सुपौल जिले के सरायगढ़-भपटियाही थाना क्षेत्र के नारायणपुर वार्ड संख्या-12 में सोमवार को ढूमरा नदी में डूबने से 55 वर्षीय सुबध पासवान की मौत हो गई। वे नदी में पटुआ निकालने के लिए गए थे। इसी दौरान नदी के समीप अचानक पैर फिसलने से वे गहरे पानी में चले गए और डूब गए। हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उन्हें नदी से बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद सुबध पासवान को पानी से बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए रेफरल अस्पताल राघोपुर ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। रेफरल अस्पताल राघोपुर में ड्यूटी पर तैनात प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार द्विवेदी ने बताया कि सुबध पासवान को अस्पताल लाए जाने से पहले ही उनकी मौत हो गई थी। बालू खनन से नदी की गहराई बढ़ने का आरोप घटना के बाद परिजनों ने ढूमरा नदी में बालू खनन के कारण नदी की गहराई बढ़ने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि नदी में अधिक गहराई होने से हादसे का खतरा बना रहता है। उन्होंने दावा किया कि इससे पहले भी नदी में डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं। परिजनों ने प्रशासन से नदी में बालू खनन की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू भपटियाही थानाध्यक्ष जयप्रकाश चौधरी ने सोमवार दोपहर करीब 12 बजे बताया कि ढूमरा नदी में एक व्यक्ति के डूबने की सूचना मिली है। शव राघोपुर रेफरल अस्पताल में है। इसकी सूचना राघोपुर थाना पुलिस को दे दी गई है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। वहीं, मौत की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। उनका रो-रोकर बुरा हाल है। सुपौल जिले के सरायगढ़-भपटियाही थाना क्षेत्र के नारायणपुर वार्ड संख्या-12 में सोमवार को ढूमरा नदी में डूबने से 55 वर्षीय सुबध पासवान की मौत हो गई। वे नदी में पटुआ निकालने के लिए गए थे। इसी दौरान नदी के समीप अचानक पैर फिसलने से वे गहरे पानी में चले गए और डूब गए। हादसे की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उन्हें नदी से बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। स्थानीय लोगों ने काफी मशक्कत के बाद सुबध पासवान को पानी से बाहर निकाला। इसके बाद उन्हें आनन-फानन में इलाज के लिए रेफरल अस्पताल राघोपुर ले जाया गया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी मौत हो चुकी थी। रेफरल अस्पताल राघोपुर में ड्यूटी पर तैनात प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. संजीव कुमार द्विवेदी ने बताया कि सुबध पासवान को अस्पताल लाए जाने से पहले ही उनकी मौत हो गई थी। बालू खनन से नदी की गहराई बढ़ने का आरोप घटना के बाद परिजनों ने ढूमरा नदी में बालू खनन के कारण नदी की गहराई बढ़ने का आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि नदी में अधिक गहराई होने से हादसे का खतरा बना रहता है। उन्होंने दावा किया कि इससे पहले भी नदी में डूबने की घटनाएं हो चुकी हैं। परिजनों ने प्रशासन से नदी में बालू खनन की जांच कराने और आवश्यक कार्रवाई की मांग की है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू भपटियाही थानाध्यक्ष जयप्रकाश चौधरी ने सोमवार दोपहर करीब 12 बजे बताया कि ढूमरा नदी में एक व्यक्ति के डूबने की सूचना मिली है। शव राघोपुर रेफरल अस्पताल में है। इसकी सूचना राघोपुर थाना पुलिस को दे दी गई है। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। वहीं, मौत की खबर मिलते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई। उनका रो-रोकर बुरा हाल है।

