शादी डॉट कॉम पर दोस्ती, महिला ने 1.35 लाख हड़पे:उम्रकैद की सजा काट रहा बंदी खुली जेल से फरार, जेल अधीक्षक ने सिविल लाइंस थाने में दी रिपोर्ट

शादी डॉट कॉम पर दोस्ती, महिला ने 1.35 लाख हड़पे:उम्रकैद की सजा काट रहा बंदी खुली जेल से फरार, जेल अधीक्षक ने सिविल लाइंस थाने में दी रिपोर्ट

अजमेर शहर में गुरुवार को अपराध से जुड़े अलग-अलग मामले सामने आए हैं। साइबर थाने में शादी.com के जरिए संपर्क में आई महिला द्वारा धमकी देकर 1.35 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी का मामला दर्ज हुआ है। वहीं सिविल लाइंस थाने में खुला बंदी शिविर से आजीवन कारावास की सजा काट रहे बंदी के फरार होने पर एफआईआर दर्ज की गई है। दोनों मामलों में पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। शादी डॉट कॉम पर हुई थी महिला से दोस्ती मदनगंज निवासी राघव बिंदल से शादी डॉट कॉम के जरिए संपर्क में आई महिला ने दोस्ती करने के बाद ऑनलाइन धमकी देकर 1.35 लाख रुपए ठग लिए। मामले में एनसीआरपी पोर्टल पर मिली शिकायत के आधार पर साइबर थाने में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की गई है। पीड़ित के अनुसार वह शादी.com पर रजिस्टर्ड है। इसी दौरान एक महिला ने उससे संपर्क किया और दोस्ती की। बातचीत के दौरान महिला ने उसे अपनी बातों में उलझाया और बाद में ऑनलाइन डर या चोट पहुंचाने की धमकी देकर 1 लाख 35 हजार रुपए की ठगी कर ली। अजमेर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। खुला बंदी शिविर की शाम की गिनती में नहीं मिला, तलाश के बाद फरारी का केस केंद्रीय कारागृह अजमेर के अधीन खुले बंदी शिविर में सजा काट रहा आजीवन कारावास का बंदी शाम की गिनती में अनुपस्थित मिला। जेल प्रशासन ने परिसर सहित बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन के आसपास तलाश की, लेकिन बंदी का पता नहीं चला। इसके बाद सिविल लाइंस थाने में बंदी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। पुलिस के अनुसार, गुजरा खैर पुत्र कालिया खैर निवासी वैराकातरा, थाना कोटड़ा, उदयपुर को उदयपुर की अदालत ने हत्या के मामले में 2015 में आजीवन कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई थी। वह खुला बंदी शिविर अजमेर में सजा भुगत रहा था। 22 सितंबर की शाम हाजिरी के दौरान बंदी अनुपस्थित मिला। शिविर प्रभारी मुख्य प्रहरी रणसिंह ने अधिकारियों को इसकी सूचना दी। इसके बाद जेल परिसर, आसपास के क्षेत्र, बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर तलाश की गई, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। रिपोर्ट के मुताबिक बंदी और उसके परिजनों के दूरभाष नंबर भी उपलब्ध नहीं थे। जेल अधीक्षक की रिपोर्ट पर सिविल लाइंस थाना पुलिस ने धारा 262 बीएनएस में मामला दर्ज कर जांच एसआई शिलु कुमार को सौंपी है।

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