अर्जुन राय बोले-RJD कभी मेरी पसंद की पार्टी नहीं थी:लालू-नीतीश-शरद के साझा विजन से जुड़े रहे, तेजस्वी के नेतृत्व में पार्टी ठीक नहीं लगी

अर्जुन राय बोले-RJD कभी मेरी पसंद की पार्टी नहीं थी:लालू-नीतीश-शरद के साझा विजन से जुड़े रहे, तेजस्वी के नेतृत्व में पार्टी ठीक नहीं लगी

सीतामढ़ी के पूर्व सांसद डॉ. अर्जुन राय ने भाजपा में शामिल होने के बाद अपने राजनीतिक फैसले को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राजद कभी उनकी पसंद की पार्टी नहीं थी। उस समय लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार और शरद यादव जैसे बड़े नेता राजद और जदयू की राजनीति में सक्रिय थे। राय के मुताबिक, इन नेताओं का एक साझा विजन था, जिसकी वजह से वे राजद के साथ जुड़े रहे। तेजस्वी के नेतृत्व वाली राजद पसंद नहीं थी अर्जुन राय ने कहा कि अब राजनीतिक हालात बदल गए हैं। तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाली मौजूदा राजद उन्हें ठीक नहीं लग रही थी। उन्होंने कहा कि समय और परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें भाजपा में शामिल होने का फैसला लेना पड़ा। राय ने 27 जुलाई 2026 को पटना में भाजपा की सदस्यता ली थी। इससे पहले उन्होंने राजद से इस्तीफा दे दिया था। उनके भाजपा में शामिल होने की खबर की पुष्टि उस समय की कई रिपोर्टों में भी हुई थी। बोले- राजनीति निजी फायदा या परिवार चलाने के लिए नहीं भाजपा में शामिल होने के फैसले पर अर्जुन राय ने कहा कि उनकी राजनीति का मकसद निजी फायदा या परिवार चलाना नहीं है। उन्होंने कहा, “हम लोगों के लिए राजनीति करते हैं। राजनीति कोई प्रेम नहीं है और न ही यह परिवार पालने की जगह है। मौजूदा समय और हालात को देखते हुए मैंने भाजपा जॉइन की है।” 2024 में राजद के टिकट पर लड़ा था लोकसभा चुनाव अर्जुन राय सीतामढ़ी लोकसभा क्षेत्र से सांसद रह चुके हैं। उन्होंने 2024 का लोकसभा चुनाव राजद के टिकट पर सीतामढ़ी से लड़ा था। इससे पहले वे जदयू से भी जुड़े रहे और शरद यादव के साथ राजनीतिक रूप से काम कर चुके हैं। सीतामढ़ी के पूर्व सांसद डॉ. अर्जुन राय ने भाजपा में शामिल होने के बाद अपने राजनीतिक फैसले को लेकर बयान दिया है। उन्होंने कहा कि राजद कभी उनकी पसंद की पार्टी नहीं थी। उस समय लालू प्रसाद यादव, नीतीश कुमार और शरद यादव जैसे बड़े नेता राजद और जदयू की राजनीति में सक्रिय थे। राय के मुताबिक, इन नेताओं का एक साझा विजन था, जिसकी वजह से वे राजद के साथ जुड़े रहे। तेजस्वी के नेतृत्व वाली राजद पसंद नहीं थी अर्जुन राय ने कहा कि अब राजनीतिक हालात बदल गए हैं। तेजस्वी यादव के नेतृत्व वाली मौजूदा राजद उन्हें ठीक नहीं लग रही थी। उन्होंने कहा कि समय और परिस्थितियों को देखते हुए उन्हें भाजपा में शामिल होने का फैसला लेना पड़ा। राय ने 27 जुलाई 2026 को पटना में भाजपा की सदस्यता ली थी। इससे पहले उन्होंने राजद से इस्तीफा दे दिया था। उनके भाजपा में शामिल होने की खबर की पुष्टि उस समय की कई रिपोर्टों में भी हुई थी। बोले- राजनीति निजी फायदा या परिवार चलाने के लिए नहीं भाजपा में शामिल होने के फैसले पर अर्जुन राय ने कहा कि उनकी राजनीति का मकसद निजी फायदा या परिवार चलाना नहीं है। उन्होंने कहा, “हम लोगों के लिए राजनीति करते हैं। राजनीति कोई प्रेम नहीं है और न ही यह परिवार पालने की जगह है। मौजूदा समय और हालात को देखते हुए मैंने भाजपा जॉइन की है।” 2024 में राजद के टिकट पर लड़ा था लोकसभा चुनाव अर्जुन राय सीतामढ़ी लोकसभा क्षेत्र से सांसद रह चुके हैं। उन्होंने 2024 का लोकसभा चुनाव राजद के टिकट पर सीतामढ़ी से लड़ा था। इससे पहले वे जदयू से भी जुड़े रहे और शरद यादव के साथ राजनीतिक रूप से काम कर चुके हैं।  

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