ग्वालियर के लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआईपीई) में छात्रों का आंदोलन मंगलवार को 14वें दिन भी जारी रहा। गुवाहाटी कैंपस में छात्रा श्रुति उपाध्याय की मौत के बाद यह आंदोलन शुरू हुआ था, जो अब और तेज हो गया है। 8 सितंबर से मुख्य गेट पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने मंगलवार को प्रबंधन पर मांगों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए भूख हड़ताल शुरू कर दी। चार छात्र अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे हैं। छात्रों का कहना है कि 13 दिन तक शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद भी संस्थान प्रबंधन ने उनकी मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। छात्रों के मुताबिक, वे लगातार प्रबंधन से बातचीत और समाधान चाहते थे। लेकिन उनकी छह सूत्रीय मांगों पर कोई एक्शन नहीं होने से उन्हें भूख हड़ताल करनी पड़ी है। आंदोलन में शामिल पीएचडी छात्र शैलेंद्र सिंह ने बताया कि प्रबंधन लगातार छात्रों के आंदोलन को नजरअंदाज कर रहा है। उनका आरोप है कि प्रबंधन चाहता है कि छात्र सिर्फ आश्वासन मिलने के बाद आंदोलन खत्म कर दें। जबकि उनकी मूल मांगों पर कोई फैसला नहीं लिया जा रहा है। शैलेंद्र सिंह ने कहा कि छात्रों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ है। इसी वजह से मंगलवार से चार छात्रों ने अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की है। उन्होंने यह भी कहा कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन में शामिल दूसरे छात्र भी भूख हड़ताल में शामिल हो सकते हैं। मंगलवार को आंदोलनकारी छात्रों का एक समूह संस्थान के एडमिन ब्लॉक भी पहुंचा। बड़ी संख्या में छात्र नारेबाजी करते हुए प्रबंधन कार्यालय की ओर बढ़ रहे थे। इसी दौरान कुलगुरु की गाड़ी वहां से गुजर रही थी। छात्रों ने रास्ते में बैठकर प्रदर्शन करने की कोशिश की। छात्रों की भीड़ देखकर कुलगुरु की गाड़ी पीछे लौट गई और वहां से चली गई।

