ऑल इंडिया लायर्स यूनियन के अध्यक्ष अब्दुल जब्बार खान के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने प्रशासनिक अधिकारी को एक मांग पत्र सौंपा। यह मांग पत्र ऑल इंडिया लायर्स यूनियन की नेशनल कौंसिल की बैठक में लिए गए फैसले के तहत दिया गया। यह बैठक 16 अगस्त 2026 को कोची (केरल) में हुई थी। इसमें 23 सितंबर 2026 को राष्ट्रव्यापी अभियान के तहत अधिवक्ताओं के लिए कुछ लाभों की मांग करने का निर्णय लिया गया था। यूनियन ने मांग की है कि अधिवक्ताओं को कम से कम 25 लाख रुपये का डेथ कम रिटायरमेंट बेनिफिट दिया जाए। इसके लिए एडवोकेट्स वेलफेयर फंड एक्ट 2001 में बदलाव किया जाए। इसके साथ ही, अधिवक्ताओं को हर साल कम से कम 5 लाख रुपये का मेडिकल क्लेम दिया जाए। नए अधिवक्ताओं को 5 साल तक हर महीने 10 हजार रुपये का मानदेय दिया जाए। ऑल इंडिया लायर्स यूनियन की मेरठ जिला कमेटी ने केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार, बार कौंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन और उत्तर प्रदेश बार कौंसिल के चेयरमैन से भी ये मांगें की हैं। खासकर, उत्तर प्रदेश के अधिवक्ताओं के लिए मांग की गई है कि 30 साल की वकालत पूरी होने पर उन्हें एकमुश्त 25 लाख रुपये का डेथ कम रिटायरमेंट बेनिफिट मिले। इसके लिए उत्तर प्रदेश एडवोकेट्स वेलफेयर फंड एक्ट 1974 में जरूरी संशोधन किए जाएं। उत्तर प्रदेश के सभी अधिवक्ताओं को 5 लाख रुपये का मेडिकल क्लेम देने और नए अधिवक्ताओं को 10 हजार रुपये प्रति माह मानदेय देने के लिए एडवोकेट्स एक्ट 1961 और बार कौंसिल के नियमों में बदलाव करने की भी मांग की गई है।

