिकारियों और लोगों के जाने के बाद भवन में ताला लगा दिया गया था। जो 15 दिन बाद भी नहीं खुला। भवन पर कार्यालय से संबंधित कोई बोर्ड भी नहीं लगाया गया है। आईपीएल को सौंपा गया था भवन 9 सितंबर को निरीक्षण भवन को चीनी मिल कार्यालय के लिए इंडियन पोटाश लिमिटेड (आईपीएल) को सौंपा गया था। मौके पर दरभंगा ग्रामीण विधायक राजेश मंडल उर्फ ईश्वर मंडल और डीएम कौशल कुमार ने संयुक्त रूप से आईपीएल के राज्य प्रबंधक सतविंदर सिंह सैनी को भवन की चाबी सौंपी थी। उस समय इसे मिल के पुनर्निर्माण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया था। 20 नवंबर को शिलान्यास, 30 सितंबर तक कर्मियों के आने की उम्मीद ईख प्रसार पदाधिकारी गोविंद कुमार ने बताया कि रैयाम चीनी मिल का शिलान्यास प्रधानमंत्री के हाथों 20 नवंबर को प्रस्तावित है। 30 सितंबर तक कई कर्मियों के यहां पहुंचने की उम्मीद है। मशीनों के लिए निविदा की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। किसानों को मुफ्त ईख बीज उपलब्ध कराने की भी तैयारी है। 12,336 किसान निबंधित, 180 ने ही जमा किया सदस्यता-शेयर शुल्क जिला सहकारिता पदाधिकारी सौरभ कुमार के अनुसार रैयाम एवं सकरी चीनी मिल सहकारी समिति लिमिटेड के गठन की प्रक्रिया के तहत दरभंगा एवं मधुबनी के किसानों का ऑनलाइन निबंधन कराया जा रहा है। अब तक रैयाम चीनी मिल क्षेत्र के 12,336 और सकरी चीनी मिल क्षेत्र के 15,931 किसानों का ऑनलाइन निबंधन हो चुका है। इनमें रैयाम के 180 और सकरी के 231 किसानों ने सदस्यता एवं शेयर शुल्क की राशि जमा की है। किसानों की सुविधा के लिए 18 से 22 सितंबर तक दरभंगा जिले के विभिन्न प्रखंडों में विशेष कैंप लगाए गए। अलीनगर, बेनीपुर, बहेड़ी, घनश्यामपुर और किरतपुर में 18 एवं 19 सितंबर को तथा बिरौल, तारडीह, हायाघाट, हनुमाननगर, गौड़ाबौराम, कुशेश्वरस्थान और कुशेश्वरस्थान पूर्वी में 21 एवं 22 सितंबर को प्रखंड कार्यालयों में कैंप आयोजित किए गए। रैयाम एवं सकरी चीनी मिल सहकारी समिति लिमिटेड का शीघ्र निबंधन कराया जाना प्रस्तावित है। विभाग ने ऑनलाइन निबंधित किसानों से सदस्यता एवं शेयर शुल्क जमा कर समिति की सदस्यता लेने तथा आवेदन सत्यापन के लिए प्रखंड सहकारिता प्रसार पदाधिकारी से संपर्क करने की अपील की है। मधुबनी में गन्ना किसानों को नई तकनीक की जानकारी रैयाम चीनी मिल क्षेत्र में गन्ने की खेती को बढ़ावा देने के लिए मधुबनी जिले में भी गतिविधियां शुरू की गई हैं। गन्ना प्रौद्योगिकी विस्तार योजना के तहत पंचायत सनौर, प्रखंड रहिका में शनिवाप एक दिवसीय कृषक प्रशिक्षण आयोजित किया गया। इसमें केवीके बसैठ, मधुबनी के वरीय वैज्ञानिक ने किसानों को गन्ने की नवीनतम तकनीक और कीट-व्याधि प्रबंधन की जानकारी दी। कार्यक्रम में आईपीएल के केन हेड विनोद तिवारी भी शामिल हुए। रैयाम क्षेत्र में 33 हजार हेक्टेयर भूमि गन्ने के लिए चिह्नित विभागीय आंकड़ों के अनुसार रैयाम चीनी मिल क्षेत्र के 1,018 राजस्व गांवों में करीब 33 हजार हेक्टेयर भूमि गन्ना उत्पादन के लिए चिह्नित की गई है। वहीं सकरी चीनी मिल क्षेत्र के 1,383 राजस्व गांवों में करीब 35 हजार हेक्टेयर भूमि चिह्नित है। सकरी मिल में भी नहीं दिखी निर्माण गतिविधि उधर, पंडौल स्थित वर्षों से बंद सकरी चीनी मिल के पुनर्जीवन को लेकर भी 20 नवंबर 2026 को नए सिरे से शिलान्यास की घोषणा की गई है। इसके बावजूद मिल परिसर में अब तक निर्माण कार्य की स्पष्ट गतिविधि दिखाई नहीं दे रही है। परिसर वीरान पड़ा है और वर्षों से बंद भवनों पर जंगली लताओं व झाड़ियों ने कब्जा कर लिया है। स्थानीय दुकानदारों और पूर्व कर्मचारियों के अनुसार करीब एक माह पहले कुछ अधिकारी निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के बाद लोगों को उम्मीद जगी थी कि जल्द पुनर्निर्माण कार्य शुरू होगा, लेकिन उसके बाद अब तक कोई अधिकारी या निर्माण एजेंसी दोबारा मौके पर नहीं पहुंची है।

