गोरखपुर में बच्चों को सुरक्षित और समझदार बनाने के लिए POCSO जागरूकता अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान 25 सितंबर से 1 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इस दौरान जिले के कई स्कूलों में जाकर बच्चों को उनके अधिकार और सुरक्षा के तरीके बहुत ही आसान शब्दों में बताए जा रहे हैं, ताकि हर बच्चा इसे अच्छे से समझ सके। अभियान के तहत न्यायिक अधिकारी और उनकी टीम स्कूलों में पहुंच रही है। वे प्रार्थना सभा के दौरान बच्चों से सीधे बात कर रहे हैं और उन्हें समझा रहे हैं कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों की सुरक्षा के लिए एक खास कानून बना है, जिसे POCSO कानून कहते हैं। बच्चों को गुड टच-बैड टच की आसान समझ बच्चों को साफ बताया जा रहा है कि अगर कोई उन्हें गलत तरीके से छूता है, डराता है या परेशान करता है, तो यह गलत है। ऐसी स्थिति में चुप नहीं रहना है, बल्कि तुरंत अपने माता-पिता, शिक्षक या किसी भरोसेमंद व्यक्ति को बताना है। अभियान में बच्चों को अच्छे और बुरे स्पर्श के बारे में भी बहुत आसान तरीके से समझाया जा रहा है। ताकि बच्चे सही और गलत में फर्क कर सकें और किसी भी गलत स्थिति से खुद को बचा सकें। बड़े बच्चों पर खास ध्यान किशोर और किशोरियों को खास तौर पर जागरूक किया जा रहा है, क्योंकि इस उम्र में सही जानकारी बहुत जरूरी होती है। उन्हें यह भी बताया जा रहा है कि अगर कोई समस्या हो, तो मदद कैसे और कहां से लेनी है। गांधी जयंती के दिन प्रभात फेरी, जागरूकता शिविर और नुक्कड़ नाटक किए जाएंगे। इसके जरिए गांव और शहर के ज्यादा से ज्यादा लोगों तक यह संदेश पहुंचाया जाएगा कि बच्चों की सुरक्षा हम सबकी जिम्मेदारी है। मदद के लिए ये नंबर याद रखें:- बच्चों को हेल्पलाइन नंबर भी बताए जा रहे हैं- 1098 (चाइल्डलाइन) 112 (पुलिस) इस अभियान का मकसद बच्चों को डराना नहीं, बल्कि उन्हें जागरूक और मजबूत बनाना है। जब बच्चे अपने हक और सुरक्षा के तरीके जानेंगे, तभी वे खुद को सुरक्षित रख पाएंगे।

