नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुए बस हादसे में 9 लोगों की जान चली गई। इसी बस में सरोज गुप्ता और उनके बेटे मयंक गुप्ता सवार थे। दोनों अब तक लापता हैं। हादसे की सूचना मिलने के बाद उनका दूसरा बेटा शिवम गुप्ता और बेटी नयनसी गुप्ता पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे। यहां कई घंटे इंतजार के बाद भी मां और भाई की जानकारी नहीं मिली तो दोनों एक-दूसरे से लिपटकर रोने लगे। नयनसी और शिवम ने बताया कि बुधवार रात करीब 10 बजे उन्होंने मां और भाई को नोएडा के सेक्टर-37 से बस में बैठाया था। करीब 11 बजे फोन आया, लेकिन आवाज साफ नहीं आ रही थी। इसके बाद दोनों से संपर्क नहीं हो सका और मोबाइल बंद आने लगा। बाद में पता चला कि जिस बस से मां जा रही थी, उसमें आग लग गई। एक घंटे बाद आया फोन, फिर संपर्क टूट गया शिवम ने बताया कि रात मां सरोज गुप्ता और भाई मयंक महोबा जा रहे थे। रात 10 बजे सेक्टर-37 से बस उन्हें बस में बिठाया था, तब सबकुछ ठीक था। रात करीब 11 बजे भाई का फोन आया था। फोन पर आवाज साफ नहीं थी, इसलिए ठीक से बातचीत नहीं हो सकी। इसके बाद मैंने कई बार फोन किया, लेकिन दोनों नंबर बंद आने लगे। हमें रात में ही बस हादसे की जानकारी मिली। इसके बाद हम लोग तलाश करने लगे। रात में हम घटनास्थल पर पहुंच गए, लेकिन वहां मां और मयंक का पता नहीं चला। जेवर थाने से पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया सुबह 10 बजे हम लोग जेवर थाने पहुंचे। वहां से हमें पोस्टमार्टम हाउस भेजा गया, क्योंकि हादसे में मारे गए 9 यात्रियों के शव यहां रखे गए थे। हम लोगों ने वहां भी पता किया, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। पोस्टमार्टम हाउस में मां और भाई का शव नहीं मिलने पर बच्चों का सब्र टूट गया। दोनों एक-दूसरे से लिपटकर रोने लगे। इस दौरान परिवार के लोग उन्हें संभालते रहे। अलग-अलग जगहों से बैठे थे यात्री प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती बस में सवार सभी यात्रियों की पूरी जानकारी जुटाने की है। बस में यात्रियों को कश्मीरी गेट के अलावा सेक्टर-37 और यमुना एक्सप्रेस-वे के जीरो पॉइंट से भी बैठाया गया था। जेवर एसडीएम दुर्गेश सिंह के मुताबिक प्रशासन के पास 25 से ज्यादा यात्रियों की सूची है। इन लोगों को फोन करके बुलाया जा रहा है। उनसे पूछा जा रहा है कि वे बस में किसके साथ यात्रा कर रहे थे और उनकी सीट के आसपास कौन बैठा था। शवों की पहचान के लिए DNA जांच होगी हादसे में मारे गए 9 यात्रियों के शव बुरी तरह जल गए हैं। इसी वजह से सभी की पहचान सामान्य तरीके से करना मुश्किल है। प्रशासन पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों से शवों की शिनाख्त करा रहा है। जिन शवों की पहचान नहीं हो पाएगी, उनकी पहचान DNA जांच के जरिए कराई जाएगी। जिन शवों की शिनाख्त हो जाएगी, उन्हें पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा। 9 में 8 पुरुष और एक महिला बस से कुल 9 शव बरामद हुए हैं। इनमें 8 पुरुष और एक महिला शामिल हैं। रेस्क्यू टीम ने बस का पिछला हिस्सा काटकर शव बाहर निकाले थे। आग की वजह से शवों की हालत बेहद खराब थी। इसी कारण पोस्टमार्टम हाउस में परिवारों को बुलाकर एक-एक शव की पहचान कराने की प्रक्रिया चल रही है। परिवार को अब भी दोनों के मिलने की उम्मीद नयनसी और शिवम सुबह से पोस्टमार्टम हाउस में मौजूद हैं। वे लगातार मां और भाई के बारे में जानकारी जुटा रहे हैं। दोनों के मुताबिक आखिरी बार रात करीब 11 बजे फोन आया था, लेकिन बातचीत साफ नहीं हो सकी थी। इसके बाद मोबाइल बंद हो गए। अब परिवार पुलिस और प्रशासन से सरोज और मयंक की जानकारी मिलने का इंतजार कर रहा है। ——————————— ये खबर भी पढ़िए- नोएडा में चलती स्लीपर बस में आग, 9 जिंदा जले:बस एमपी के ट्रैवल्स की; इस पर 19 चालान, 1.75 लाख जुर्माना हो चुका नोएडा में बुधवार रात यमुना एक्सप्रेस-वे पर स्लीपर AC बस में आग लगने से 9 यात्रियों की मौत हो गई। इनमें 8 पुरुष और एक महिला है। बस में 35 यात्री सवार थे। 20 को रेस्क्यू किया गया, जबकि कुछ यात्री खिड़कियां तोड़कर बाहर निकल गए। पढ़ें पूरी खबर…

