सीएमआरएल रिश्वत मामले में केरल पुलिस जांच के आदेश पर CPM का यूडीएफ सरकार पर हमला

सीएमआरएल रिश्वत मामले में केरल पुलिस जांच के आदेश पर CPM का यूडीएफ सरकार पर हमला

मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने कथित सीएमआरएल रिश्वत मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस जांच के आदेश देने को लेकर मंगलवार को केरलम की यूडीएफ सरकार की आलोचना की। ईडी की इस रिपोर्ट में केरलम के पूर्व मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन, उनकी बेटी वीणा टी और दामाद पी ए मोहम्मद रियास का नाम शामिल है। माकपा ने विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल के मुद्दे पर कांग्रेस नेतृत्व के रुख पर भी सवाल उठाया।

केरलम सरकार की ओर से पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को ईडी की रिपोर्ट की जांच सौंपे जाने की घोषणा के तुरंत बाद माकपा महासचिव एम ए बेबी ने कहा कि पार्टी इस मामले का कानूनी और राजनीतिक रूप से सामना करेगी। बेबी ने नयी दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, ‘‘इसका सामना कानूनी और राजनीतिक रूप से करना होगा। ऐसे कई उदाहरण हैं, जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राजनीतिक उद्देश्यों को हासिल करने के लिए प्रवर्तन निदेशालय का इस्तेमाल किया गया।’’
उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों को निशाना बनाने और उनके नेताओं को धमकाने के लिए केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल के कई उदाहरण हैं, जिसके बाद उनमें से कुछ लोग भाजपा में शामिल हो गए।

माकपा नेता ने दावा किया, ‘‘सभी जानते हैं कि भाजपा ने इस तरह कांग्रेस और अन्य दलों के कई नेताओं को अपने साथ जोड़ा है।’’
बेबी ने कहा कि माकपा और उसका नेतृत्व ऐसी धमकियों के कारण पार्टी नहीं छोड़ेगा, भाजपा में शामिल नहीं होगा और न ही उसका सहयोगी बनेगा। उन्होंने कहा कि भाजपा इस बात को समझ नहीं पाई है। माकपा महासचिव ने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर कांग्रेस नेतृत्व खुद और अन्य विपक्षी नेताओं के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल का विरोध करता रहा है।

बेबी ने आरोप लगाया, ‘‘लेकिन केरलम में एक अजीब स्थिति पैदा हो गई है, जहां राज्य की संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) सरकार प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के साथ मिलकर माकपा को निशाना बनाती नजर आ रही है।’’
उन्होंने कहा कि केरलम के कांग्रेस नेताओं और राज्य सरकार को इस मुद्दे का राजनीतिक रूप से विश्लेषण करना चाहिए तथा कांग्रेस के केंद्रीय नेतृत्व को भी इस पर विचार करना चाहिए। बेबी ने सवाल किया, ‘‘ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा कांग्रेस और अन्य विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के लिए एजेंसियों के इस्तेमाल के तरीके पर कांग्रेस के राष्ट्रीय नेतृत्व का क्या रुख है? ’’
माकपा के राज्य सचिव एम वी गोविंदन ने भी बेबी के विचारों का समर्थन करते हुए आरोप लगाया कि केरलम की यूडीएफ सरकार संघ परिवार की बी-टीम की तरह काम कर रही है और विपक्षी दलों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग का समर्थन कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *