हिसार में जमीन की रजिस्ट्री के बाद रुपयों का भुगतान न करने और उस जमीन को आगे बेचने के आरोप में सिविल लाइन थाना पुलिस ने एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले में धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश के आरोपों की जांच कर रही है। पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता, दुर्जनपुर गांव निवासी सुनील वर्मा और उनकी माता राजबाला ने अपनी खेती की जमीन की रजिस्ट्री 25 अक्टूबर 2024 को सुमित के नाम करवाई थी। जमीन की बिक्री 5 लाख 53 हजार रुपए में तय हुई थी। सुमित ने भुगतान के लिए चेक दिया था, लेकिन रजिस्ट्री के तुरंत बाद पैसे नहीं दिए। उसने बाद में नकद पैसे देने का भरोसा दिया था। शिकायत के मुताबिक, जब सुमित ने पैसे नहीं दिए, तो उसने 24 जनवरी 2025 को एक शपथ पत्र दिया। इसमें उसने तय समय में 5.53 लाख रुपए देने या पैसे न देने पर जमीन वापस करने का लिखित भरोसा दिया था। तय समय बीत जाने के बाद भी उसने पैसे नहीं दिए। आरोपी ने जमीन को आगे बेची जांच में पता चला कि आरोपी सुमित ने यह जमीन 30 मार्च 2026 को रजनीकांत नाम के व्यक्ति को बेच दी। रजनीकांत दुर्जनपुर का रहने वाला है। इसके बाद सुनील वर्मा और राजबाला ने मामले की सही जांच की मांग की। मामले की जांच डीएसपी सुनील कुमार ने की। शुरुआती जांच में धोखाधड़ी का अपराध पाए जाने पर सिविल लाइन थाने में केस दर्ज किया गया। इसके बाद पीएसआई रेनू कुमारी ने कार्रवाई करते हुए आरोपी सुमित को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले में शामिल अन्य आरोपियों की भूमिका और सभी तथ्यों की जांच कर रही है। एसपी सिद्धांत जैन ने कहा कि संपत्ति से जुड़ी धोखाधड़ी में शामिल लोगों के खिलाफ नियमों के हिसाब से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

