कब्जे जस के तस:अतिक्रमण हटाने पर निगम रोज खर्च कर रहा 2 लाख रुपए; 7 दिन में एक जगह 5 बार कार्रवाई

कब्जे जस के तस:अतिक्रमण हटाने पर निगम रोज खर्च कर रहा 2 लाख रुपए; 7 दिन में एक जगह 5 बार कार्रवाई

शहर से अतिक्रमण हटाने पर नगर निगम हर दिन औसतन 2 लाख रुपए खर्च कर रहा है। तीन साल में इस पर 22 करोड़ खर्च हुए हैं। लेकिन, प्रमुख बाजारों और सड़कों को स्थायी रूप से अतिक्रमण मुक्त नहीं कर पाया। स्थिति यह है कि जिन स्थानों पर निगम की टीम पांच-पांच बार पहुंची, वहां भी सड़क और फुटपाथ पर ठेले-दुकानें फिर लग गईं। भास्कर ने कार्रवाई वाले प्रमुख बाजारों का रियलिटी चेक किया तो कई जगह दुकानों का सामान सड़क तक रखा और फुटपाथ पर कारोबार होता मिला। निगम के 9 से 18 सितंबर के सात कार्रवाई दिवसों के रिकॉर्ड में 195 कार्रवाई-उल्लेख मिले। इनमें 35 स्थान ऐसे हैं, जहां दो या उससे ज्यादा बार कार्रवाई करनी पड़ी। रॉयल मार्केट और लिंक रोड नंबर 1-3 में पांच-पांच बार टीम पहुंची। इसी तरह कई इलाके ऐसे हैं, जहां हफ्ते भर में कई बार कार्रवाई हुई लेकिन कब्जे जस के तस बने हैं। मजाल है हमें कोई हटा दे – जहां हटाया अतिक्रमण, वहीं फिर लौटे ठेले-दुकानें हमीदिया रोड 15 सितंबर को मोबाइल दुकानों के सामने से बोर्ड और ठेले हटाए गए थे। यहां फिर ठेले मिले। दुकानों के बोर्ड और सामान भी सड़क तक रखे मिले। पुतली घर, सिंधी कॉलोनी सिंधी कॉलोनी चौराहे से पुतलीघर बस स्टैंड तक सड़क के दोनों तरफ ठेले-दुकानें लगी मिलीं। हाल ही में यहां 5 बार कार्रवाई हो चुकी है। अशोका गार्डन रोड: पानी की टंकी के पास 9 सितंबर को कार्रवाई हुई थी। लेकिन इसके बाद यहां फिर से दुकानें लगी मिलीं। फतेहगढ़ रोड: मोती मस्जिद से हमीदिया अस्पताल के मेन गेट और रॉयल मार्केट तक जगह-जगह ठेले मिले। इस क्षेत्र में निगम लगातार कार्रवाई कर रहा है। लिंक रोड 1-3: तीनों मार्गों पर अलग-अलग पॉइंट पर ठेले-दुकानें मिलीं। निगम के रिकॉर्ड में यहां पांच-पांच बार कार्रवाई दर्ज है। सात कार्रवाई में 51 ट्रक सामान जब्त…
9 से 18 सितंबर के बीच सात कार्रवाई में निगम ने 51 ट्रक सामान और एक फूड ट्रक जब्त किया। इनमें 10 सितंबर को सबसे ज्यादा 13 ट्रक सामान जब्त किया गया। 15 सितंबर को तीन ठेले भी जब्त किए। अलग-अलग जगह चबूतरे, टपरे, छप्पर, शेड और रैम्प हटाए गए। 18 सितंबर को नरेला विधानसभा क्षेत्र में 20 अवैध छप्पर तोड़े गए। अब जब्ती के साथ चालानी कार्रवाई होगी
दोबारा अतिक्रमण रोकने के लिए जब्ती के साथ चालानी कार्रवाई की योजना है। वेंडर्स के पुनर्वास के लिए गांधीनगर मंडी जैसी व्यवस्था की गई, लेकिन समन्वय और ग्राहकों की कमी से वे शिफ्ट नहीं हो पा रहे। सीमित अमले से सभी जोन में मॉनिटरिंग की जा रही है। -अभिषेक सिंह, अपर आयुक्त, नगर निगम एक्सपर्ट व्यू – एसएस उप्पल, पूर्व निगमायुक्त शासन स्तर पर नीति बने सिर्फ कार्रवाई से अतिक्रमण नहीं रुकेगा। आजीविका का ध्यान जरूरी है। इंदौर में प्रशासक रहते हमने प्रभावित लोगों को आसपास 8×10 की दुकानें दी थीं। इससे सड़कें साफ हुईं और निगम को राजस्व मिला। नया कब्जा रोकने के लिए वार्ड स्तर पर जिम्मेदारी तय हो और शासन स्तर पर पॉलिसी बने।

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