अयोध्या जिले के इनायत नगर थाना क्षेत्र में पत्नी की हत्या कर शव बोरे में भरकर कुएं में फेंकने के मामले में अदालत ने आरोपी पति शाहिद को शुक्रवार 25 सितंबर को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रथम की अदालत ने शाहिद को हत्या का दोषी ठहराते हुए 50 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। पुलिस के अनुसार, उछाहपाली गांव निवासी शाहिद ने 22 जुलाई 2024 की रात अपनी पत्नी नफीसा बानो की हत्या कर दी थी। हत्या के बाद उसने शव को बोरे में भरकर मोपेड पर लादा और गांव के दक्षिण स्थित एक कुएं में फेंक दिया। घटना के समय दंपती की तीन बेटियां घर पर सो रही थीं। मां की हत्या और पिता के गायब होने से बच्चे बाद में अपने माता-पिता की तलाश कर रहे थे। मामले का खुलासा पोल्ट्री फार्म संचालक वसीम खान की सूचना से हुआ। उन्होंने पुलिस को बताया था कि उनके फार्म पर शाहिद और उसकी पत्नी नफीसा काम करते थे। नफीसा दो दिन से लापता थी, जबकि शाहिद भी नहीं मिल रहा था। सूचना पर तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अभिमन्यु शुक्ला पुलिस टीम के साथ उछाहपाली गांव पहुंचे। पुलिस ने तलाश और पूछताछ के बाद शाहिद को 25 जुलाई 2024 को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने पत्नी की हत्या कर शव कुएं में फेंकने की जानकारी दी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने कुएं से नफीसा का शव बरामद किया। इसके बाद अमेठी जिले के मुसाफिरखाना कोतवाली क्षेत्र के दादरा निवासी मृतका के भाई इश्तिहार की तहरीर पर शाहिद के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया। और अभियुक्त शाजिद को जेल भेज दिया गया था। मामले की विवेचना तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक अभिमन्यु शुक्ला ने की। अभियोजन पक्ष की ओर से लोक अभियोजक ज्ञानेश चंद्र पांडेय और रोहित पांडेय ने प्रभावी पैरवी की। पैरोकार हेड कांस्टेबल विमलेश कुमार, हेड कांस्टेबल रजनीकांत, कोर्ट मोहर्रिर कांस्टेबल राजकुमार और मॉनीटरिंग सेल ने भी सहयोग किया। अदालत के फैसले के बाद पुलिस ने अभियोजन टीम के प्रयासों की सराहना की।

