गोपालगंज में बदला मौसम, देर रात से बारिश:30 से 50 MM तक बारिश का अनुमान, धान की फसल को होगा फायदा

गोपालगंज में बदला मौसम, देर रात से बारिश:30 से 50 MM तक बारिश का अनुमान, धान की फसल को होगा फायदा

गोपालगंज में देर रात से मौसम का मिजाज बदल गया है। घने काले बादल छाए रहने के साथ जिले के कई इलाकों में हल्की से तेज बारिश हुई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई है, जिससे उमस और गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में आज 70% से 100% तक बारिश होने की संभावना है। अगले 24 घंटे में औसतन 30 से 50 mm तक मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। अधिकतम तापमान 25 से 30°C और न्यूनतम 23 से 24°C के आसपास रह सकता है। सदर से हथुआ और भोरे तक छाए रहेंगे बादल गोपालगंज सदर, हथुआ, मीरगंज, कटेया, कुचायकोट, बैकुंठपुर और भोरे समेत सीमावर्ती और ग्रामीण इलाकों में बादल छाए रहने का अनुमान है। कुछ निचले और तराई वाले इलाकों में गरज के साथ तेज बारिश हो सकती है। धान की फसल को फायदा, सब्जियों को नुकसान की आशंका बारिश धान की फसल के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। इससे खेतों में नमी बढ़ेगी और सिंचाई का खर्च कम हो सकता है। हालांकि, निचले इलाकों और शहरी सड़कों पर पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित हो सकता है। तेज हवा के साथ ज्यादा बारिश होने पर हरी सब्जियों और तिलहन फसलों को नुकसान की आशंका भी है। गरज-चमक के दौरान सावधानी की सलाह मौसम विभाग ने लोगों को गरज और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान या पेड़ के नीचे नहीं जाने की सलाह दी है। गोपालगंज में देर रात से मौसम का मिजाज बदल गया है। घने काले बादल छाए रहने के साथ जिले के कई इलाकों में हल्की से तेज बारिश हुई। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई है, जिससे उमस और गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में आज 70% से 100% तक बारिश होने की संभावना है। अगले 24 घंटे में औसतन 30 से 50 mm तक मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है। अधिकतम तापमान 25 से 30°C और न्यूनतम 23 से 24°C के आसपास रह सकता है। सदर से हथुआ और भोरे तक छाए रहेंगे बादल गोपालगंज सदर, हथुआ, मीरगंज, कटेया, कुचायकोट, बैकुंठपुर और भोरे समेत सीमावर्ती और ग्रामीण इलाकों में बादल छाए रहने का अनुमान है। कुछ निचले और तराई वाले इलाकों में गरज के साथ तेज बारिश हो सकती है। धान की फसल को फायदा, सब्जियों को नुकसान की आशंका बारिश धान की फसल के लिए फायदेमंद मानी जा रही है। इससे खेतों में नमी बढ़ेगी और सिंचाई का खर्च कम हो सकता है। हालांकि, निचले इलाकों और शहरी सड़कों पर पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित हो सकता है। तेज हवा के साथ ज्यादा बारिश होने पर हरी सब्जियों और तिलहन फसलों को नुकसान की आशंका भी है। गरज-चमक के दौरान सावधानी की सलाह मौसम विभाग ने लोगों को गरज और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान या पेड़ के नीचे नहीं जाने की सलाह दी है।  

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