पंचायती राज चुनाव को लेकर चित्तौड़गढ़ जिले में बुधवार को जिला परिषद सदस्य, पंचायत समिति सदस्य और प्रधान पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। जिला मुख्यालय पर होने वाली इस लॉटरी के साथ ही जिले में पंचायत चुनाव की तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी। लॉटरी के बाद राजनीतिक दल अपने-अपने क्षेत्रों में चुनावी समीकरण बनाना शुरू कर देंगे। परिसीमन के बाद जिले में जिला परिषद के 35 सदस्य, 11 पंचायत समितियों के प्रधान और 199 पंचायत समिति सदस्य चुने जाएंगे। इससे पहले जिला प्रमुख पद के लिए 13 अगस्त को लॉटरी निकाली जा चुकी है, जिसमें चित्तौड़गढ़ जिले का जिला प्रमुख पद अनारक्षित महिला के लिए तय किया गया है। 11 पंचायत समितियों में चुने जाएंगे प्रधान चित्तौड़गढ़ जिले में कुल 11 पंचायत समितियां हैं, जिनमें 359 ग्राम पंचायतें शामिल हैं। इन पंचायत समितियों में प्रधान पद के लिए बुधवार को आरक्षण की स्थिति तय होगी। जिले में करीब 9 लाख 73 हजार मतदाता पंचायत चुनाव में अपने प्रतिनिधि चुनेंगे। इनमें 4 लाख 86 हजार 733 पुरुष मतदाता, 4 लाख 86 हजार 255 महिला मतदाता और 12 ट्रांसजेंडर मतदाता शामिल हैं। यही मतदाता एक जिला प्रमुख, 11 प्रधान, 35 जिला परिषद सदस्य और 199 पंचायत समिति सदस्यों का चुनाव करेंगे। इसके अलावा जिले की 359 ग्राम पंचायतों में सरपंच और 3159 वार्ड पंच भी चुने जाएंगे। चित्तौड़गढ़ पंचायत समिति में सबसे ज्यादा वोटर जिले की पंचायत समितियों में मतदाताओं की संख्या के हिसाब से चित्तौड़गढ़ पंचायत समिति सबसे बड़ी है। यहां कुल 1 लाख 55 हजार 262 मतदाता हैं। वहीं सबसे कम मतदाता भैंसरोडगढ़ पंचायत समिति में हैं, जहां 64 हजार 707 वोटर अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। लॉटरी के बाद यह तय होगा कि कौन-सी पंचायत समिति किस वर्ग के लिए आरक्षित होगी। इसके आधार पर राजनीतिक दल संभावित उम्मीदवारों के नामों पर चर्चा शुरू करेंगे। जिला प्रमुख पद पहले ही तय, अनारक्षित महिला के लिए आरक्षित पंचायत चुनाव में जिला प्रमुख पद के लिए चित्तौड़गढ़ में इस बार अनारक्षित महिला का आरक्षण तय किया गया है। इससे पहले जिले में जिला प्रमुख पद पर भाजपा के सुरेश धाकड़, भूपेंद्र सिंह बाडोली और गब्बर सिंह ने कार्यकाल पूरा किया था। अब नई आरक्षण व्यवस्था के बाद जिला प्रमुख पद के लिए महिला दावेदारों की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। बुधवार की लॉटरी के बाद जिला परिषद और पंचायत समितियों के चुनावी समीकरण भी स्पष्ट होने लगेंगे। लॉटरी के बाद चुनाव कार्यक्रम का इंतजार पंचायत चुनाव की आरक्षण लॉटरी पूरी होने के बाद चुनाव आयोग की ओर से कार्यक्रम जारी किया जाएगा। चुनाव कार्यक्रम घोषित होते ही जिले में आदर्श आचार संहिता लागू हो जाएगी। इसके बाद नामांकन, मतदान और मतगणना की प्रक्रिया शुरू होगी। फिलहाल प्रशासन लॉटरी की तैयारियों में जुटा हुआ है। वहीं राजनीतिक दल भी आरक्षण की स्थिति सामने आने का इंतजार कर रहे हैं, ताकि पंचायत स्तर पर चुनावी रणनीति तैयार की जा सके।

