किशनगंज में 6.64 करोड़ का SAI सेंटर तैयार:100 बेड का हॉस्टल भी बना; ट्रेनिंग शुरू होने से पहले बंद होने की चर्चा

किशनगंज में 6.64 करोड़ का SAI सेंटर तैयार:100 बेड का हॉस्टल भी बना; ट्रेनिंग शुरू होने से पहले बंद होने की चर्चा

किशनगंज में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) का विशेष खेल केंद्र बनकर तैयार है। इसे सीमांचल के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं देने के लिए बनाया गया है। लेकिन प्रशिक्षण शुरू होने से पहले ही सेंटर के बंद होने की चर्चा सामने आने लगी है। करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद अभी तक यहां खेल गतिविधियां शुरू नहीं हो पाई हैं। शाहनवाज हुसैन की कोशिशों से मिला था सेंटर यह सेंटर तत्कालीन केंद्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन की कोशिशों से किशनगंज को मिला था। भवन निर्माण विभाग ने करीब 6.64 करोड़ रुपए की लागत से इसका निर्माण कराया है। सेंटर में खिलाड़ियों के रहने के लिए 100 बेड वाला आधुनिक बालक छात्रावास बनाया गया है। प्रशिक्षकों के लिए भी आवास की व्यवस्था है। एथलेटिक्स, ताइक्वांडो और वॉलीबॉल की होनी है ट्रेनिंग योजना के अनुसार सेंटर में एथलेटिक्स, ताइक्वांडो और वॉलीबॉल जैसे खेलों की ट्रेनिंग दी जानी है। भवन तैयार होने के बाद खिलाड़ियों को उम्मीद थी कि जल्द ही ट्रायल शुरू होंगे और सीमांचल के युवाओं को अपने जिले में ही बेहतर खेल प्रशिक्षण मिल सकेगा। हाल ही में जिलाधिकारी तुषार सिंगला ने भी सेंटर का दौरा किया था। इसके बाद खिलाड़ियों को सेंटर में गतिविधियां शुरू होने की उम्मीद और बढ़ी थी। खिलाड़ियों को डर, कहीं इमारत बनकर ही न रह जाए स्थानीय खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का कहना है कि सीमांचल में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। समस्या उन्हें सही ट्रेनिंग, सुविधाएं और मौका मिलने की है। ऐसे में करोड़ों रुपए की लागत से बना सेंटर अगर शुरू होने से पहले ही बंद हो जाता है या लंबे समय तक बंद पड़ा रहता है, तो इसका सीधा असर युवाओं पर पड़ेगा। खिलाड़ियों की मांग- जल्द शुरू हो ट्रायल खिलाड़ियों ने सेंटर में जल्द से जल्द प्रशिक्षकों की भर्ती करने और चयन ट्रायल शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह सेंटर सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि सीमांचल के हजारों युवाओं के खेल के सपनों का ठिकाना है। अब सवाल यह है कि किशनगंज के खिलाड़ी सिर्फ सोशल मीडिया पर रील बनाकर रह जाएंगे या इसी सेंटर से ट्रेनिंग लेकर राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए मेडल जीतेंगे। खेल प्रेमियों का कहना है कि समय पर सेंटर शुरू होने से सीमांचल की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है। किशनगंज में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) का विशेष खेल केंद्र बनकर तैयार है। इसे सीमांचल के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएं देने के लिए बनाया गया है। लेकिन प्रशिक्षण शुरू होने से पहले ही सेंटर के बंद होने की चर्चा सामने आने लगी है। करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद अभी तक यहां खेल गतिविधियां शुरू नहीं हो पाई हैं। शाहनवाज हुसैन की कोशिशों से मिला था सेंटर यह सेंटर तत्कालीन केंद्रीय मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन की कोशिशों से किशनगंज को मिला था। भवन निर्माण विभाग ने करीब 6.64 करोड़ रुपए की लागत से इसका निर्माण कराया है। सेंटर में खिलाड़ियों के रहने के लिए 100 बेड वाला आधुनिक बालक छात्रावास बनाया गया है। प्रशिक्षकों के लिए भी आवास की व्यवस्था है। एथलेटिक्स, ताइक्वांडो और वॉलीबॉल की होनी है ट्रेनिंग योजना के अनुसार सेंटर में एथलेटिक्स, ताइक्वांडो और वॉलीबॉल जैसे खेलों की ट्रेनिंग दी जानी है। भवन तैयार होने के बाद खिलाड़ियों को उम्मीद थी कि जल्द ही ट्रायल शुरू होंगे और सीमांचल के युवाओं को अपने जिले में ही बेहतर खेल प्रशिक्षण मिल सकेगा। हाल ही में जिलाधिकारी तुषार सिंगला ने भी सेंटर का दौरा किया था। इसके बाद खिलाड़ियों को सेंटर में गतिविधियां शुरू होने की उम्मीद और बढ़ी थी। खिलाड़ियों को डर, कहीं इमारत बनकर ही न रह जाए स्थानीय खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों का कहना है कि सीमांचल में खेल प्रतिभाओं की कमी नहीं है। समस्या उन्हें सही ट्रेनिंग, सुविधाएं और मौका मिलने की है। ऐसे में करोड़ों रुपए की लागत से बना सेंटर अगर शुरू होने से पहले ही बंद हो जाता है या लंबे समय तक बंद पड़ा रहता है, तो इसका सीधा असर युवाओं पर पड़ेगा। खिलाड़ियों की मांग- जल्द शुरू हो ट्रायल खिलाड़ियों ने सेंटर में जल्द से जल्द प्रशिक्षकों की भर्ती करने और चयन ट्रायल शुरू कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यह सेंटर सिर्फ एक इमारत नहीं, बल्कि सीमांचल के हजारों युवाओं के खेल के सपनों का ठिकाना है। अब सवाल यह है कि किशनगंज के खिलाड़ी सिर्फ सोशल मीडिया पर रील बनाकर रह जाएंगे या इसी सेंटर से ट्रेनिंग लेकर राज्य, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश के लिए मेडल जीतेंगे। खेल प्रेमियों का कहना है कि समय पर सेंटर शुरू होने से सीमांचल की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मौका मिल सकता है।  

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