मधुबनी में 25 सितंबर को ‘पुलिस दीदी’ के लिए मिली स्कूटी और मोटरसाइकिल गाड़ियों का पुलिस केंद्र में निरीक्षण किया गया। बिहार सरकार ने ये गाड़ियां उपलब्ध कराई हैं। मधुबनी के सीनियर पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने शाम करीब 5 बजे पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित) और दूसरे पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की मौजूदगी में गाड़ियों का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद इन गाड़ियों को जिले के सभी अनुमंडलों के तय इलाकों में ड्यूटी के लिए भेज दिया गया। ‘पुलिस दीदी’ पहल का मुख्य मकसद स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं में सुरक्षा की भावना बढ़ाना है। इसका उद्देश्य असामाजिक तत्वों पर नजर रखना, महिलाओं से जुड़े अपराधों को रोकना और छात्राओं व पुलिस के बीच बेहतर तालमेल बनाना भी है। इस मौके पर सीनियर पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने बताया कि ‘पुलिस दीदी’ अपने तय इलाकों में समय-समय पर स्कूलों और कॉलेजों का दौरा करेंगी। इस दौरान वे छात्राओं से सीधे बात करेंगी और उनकी सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं की जानकारी लेंगी। छात्राओं की बताई गई समस्याओं और शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि स्कूल और कॉलेजों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों और असामाजिक तत्वों पर भी नजर रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित थाने और पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर तुरंत एक्शन लिया जाएगा। गाड़ियां मिलने से ‘पुलिस दीदी’ अपने इलाकों में आसानी से पहुंच पाएंगी और छात्राओं से संपर्क कर सकेंगी। पुलिस विभाग की इस पहल से छात्राओं में सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ेगा। साथ ही, महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की जानकारी भी पुलिस तक समय पर पहुंच पाएगी। जिले के अलग-अलग अनुमंडलों में तैनात ‘पुलिस दीदी’ लगातार अपने इलाके में घूमकर छात्राओं की समस्याएं सुनेंगी और उनकी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएंगी। मधुबनी में 25 सितंबर को ‘पुलिस दीदी’ के लिए मिली स्कूटी और मोटरसाइकिल गाड़ियों का पुलिस केंद्र में निरीक्षण किया गया। बिहार सरकार ने ये गाड़ियां उपलब्ध कराई हैं। मधुबनी के सीनियर पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने शाम करीब 5 बजे पुलिस उपाधीक्षक (रक्षित) और दूसरे पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों की मौजूदगी में गाड़ियों का जायजा लिया। निरीक्षण के बाद इन गाड़ियों को जिले के सभी अनुमंडलों के तय इलाकों में ड्यूटी के लिए भेज दिया गया। ‘पुलिस दीदी’ पहल का मुख्य मकसद स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं में सुरक्षा की भावना बढ़ाना है। इसका उद्देश्य असामाजिक तत्वों पर नजर रखना, महिलाओं से जुड़े अपराधों को रोकना और छात्राओं व पुलिस के बीच बेहतर तालमेल बनाना भी है। इस मौके पर सीनियर पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने बताया कि ‘पुलिस दीदी’ अपने तय इलाकों में समय-समय पर स्कूलों और कॉलेजों का दौरा करेंगी। इस दौरान वे छात्राओं से सीधे बात करेंगी और उनकी सुरक्षा से जुड़ी समस्याओं की जानकारी लेंगी। छात्राओं की बताई गई समस्याओं और शिकायतों पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि स्कूल और कॉलेजों के आसपास संदिग्ध गतिविधियों और असामाजिक तत्वों पर भी नजर रखी जाएगी। जरूरत पड़ने पर संबंधित थाने और पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर तुरंत एक्शन लिया जाएगा। गाड़ियां मिलने से ‘पुलिस दीदी’ अपने इलाकों में आसानी से पहुंच पाएंगी और छात्राओं से संपर्क कर सकेंगी। पुलिस विभाग की इस पहल से छात्राओं में सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ेगा। साथ ही, महिला सुरक्षा से जुड़े मामलों की जानकारी भी पुलिस तक समय पर पहुंच पाएगी। जिले के अलग-अलग अनुमंडलों में तैनात ‘पुलिस दीदी’ लगातार अपने इलाके में घूमकर छात्राओं की समस्याएं सुनेंगी और उनकी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठाएंगी।

