दरभंगा- जनसुनवाई में पहुंचा स्वर्ण इंडिया का मामला:4 से 5 करोड़ की ठगी-वित्तीय अनियमितता का आरोप; जमाकर्ताओं की राशि वापस करने और जांच की मांग

दरभंगा- जनसुनवाई में पहुंचा स्वर्ण इंडिया का मामला:4 से 5 करोड़ की ठगी-वित्तीय अनियमितता का आरोप; जमाकर्ताओं की राशि वापस करने और जांच की मांग

दरभंगा कलेक्ट्रेट कैंपस में सोमवार को उपविकास आयुक्त की अध्यक्षता में जनसुनवाई एवं समाधान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वर्ण इंडिया मल्टी स्टेट क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड से जुड़े अभिकर्ता और जमाकर्ता अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। फरियादियों ने संस्था पर करोड़ों रुपए की कथित वित्तीय अनियमितता, जमाकर्ताओं की राशि वापस नहीं करने और धन के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही जमाकर्ताओं की जमा राशि वापस दिलाने और अभिकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया। आवेदन के अनुसार, स्वर्ण इंडिया की दरभंगा शाखा में वर्ष 2009 से ग्राहकों के एफडी, आरडी, एमआईएस सहित विभिन्न योजनाओं के तहत राशि जमा कराई जा रही थी। वर्ष 2017-18 तक ग्राहकों को जमा राशि, ब्याज और अवधि पूरी होने पर भुगतान किया जा रहा था। हालांकि वर्ष 2018 में दरभंगा शाखा अचानक बंद हो गई। इसके बाद अभिकर्ताओं ने मुजफ्फरपुर स्थित मुख्य कार्यालय से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन वहां भी कार्यालय बंद मिलने का दावा किया गया।
दरभंगा शाखा से 4 से 5 करोड़ की राशि से संबंधित आरोप आवेदन में दरभंगा शाखा के माध्यम से करीब 4 से 5 करोड़ रुपए की राशि से संबंधित कथित ठगी का आरोप लगाया गया है। फरियादियों ने संस्था के पदाधिकारियों एवं जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। यह भी आरोप लगाया गया है कि जमाकर्ताओं से प्राप्त राशि का कथित रूप से निजी हितों में इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा रियल एस्टेट और वाटर प्लांट सहित अन्य व्यवसायों में निवेश किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अभिकर्ताओं ने आवेदन में कहा है कि उन्होंने ग्राहकों को संस्था की रसीद और पासबुक में जमा राशि का विवरण उपलब्ध कराया था। उनका कहना है कि संस्था की ओर से राशि वापस नहीं किए जाने के कारण अब ग्राहक अभिकर्ताओं से अपनी जमा रकम मांग रहे हैं। इससे अभिकर्ताओं पर आर्थिक और सामाजिक दबाव बढ़ गया है। सुरक्षा की भी लगाई गुहार आवेदन में अभिकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि राशि वापस नहीं होने के कारण कुछ जमाकर्ताओं की ओर से उन्हें आपराधिक मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है। रास्ते में घेरकर मारपीट का प्रयास किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। फरियादियों ने अपनी और परिवार के सदस्यों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। नगर थाना कांड 244/20 का आवेदन में उल्लेख फरियादियों ने आवेदन में नगर थाना, दरभंगा कांड संख्या 244/20 का उल्लेख किया है। उनके अनुसार मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 406 एवं 34 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी और मामला न्यायालय में लंबित है। इसके अलावा मुजफ्फरपुर न्यायालय में परिवाद संख्या 3656/2019 का भी आवेदन में उल्लेख किया गया है। जनसुनवाई कार्यक्रम में डीडीसी ने अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों की समस्याएं सुनीं। संबंधित अधिकारियों से दूरभाष के माध्यम से जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। स्वर्ण इंडिया से जुड़े फरियादियों ने भी पूरे मामले की जांच, जमाकर्ताओं की राशि की वापसी की दिशा में विधिसम्मत कार्रवाई और अभिकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग रखी। दरभंगा कलेक्ट्रेट कैंपस में सोमवार को उपविकास आयुक्त की अध्यक्षता में जनसुनवाई एवं समाधान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान स्वर्ण इंडिया मल्टी स्टेट क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसायटी लिमिटेड से जुड़े अभिकर्ता और जमाकर्ता अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। फरियादियों ने संस्था पर करोड़ों रुपए की कथित वित्तीय अनियमितता, जमाकर्ताओं की राशि वापस नहीं करने और धन के कथित दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। साथ ही जमाकर्ताओं की जमा राशि वापस दिलाने और अभिकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह किया। आवेदन के अनुसार, स्वर्ण इंडिया की दरभंगा शाखा में वर्ष 2009 से ग्राहकों के एफडी, आरडी, एमआईएस सहित विभिन्न योजनाओं के तहत राशि जमा कराई जा रही थी। वर्ष 2017-18 तक ग्राहकों को जमा राशि, ब्याज और अवधि पूरी होने पर भुगतान किया जा रहा था। हालांकि वर्ष 2018 में दरभंगा शाखा अचानक बंद हो गई। इसके बाद अभिकर्ताओं ने मुजफ्फरपुर स्थित मुख्य कार्यालय से संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन वहां भी कार्यालय बंद मिलने का दावा किया गया।
दरभंगा शाखा से 4 से 5 करोड़ की राशि से संबंधित आरोप आवेदन में दरभंगा शाखा के माध्यम से करीब 4 से 5 करोड़ रुपए की राशि से संबंधित कथित ठगी का आरोप लगाया गया है। फरियादियों ने संस्था के पदाधिकारियों एवं जिम्मेदार लोगों की भूमिका की जांच कराने की मांग की है। यह भी आरोप लगाया गया है कि जमाकर्ताओं से प्राप्त राशि का कथित रूप से निजी हितों में इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा रियल एस्टेट और वाटर प्लांट सहित अन्य व्यवसायों में निवेश किए जाने की बात सामने आई है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। अभिकर्ताओं ने आवेदन में कहा है कि उन्होंने ग्राहकों को संस्था की रसीद और पासबुक में जमा राशि का विवरण उपलब्ध कराया था। उनका कहना है कि संस्था की ओर से राशि वापस नहीं किए जाने के कारण अब ग्राहक अभिकर्ताओं से अपनी जमा रकम मांग रहे हैं। इससे अभिकर्ताओं पर आर्थिक और सामाजिक दबाव बढ़ गया है। सुरक्षा की भी लगाई गुहार आवेदन में अभिकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि राशि वापस नहीं होने के कारण कुछ जमाकर्ताओं की ओर से उन्हें आपराधिक मुकदमे में फंसाने की धमकी दी जा रही है। रास्ते में घेरकर मारपीट का प्रयास किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। फरियादियों ने अपनी और परिवार के सदस्यों की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। नगर थाना कांड 244/20 का आवेदन में उल्लेख फरियादियों ने आवेदन में नगर थाना, दरभंगा कांड संख्या 244/20 का उल्लेख किया है। उनके अनुसार मामले में भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 406 एवं 34 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी और मामला न्यायालय में लंबित है। इसके अलावा मुजफ्फरपुर न्यायालय में परिवाद संख्या 3656/2019 का भी आवेदन में उल्लेख किया गया है। जनसुनवाई कार्यक्रम में डीडीसी ने अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों की समस्याएं सुनीं। संबंधित अधिकारियों से दूरभाष के माध्यम से जानकारी लेकर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए। स्वर्ण इंडिया से जुड़े फरियादियों ने भी पूरे मामले की जांच, जमाकर्ताओं की राशि की वापसी की दिशा में विधिसम्मत कार्रवाई और अभिकर्ताओं की सुरक्षा सुनिश्चित कराने की मांग रखी।  

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