IIT Bombay: बेटे साहिल वाकोडे को खोने के बाद पछता रहे पिता, बोले- उसे IIT में रुकने की सलाह देकर गलती कर दी

IIT Bombay: बेटे साहिल वाकोडे को खोने के बाद पछता रहे पिता, बोले- उसे IIT में रुकने की सलाह देकर गलती कर दी

IIT Bombay Student Death: भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) बॉम्बे में छात्र साहिल वाकोडे की कथित संदिग्ध मौत के मामले में मृतक के परिजनों ने पुलिस जांच की गति पर सवाल उठाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। मृतक छात्र के पिता रवींद्र वाकोडे ने मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच पहुंचकर मामले की निष्पक्ष और त्वरित जांच की अपील की है। क्राइम ब्रांच कार्यालय पहुंचे रवींद्र वाकोडे ने मीडिया से बातचीत में अपना दर्द साझा करते हुए कहा कि उनके बेटे की मौत के जिम्मेदार लोगों को तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए।

‘आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए’

उन्होंने सीधे तौर पर शिरीष केदारे और सूर्यनारायण डूल्ला का नाम लेते हुए कहा कि मेरी प्रशासन और पुलिस से गुजारिश है कि इस मामले की जांच जल्द से जल्द पूरी की जाए और इसमें शामिल आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए। पिता ने साहिल की शैक्षणिक योग्यता का जिक्र करते हुए कहा कि वह बेहद होनहार छात्र था। आईआईटी एडवांस्ड जैसी कठिन परीक्षा पास करना कोई आसान बात नहीं है और उसकी ऑल इंडिया रैंक इस बात का सबूत है।

मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप

उन्होंने आरोप लगाया कि संस्थान में उसे मानसिक रूप से परेशान किया जा रहा था। रवींद्र वाकोडे ने कहा कि वे उस पर झूठे आरोप लगाएंगे और कहेंगे कि उसने चीटिंग की है, लेकिन सच्चाई यह है कि वह वहां लगातार प्रताड़ना का शिकार हो रहा था। भावुक होते हुए पिता ने बताया कि साहिल पिछले कुछ समय से काफी परेशान चल रहा था। उन्होंने कहा कि मैंने ही उसे समझाया था कि IIT में थोड़ा धैर्य रखे, इसके बाद उसकी पूरी जिंदगी संवर जाएगी। आज मुझे लगता है कि उसे वहां रुकने की सलाह देकर मैंने बड़ी गलती कर दी। फिलहाल क्राइम ब्रांच की टीम परिजनों के बयानों और आरोपों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।

सीबीआई जांच की मांग

इससे पहले कांग्रेस नेता और एमएलसी भाई जगताप ने आईआईटी बॉम्बे के छात्र साहिल की मौत के मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की। छात्र के परिवार की ओर से संस्थान के डायरेक्टर और प्रोफेसर पर लगाए गए कथित जातिगत भेदभाव के आरोपों पर उन्होंने कहा कि आईआईटी, आईआईएम और एम्स जैसे संस्थान देश का गौरव हैं और इनमें इस तरह की घटनाओं के लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। इन संस्थानों में देश के प्रतिभाशाली छात्र पढ़ते हैं और आगे चलकर देश की सेवा करते हैं। अगर इस मामले को लेकर लोगों के मन में किसी तरह का संदेह है तो सीबीआई जांच से स्थिति साफ हो सकती है।

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