बागपत में चांदीनगर के दो दोस्तों की हत्या के आरोपी महंत नरेश नाथ ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपी ने बताया कि मृतक अंकित की बहन के साथ उसके संबंध थे और उनके फोटो अंकित के हाथ लग गए थे। फोटो वायरल होने और महंत वाली छवि खराब होने के डर से उसने हत्या की साजिश रची। चांदीनगर पुलिस ने आरोपी को कोलकाता से गिरफ्तार कर रविवार को कोर्ट में पेश किया था, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। सोमवार को पुलिस ने जेल पहुंचकर उसके बयान दर्ज किए। नशीली चाय पिलाई, फिर इंजेक्शन देकर गड्ढे में दफनाया पूछताछ में नरेश नाथ ने बताया कि अंकित लगातार उसे फोन पर धमकियां दे रहा था। इसके बाद उसने अंकित को बहाने से मंदिर बुलाया। अंकित अपने दोस्त इसरार को साथ लेकर पहुंचा था। मंदिर में उसने दोनों को पहले नशीली चाय पिलाई और फिर नशीले इंजेक्शन देकर उनकी हत्या कर दी। इसके बाद दोनों के शवों को गड्ढा खोदकर दफना दिया। बाइक यमुना में फेंकी, फोन नहर में बहाए; नेपाल भाग गया था आरोपी आरोपी ने अपने शिष्य उज्ज्वल की मदद से दोनों की मोटरसाइकिल यमुना नदी में फेंक दी और उनके मोबाइल फोन बड़ागांव के पास पूर्वी यमुना नहर में डाल दिए। वारदात के बाद वह नेपाल भाग गया था, लेकिन वहां बाढ़ आने के कारण कोलकाता लौट आया। उसे लगा कि वह कोलकाता में सुरक्षित रहेगा, लेकिन पुलिस ने उसे दबोच लिया। सोमवार को पुलिस ने नहर में सर्च अभियान चलाया, हालांकि अभी बाइक और फोन बरामद नहीं हो सके हैं। पिता का नाम बदलकर करता था गुमराह, चोरी के केस में जा चुका है जेल थाना प्रभारी राकेश कुमार ने बताया कि आरोपी अपना और अपने पिता का नाम बदलकर लोगों व पुलिस को गुमराह कर रहा था। वह साल 2024 में गाजियाबाद के कवि नगर थाने से मोटरसाइकिल चोरी के मामले में जेल जा चुका है। 17 दिन बाद जमानत पर छूटकर वह मंदिर में आकर पूजा-अर्चना करने लगा था। पुलिस जल्द ही आरोपी को रिमांड पर लेकर आगे की पूछताछ करेगी।

