बेनाझावर के ब्रजेंद्र स्वरूप पार्क में बने मंगल भवन की कमेटी भंग किए जाने को लेकर गुरुवार को महापौर प्रमिला पांडेय ने नगर आयुक्त के फैसले पर नाराजगी जताई। प्रेस कॉन्फ्रेंस में महापौर ने कहा कि कमेटी को भंग करने का निर्णय नगर निगम की कार्यकारिणी और सदन की स्वीकृति के बिना लिया गया है, जो पूरी तरह गलत है। उन्होंने कहा कि इस मामले की शिकायत शासन से की जाएगी। महापौर ने बताया कि मंगल भवन में अब तक करीब 100 शादियां हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि इसके निर्माण और संचालन से जुड़े कार्यों में कुछ भी गलत नहीं किया गया है। हर काम के लिए कानूनी सलाह ली गई थी। इसके बावजूद कमेटी को निरस्त किया जाना उचित नहीं है। ‘अफसर फील्ड में उतरते तो शहर की ऐसी हालत नहीं होती’ शहर में जर्जर सड़कों और जलभराव के मुद्दे पर महापौर ने अधिकारियों पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अफसर फील्ड में नहीं उतरते और शहर की बदहाली का पूरा ठीकरा महापौर पर फोड़ दिया जाता है। उन्होंने कहा कि शहर की समस्याओं के लिए महापौर अकेले जिम्मेदार नहीं हैं। अगर अधिकारी अपने कार्यालयों से बाहर निकलकर मौके पर निरीक्षण करते तो शहर की स्थिति इतनी खराब नहीं होती। तालाबों पर कब्जों की वजह से हो रहा जलभराव महापौर ने जलभराव का बड़ा कारण शहर के तालाबों पर हुए कब्जे को बताया। उन्होंने दावा किया कि करीब 312 तालाबों पर कब्जा हो चुका है और उनका कोई पता नहीं है। कल्याणपुर के एक तालाब से कब्जा हटाने का मुद्दा मुख्यमंत्री के सामने भी उठाया गया था, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मंडलायुक्त और केडीए से तालाबों को चिह्नित कर कब्जामुक्त कराने की मांग की। साथ ही केडीए उपाध्यक्ष से टीम गठित कर कार्रवाई करने को कहा। खबर अपडेट की जा रही है…

