सुपौल शहर में गणेश पूजा खत्म होने के बाद आज भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन श्रद्धा और उत्साह से किया गया। गांधी मैदान से विसर्जन शोभायात्रा शुरू हुई। यह शहर के कई रास्तों से होकर गुजरी और आखिर में कोसी नदी में गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया गया। यह शोभायात्रा गांधी मैदान से लोहिया नगर चौक, स्टेशन चौक, महावीर चौक और हुसैन चौक समेत शहर के कई इलाकों से गुजरी। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और भक्त शामिल हुए। ढोल-बैंड और बाजे की धुन पर श्रद्धालु भक्ति में झूमते दिखे। महिलाओं में भी गणपति बप्पा को विदाई देने का काफी उत्साह था। खास बात यह थी कि शाम को लगातार बारिश होने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। बारिश के बीच भी लोग गणेश जी की प्रतिमा के साथ शोभायात्रा में शामिल रहे। प्रतिमा को बारिश के पानी से बचाने के लिए उसे ढककर शहर के कई रास्तों पर घुमाया गया। हालांकि, लगातार बारिश के कारण विसर्जन यात्रा में शामिल लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जगह-जगह बारिश और पानी के बीच भी श्रद्धालु भगवान गणेश के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। पूरे रास्ते भक्ति का माहौल बना रहा। आखिर में शोभायात्रा कोसी नदी के तट पर पहुंची। वहां विधि-विधान और श्रद्धा से भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। श्रद्धालुओं ने ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों के साथ अगले साल फिर आने की कामना की। बारिश के बीच हुई यह विसर्जन शोभायात्रा सुपौल शहर में आस्था, उत्साह और भक्ति का अनोखा नजारा दिखा। सुपौल शहर में गणेश पूजा खत्म होने के बाद आज भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन श्रद्धा और उत्साह से किया गया। गांधी मैदान से विसर्जन शोभायात्रा शुरू हुई। यह शहर के कई रास्तों से होकर गुजरी और आखिर में कोसी नदी में गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया गया। यह शोभायात्रा गांधी मैदान से लोहिया नगर चौक, स्टेशन चौक, महावीर चौक और हुसैन चौक समेत शहर के कई इलाकों से गुजरी। इसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु और भक्त शामिल हुए। ढोल-बैंड और बाजे की धुन पर श्रद्धालु भक्ति में झूमते दिखे। महिलाओं में भी गणपति बप्पा को विदाई देने का काफी उत्साह था। खास बात यह थी कि शाम को लगातार बारिश होने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह कम नहीं हुआ। बारिश के बीच भी लोग गणेश जी की प्रतिमा के साथ शोभायात्रा में शामिल रहे। प्रतिमा को बारिश के पानी से बचाने के लिए उसे ढककर शहर के कई रास्तों पर घुमाया गया। हालांकि, लगातार बारिश के कारण विसर्जन यात्रा में शामिल लोगों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। जगह-जगह बारिश और पानी के बीच भी श्रद्धालु भगवान गणेश के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ते रहे। पूरे रास्ते भक्ति का माहौल बना रहा। आखिर में शोभायात्रा कोसी नदी के तट पर पहुंची। वहां विधि-विधान और श्रद्धा से भगवान गणेश की प्रतिमा का विसर्जन किया गया। श्रद्धालुओं ने ‘गणपति बप्पा मोरया’ के जयकारों के साथ अगले साल फिर आने की कामना की। बारिश के बीच हुई यह विसर्जन शोभायात्रा सुपौल शहर में आस्था, उत्साह और भक्ति का अनोखा नजारा दिखा।

