पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के आगामी चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपनी सियासी सरगर्मियां तेज कर दी हैं। चुनावी तैयारियों को धार देने के उद्देश्य से बुधवार को नालंदा जिले के बेन प्रखंड में एनडीए कार्यकर्ताओं की एक अहम बैठक आयोजित की गई। बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं सूचना जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने कार्यकर्ताओं से पूरी ताकत और एकजुटता के साथ चुनाव में जुटने का आह्वान किया। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि चुनाव की घोषणा हो चुकी है, ऐसे में अब समय गंवाए बिना संगठन के साथी को मैदान में उतरना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव आम चुनावों से काफी अलग और विशिष्ट होता है, क्योंकि इसमें केवल स्नातक या उससे उच्च शिक्षा प्राप्त प्रबुद्ध मतदाता ही अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं। शिक्षा क्षेत्र में हुए कार्यों को बनाएं चुनावी आधार मंत्री ने कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि वे शिक्षित मतदाताओं के बीच एनडीए सरकार की नीतियों और विकास कार्यों को प्रमुखता से रखें। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार हुए हैं। स्कूलों से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों तक बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार हुआ है। राज्य में उच्च शिक्षा हासिल करने वाले युवाओं की तादाद लगातार बढ़ी है। उन्होंने कहा कि शिक्षित समाज ही प्रगति की राह तय करता है और युवाओं को बेहतर भविष्य देता है।
बूथ स्तर तक जनसंपर्क तेज करने का आह्वान श्रवण कुमार ने कार्यकर्ताओं को पंचायत और बूथ स्तर पर सक्रिय होकर सघन जनसंपर्क अभियान चलाने का टास्क सौंपा। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता स्नातक मतदाताओं से सीधा संवाद कायम करें, उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को समझें और उन्हें सरकार की जनहितैषी नीतियों से अवगत कराएं। बैठक में मौजूद एनडीए कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर एनडीए प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया।
बैठक में ये रहे मौजूद इस अवसर पर जदयू प्रखंड अध्यक्ष अरविंद पटेल, भाजपा प्रखंड अध्यक्ष निर्मल सिंह, हम (सेक्युलर) के प्रखंड अध्यक्ष चुन्नू मांझी के अलावा सत्येन्द्र सिंह, लक्ष्मण प्रसाद, शंभू पासवान, प्रो. भूषण, रामानुज सिंह, विजय कुमार, संतोष कुमार, लखन यादव, जीतू कुशवाहा, कुमुद कुमार, सुनील पासवान, कलीम साहब, वहाब उद्दीन, विक्रम सिंह, जितेन्द्र सिंह, जीतू मांझी, सोनम सोनाली, धुरी मांझी, शैलेन्द्र पाल और सुधीर प्रसाद सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे। पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के आगामी चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) ने अपनी सियासी सरगर्मियां तेज कर दी हैं। चुनावी तैयारियों को धार देने के उद्देश्य से बुधवार को नालंदा जिले के बेन प्रखंड में एनडीए कार्यकर्ताओं की एक अहम बैठक आयोजित की गई। बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं सूचना जनसंपर्क मंत्री श्रवण कुमार ने कार्यकर्ताओं से पूरी ताकत और एकजुटता के साथ चुनाव में जुटने का आह्वान किया। मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि चुनाव की घोषणा हो चुकी है, ऐसे में अब समय गंवाए बिना संगठन के साथी को मैदान में उतरना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव आम चुनावों से काफी अलग और विशिष्ट होता है, क्योंकि इसमें केवल स्नातक या उससे उच्च शिक्षा प्राप्त प्रबुद्ध मतदाता ही अपने मताधिकार का प्रयोग करते हैं। शिक्षा क्षेत्र में हुए कार्यों को बनाएं चुनावी आधार मंत्री ने कार्यकर्ताओं को निर्देशित किया कि वे शिक्षित मतदाताओं के बीच एनडीए सरकार की नीतियों और विकास कार्यों को प्रमुखता से रखें। पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में बिहार में शिक्षा व्यवस्था में ऐतिहासिक सुधार हुए हैं। स्कूलों से लेकर उच्च शिक्षण संस्थानों तक बुनियादी ढांचे का तेजी से विस्तार हुआ है। राज्य में उच्च शिक्षा हासिल करने वाले युवाओं की तादाद लगातार बढ़ी है। उन्होंने कहा कि शिक्षित समाज ही प्रगति की राह तय करता है और युवाओं को बेहतर भविष्य देता है।
बूथ स्तर तक जनसंपर्क तेज करने का आह्वान श्रवण कुमार ने कार्यकर्ताओं को पंचायत और बूथ स्तर पर सक्रिय होकर सघन जनसंपर्क अभियान चलाने का टास्क सौंपा। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता स्नातक मतदाताओं से सीधा संवाद कायम करें, उनकी समस्याओं और अपेक्षाओं को समझें और उन्हें सरकार की जनहितैषी नीतियों से अवगत कराएं। बैठक में मौजूद एनडीए कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर एनडीए प्रत्याशी की जीत सुनिश्चित करने का संकल्प दोहराया।
बैठक में ये रहे मौजूद इस अवसर पर जदयू प्रखंड अध्यक्ष अरविंद पटेल, भाजपा प्रखंड अध्यक्ष निर्मल सिंह, हम (सेक्युलर) के प्रखंड अध्यक्ष चुन्नू मांझी के अलावा सत्येन्द्र सिंह, लक्ष्मण प्रसाद, शंभू पासवान, प्रो. भूषण, रामानुज सिंह, विजय कुमार, संतोष कुमार, लखन यादव, जीतू कुशवाहा, कुमुद कुमार, सुनील पासवान, कलीम साहब, वहाब उद्दीन, विक्रम सिंह, जितेन्द्र सिंह, जीतू मांझी, सोनम सोनाली, धुरी मांझी, शैलेन्द्र पाल और सुधीर प्रसाद सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।

