कानपुर में सोमवार शाम एक टायर फैक्ट्री के तेल टैंक में लोडिंग के दौरान आग लग गई। जिससे दो मजदूरों की मौत हो गई। इस हादसे में जान गंवाने वाले वेल्डिंगकर्मी पिछले 11 साल से इसी फैक्ट्री में कार्यरत थे। अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले थे। उनके परिवार में बीमार पत्नी, दो छोटे बच्चे और 80 वर्षीय बुजुर्ग मां हैं। शाम को हुए इस हादसे की सूचना मिलने के बाद परिजन देर रात अस्पताल पहुंचे। जहां बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। मृतक की पत्नी बच्चों को संभाल रही थी। पीड़ित परिवार इस हादसे के बाद न्याय और उचित आर्थिक सहायता की मांग कर रहा है। हादसे में जान गंवाने वाले दूसरे मजदूर की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। फिलहाल पुलिस तलाश में जुटी हुई है। मामला गजनेर थाना क्षेत्र स्थित जरिहा गांव का है। 11 साल से फैक्ट्री में काम करते थे रियाज, दूसरे मृतक की पहचान नहीं हादसे में जान गवाने वाले लोगों की पहचान 52 वर्षीय रियाज के रूप में हुई है। रियाज पिछले 11 साल से फैक्ट्री में वेल्डिंग का काम करते थे। वह अपने परिवार में अकेले कमाने वाले थे। उनके परिवार में पत्नी रिजवाना, 7 साल की बेटी अलिसा और 11 साल का बेटा जमशेर हैं। इसके अलावा उनकी 80 वर्षीय बीमार मां भी हैं। रियाज के काम पर जाने के बाद शाम 7 बजे उनकी पत्नी रिजवाना को फोन पर हादसे की सूचना मिली। रिजवाना करीब रात्रि करीब 12.30 पर अस्पताल पहुंची परिवार के सदस्यों का कहना है कि रियाज सुबह काम पर जाते समय रात 8 बजे तक लौटने की बात कहकर गए थे। पिता के लौटने का इंतजार करते रहें बच्चे उनकी बेटी अलिसा और बेटे जमशेर अपने पिता के लौटने का इंतजार कर रहे हैं। मां रिजवाना बच्चों को समझा रही हैं कि उनके पिता अब कभी नहीं आएंगे। मृतक रियाज की पत्नी रिजवाना सांस की बीमारी से पीड़ित हैं। परिवार अब कानूनी कार्रवाई और आर्थिक मदद की मांग कर रहा है। दूसरे मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस उनके परिजनों का पता लगाने की कोशिश कर रही है। अब पढ़िए सोमवार को क्या हुआ जरिहा गांव के बाहर करीब एक किमी की दूरी पर ओम जेवी आरडी टायर फैक्ट्री है, जो 5 साल पुरानी है। इस फैक्ट्री के मालिक रमेश चंद्र गुप्ता हैं। वे कानपुर नगर जिले के रहने वाले हैं। फैक्ट्री में पुराने टायरों को 200°C से 400°C पर गर्म करके उससे पायरोलिसिस तेल बनाया जाता है। टायरों को गलाने के लिए फैक्ट्री में 30 फीट ऊंचे और करीब 15 फीट चौड़े टैंक बने हैं। लोगों के मुताबिक, यहां नियमित रूप से 10 से 12 मजदूर काम करते हैं। रविवार शाम करीब 5 बजे 6 मजदूर टैंक में टायर लोड कर रहे थे। अचानक टैंक में भीषण आग लग गई। घटना के समय दो मजदूर टैंक पर चढ़े हुए थे। आग लगने के बाद वो ऊपर ही फंस गए। देखते ही देखते दोनों मजदूर लपटों में घिर गए और जलते हुए टैंक से जमीन पर गिर पड़े। यह देख बाकी मजदूर और टैंकर ड्राइवर वहां से भाग निकले। तब तक आग और तेज हो चुकी थी। लपटें टैंक के ऊपरी हिस्से से बाहर निकलकर हवा में करीब 10 फीट ऊपर उठ रही थीं। करीब 2 किलोमीटर दूर तक काले धुएं का गुबार दिखाई दिया। दो थाने की पुलिस और फायर ब्रिगेड पहुंची घटना की सूचना मिलते ही माती और भोगनीपुर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रतीक श्रीवास्तव भी दमकल की 4 गाड़ियों के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। आग पर पानी डालना शुरू किया, लेकिन तेल की आग के चलते वो काबू नहीं हो रही थी। कानपुर नगर से भी दो गाड़ियां मंगाई गईं। इसके बाद एक फोम की गाड़ी मौके पर पहुंची और उसे आग पर डाला गया। करीब डेढ़ घंटे बाद आग पर काबू पाया जा सका। फैक्ट्री मालिक बोला- बीड़ी से भड़की आग घटना के बाद फैक्ट्री मालिक रमेश चंद्र गुप्ता थाने पहुंचे। पुलिस ने उनसे पूछताछ की। रमेश चंद्र ने बताया- मजदूर पहले बीड़ी लेकर अंदर आते जाते थे। इससे पहले भी मजदूरों को बीड़ी ले जाते पकड़ा था। स्टोरेज के अंदर गैस भरी रहती है। आज भी वह बीड़ी लेकर अंदर गए। इसी वजह से यह घटना हुई है। पानी की बौछार मारकर टैंक को ठंडा किया एसपी श्रद्धा नरेंद्र पांडे, एएसपी आलोक प्रसाद और सीओ संजय सिंह भी मौके पर पहुंचे। एसपी ने लोगों से घटना की जानकारी ली। एसपी श्रद्धा ने बताया, फैक्ट्री में आग लगने की शाम 6 बजे सूचना मिली थी। आग पर काबू पा लिया गया है। इस घटना में दो लोगों की मौत हुई है। उनकी शिनाख्त नहीं हो सकी है। फैक्ट्री में स्थिति सामान्य है। पानी की बौछारों से टैंक को ठंडा किया किया गया है। —————— ये खबर भी पढ़िए यूपी की टायर फैक्ट्री में आग, 2 मजदूर जिंदा जले:30 फीट ऊंचे टैंक से नीचे गिरे; तेल की लोडिंग के वक्त हादसा, 2 किमी दूर तक दिखीं लपटें कानपुर देहात की टायर फैक्ट्री में सोमवार शाम ऑयल टैंक में लोडिंग के दौरान अचानक भीषण आग लग गई। चपेट में आकर 2 मजदूर जिंदा जल गए। वे जलते हुए करीब 30 फीट ऊंचे टैंक से नीचे आकर गिरे। जबकि चार मजदूरों ने भागकर अपनी जान बचाई। हादसा शाम करीब 5 बजे का है। उस वक्त फैक्ट्री में छह मजदूर काम कर रहे थे। आग इतनी तेजी से फैली कि लपटें और धुएं का गुबार करीब दो किलोमीटर दूर तक दिखाई दिया। पूरी खबर पढ़िए।

