अररिया में भारत-नेपाल की खुली सीमा पर तस्करी और संदिग्ध गतिविधियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने संयुक्त रणनीति तैयार की है। रविवार को बिहार एसटीएफ के डीआईजी नीरज कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। डीआईजी ने अधिकारियों को तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। मादक पदार्थ, जाली नोट और हथियार तस्करी पर फोकस बैठक में मादक पदार्थ, जाली नोट और हथियार की तस्करी करने वाले गिरोहों को चिह्नित कर कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय शराब और मादक पदार्थ तस्करों की नई सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है। उनके खिलाफ दर्ज मामलों में स्पीडी ट्रायल की तैयारी करने को भी कहा गया। पुलिस-एसएसबी की संयुक्त गश्ती बढ़ेगी भारत-नेपाल सीमा पर पुलिस और एसएसबी के बीच समन्वय बढ़ाकर संयुक्त गश्ती तेज की जाएगी। चेकपोस्टों पर संदिग्ध लोगों और वाहनों की जांच बढ़ाने के साथ संवेदनशील रास्तों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। रात के समय गश्ती को दोगुना करने की बात कही गई। 24 घंटे निगरानी, मजबूत होगा खुफिया नेटवर्क डीआईजी ने संवेदनशील सीमा मार्गों पर टीमों को 24 घंटे निगरानी रखने का निर्देश दिया। नशीले पदार्थों की खेप और तस्करों की गतिविधियों का पता लगाने के लिए खुफिया नेटवर्क को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। थाना प्रभारियों को कार्रवाई की चेतावनी डीआईजी नीरज कुमार सिंह ने थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि संगठित अपराध या मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी शिकायतों पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। ऐसी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद बैठक में एसपी जितेन्द्र कुमार, एसडीपीओ सुशील कुमार, डीएसपी मुख्यालय संतोष कुमार पोद्दार, डीएसपी साइबर रघुनाथ सिंह, डीएसपी रक्षित सुधीर कुमार, एसटीएफ पूर्णिया के डीएसपी मो. अली साबरी समेत सर्किल इंस्पेक्टर और सीमा से सटे सभी थानों के थानाध्यक्ष मौजूद रहे। अररिया में भारत-नेपाल की खुली सीमा पर तस्करी और संदिग्ध गतिविधियों पर शिकंजा कसने के लिए पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ने संयुक्त रणनीति तैयार की है। रविवार को बिहार एसटीएफ के डीआईजी नीरज कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में सीमावर्ती इलाकों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई। डीआईजी ने अधिकारियों को तस्करी और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए। मादक पदार्थ, जाली नोट और हथियार तस्करी पर फोकस बैठक में मादक पदार्थ, जाली नोट और हथियार की तस्करी करने वाले गिरोहों को चिह्नित कर कार्रवाई करने पर जोर दिया गया। सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय शराब और मादक पदार्थ तस्करों की नई सूची तैयार करने का निर्देश दिया गया है। उनके खिलाफ दर्ज मामलों में स्पीडी ट्रायल की तैयारी करने को भी कहा गया। पुलिस-एसएसबी की संयुक्त गश्ती बढ़ेगी भारत-नेपाल सीमा पर पुलिस और एसएसबी के बीच समन्वय बढ़ाकर संयुक्त गश्ती तेज की जाएगी। चेकपोस्टों पर संदिग्ध लोगों और वाहनों की जांच बढ़ाने के साथ संवेदनशील रास्तों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया गया। रात के समय गश्ती को दोगुना करने की बात कही गई। 24 घंटे निगरानी, मजबूत होगा खुफिया नेटवर्क डीआईजी ने संवेदनशील सीमा मार्गों पर टीमों को 24 घंटे निगरानी रखने का निर्देश दिया। नशीले पदार्थों की खेप और तस्करों की गतिविधियों का पता लगाने के लिए खुफिया नेटवर्क को मजबूत करने पर भी जोर दिया गया। थाना प्रभारियों को कार्रवाई की चेतावनी डीआईजी नीरज कुमार सिंह ने थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि संगठित अपराध या मादक पदार्थों की तस्करी से जुड़ी शिकायतों पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। ऐसी शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद बैठक में एसपी जितेन्द्र कुमार, एसडीपीओ सुशील कुमार, डीएसपी मुख्यालय संतोष कुमार पोद्दार, डीएसपी साइबर रघुनाथ सिंह, डीएसपी रक्षित सुधीर कुमार, एसटीएफ पूर्णिया के डीएसपी मो. अली साबरी समेत सर्किल इंस्पेक्टर और सीमा से सटे सभी थानों के थानाध्यक्ष मौजूद रहे।

