SSC GD कांस्टेबल भर्ती परीक्षा-2026 में धांधली के मामले में एसटीएफ ने परीक्षा केंद्र चुनने वाली कंपनी ASSESS Infra Pvt. Ltd. के दो डायरेक्टरों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान जयपुर निवासी गगनदीप शर्मा और यादवेन्द्र सिंह के रूप में हुई है। दोनों को मंगलवार दोपहर सूरजपुर स्थित एसटीएफ कार्यालय से गिरफ्तार किया गया। एसटीएफ ने बताया कि मामले की जांच ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क स्थित बालाजी डिजिटल जोन में हुई कार्रवाई से आगे बढ़ी। 22 मई को एसटीएफ ने यहां SSC GD परीक्षा में प्रॉक्सी सर्वर और सर्वर हैकिंग के जरिए नकल कराने वाले गिरोह के सात आरोपियों को गिरफ्तार किया था। मौके से 50 लाख रुपये नकद, प्रॉक्सी सर्वर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए थे। इस मामले में अब तक कुल 10 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। जांच में सामने आया कि बालाजी डिजिटल जोन को SSC परीक्षा केंद्र के रूप में ASSESS Infra ने चिन्हित किया था। इस सेंटर पर 2025 से अब तक SSC की 16 परीक्षाएं आयोजित हो चुकी थीं। सेंटर को भुगतान नहीं, सुरक्षा नियमों में कथित अनदेखी
एसटीएफ के मुताबिक, SSC की प्रतियोगी परीक्षाएं कार्यदायी संस्था Eduquity के जरिए कराई जाती हैं। उत्तर भारत में परीक्षा केंद्रों के चयन, सिक्योरिटी ऑडिट और सेंटर संचालक व स्टाफ के पुलिस वैरीफिकेशन जैसे काम ASSESS Infra को दिए गए थे। जांच में आरोप है कि बालाजी डिजिटल जोन को परीक्षा कराने के लिए निर्धारित शुल्क का भुगतान नहीं किया गया। इसके बदले परीक्षा केंद्र से जुड़े सुरक्षा नियमों में कथित तौर पर अनदेखी की गई। एसटीएफ का कहना है कि इसी व्यवस्था का फायदा उठाकर सेंटर संचालक ने अभ्यर्थियों से पैसे लेकर परीक्षा में नकल कराने की व्यवस्था कराई। देहरादून में पकड़ा गया था यही मुख्य आरोपी, फिर भी सेंटर चुना
जांच में यह तथ्य भी सामने आया कि अप्रैल 2026 में देहरादून के महादेव डिजिटल जोन में प्रॉक्सी सर्वर के जरिए नकल पकड़ी गई थी। इस मामले में भी बालाजी डिजिटल जोन से जुड़े मुख्य आरोपी प्रदीप चौहान का नाम सामने आया था। एसटीएफ के अनुसार, इसके बावजूद ASSESS Infra ने प्रदीप चौहान की ग्रेटर नोएडा स्थित दूसरी लैब बालाजी डिजिटल जोन को दोबारा परीक्षा केंद्र के रूप में चिन्हित किया। यूपी समेत 7 राज्यों के दर्जनों सेंटर जांच के दायरे में
एसटीएफ की जांच में अब तक उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, झारखंड और दिल्ली के दर्जनों संदिग्ध परीक्षा केंद्रों के इस नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी सामने आई है। जांच एजेंसी के अनुसार, परीक्षा में धांधली के लिए RESBARY PI डिवाइस लगी मॉडिफाइड TFT, प्रॉक्सी सर्वर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल किया गया।

