मऊ में संचारी रोग नियंत्रण और दस्तक अभियान अक्टूबर-2026 को ठीक से चलाने के लिए रविवार को जिले की पहली अंतरविभागीय मीटिंग हुई। यह मीटिंग जिलाधिकारी कैंप कार्यालय के सभागार में मुख्य विकास अधिकारी विवेक कुमार श्रीवास्तव की अध्यक्षता में हुई। इसमें पिछले अभियान के कामकाज की समीक्षा की गई और अगले अभियान की तैयारियों पर बात हुई। समीक्षा में पता चला कि पंचायती राज विभाग के कई मानकों पर जिले का काम राज्य के औसत से कम रहा। शिक्षा और कृषि विभाग के काम में भी कमी दिखी। इस पर सीडीओ ने अधिकारियों को कमियां सुधारने और अगले अभियान में अच्छा काम करने को कहा।
कृषि विभाग की समीक्षा में सामने आया कि राज्य में जहां 96 प्रतिशत काम हुआ, वहीं जिले में 93 प्रतिशत ही हो पाया। सीडीओ ने किसानों को जागरूक करने के लिए कैंपों का कार्यक्रम बनाने और सर्वे के दौरान सही रिपोर्टिंग करने के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग के कुछ मानकों पर भी कम काम होने पर आशा कार्यकर्ताओं को अच्छी ट्रेनिंग देने को कहा गया। आशा कार्यकर्ताओं को मच्छरों के पनपने की जगहों की पहचान, मच्छरों से होने वाली बीमारियों से बचाव और पनपने वाली जगहों को खत्म करने के तरीके बताने पर जोर दिया गया।
सीएमओ डॉ. पंकज राय ने बताया कि संचारी रोग नियंत्रण अभियान 1 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। वहीं, दस्तक अभियान 12 अक्टूबर से 31 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। अभियान के लिए ट्रेनिंग की तारीखें तय कर दी गई हैं। ब्लॉक और स्थानीय निकाय स्तर पर ट्रेनिंग और जागरूकता कार्यक्रम भी होंगे। सीडीओ ने सभी संबंधित अधिकारियों को जल्द से जल्द ब्लॉक स्तर पर मीटिंग कराने और 27 सितंबर 2026 तक माइक्रो प्लान बनाकर देने को कहा। उन्होंने कहा कि पंचायती राज, नगर विकास, शिक्षा, पशुपालन, महिला एवं बाल कल्याण, सिंचाई, कृषि और उद्यान समेत सभी विभाग मिलकर अभियान की तैयारियां पूरी करें। उन्होंने साफ निर्देश दिए कि जिन विभागों ने पिछली बार राज्य के औसत से कम काम किया है, वे खास कोशिश करें। किसी भी हाल में जिले का काम राज्य के औसत से कम नहीं होना चाहिए।

