राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ की 150वीं वर्षगांठ पर शुक्रवार को रायसेन में सामूहिक गायन हुआ। रामलीला मैदान स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर में ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम के तहत आयोजित इस आयोजन में विद्यार्थी, आचार्य परिवार, पूर्व छात्र, अभिभावक और शहर के गणमान्य नागरिक शामिल हुए। विद्या भारती मध्य भारत प्रांत के आह्वान पर चलाए जा रहे अभियान के तहत देशभर में एक करोड़ से ज्यादा लोगों ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया। 15 से 24 सितंबर तक हुईं कई गतिविधियां अभियान के तहत विद्यालय में 15 से 24 सितंबर तक अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की गईं। इनमें निबंध लेखन, चित्रकला, अभिनय, नृत्य, रंगोली, वंदे मातरम् गीत गायन, मूर्तिकला, इतिहास और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिताएं शामिल थीं। इन गतिविधियों के जरिए विद्यार्थियों को राष्ट्रगीत के इतिहास और उसके महत्व की जानकारी दी गई। विद्यालय के व्यवस्थापक सुरेंद्र राय ने बताया कि अभियान का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रीय चेतना और सामूहिक सहभागिता की भावना विकसित करना था। ध्वजारोहण और राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम की शुरुआत शुक्रवार को हुए ‘नमामि भारतम्’ कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण, राष्ट्रगान, दीप प्रज्ज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुई। इसके बाद सभी ने सामूहिक रूप से वंदे मातरम् का गायन किया। कार्यक्रम में विद्यालय के प्राचार्य चंद्रेश खरेलिया, रानी दुर्गावती छात्रावास की प्राचार्य कांति मिश्रा, पूर्व आचार्य, पूर्व छात्र, अभिभावक, गणमान्य नागरिक, आचार्य परिवार और विद्यार्थी मौजूद रहे। ये अतिथि रहे मौजूद कार्यक्रम में कोतवाली से श्रद्धा उइके, भारतीय इतिहास संकलन समिति के अध्यक्ष डॉ. एचबी सेन, उत्कृष्ट विद्यालय की शिक्षिका अमिता त्रिपाठी, स्वामी रामकृष्ण परमहंस शिक्षण समिति के अध्यक्ष दिनेश शर्मा, शिक्षा समिति के सचिव सुरेंद्र राय, समाजसेवी डॉ. एसी अग्रवाल, कला के क्षेत्र में उपलब्धि प्राप्त शासकीय शिक्षक विमल किशोर झा और अभिषेक अग्निहोत्री तथा संघ के जिला प्रचारक योगेश गुर्जर मौजूद रहे। अतिथियों के संबोधन और आभार प्रदर्शन के बाद कार्यक्रम का समापन हुआ।

