शाहीन हत्याकांड- अपराधियों ने 3 नहीं, 4 गोली मारी थी:एक्स-रे रिपोर्ट में सीने में मिली बुलेट: फायरिंग की आवाज किसी ने नहीं सुनी, सीबीआई जांच की मांग

शाहीन हत्याकांड- अपराधियों ने 3 नहीं, 4 गोली मारी थी:एक्स-रे रिपोर्ट में सीने में मिली बुलेट: फायरिंग की आवाज किसी ने नहीं सुनी, सीबीआई जांच की मांग

समस्तीपुर के केशोरा गांव में शनिवार को अपराधियों ने ग्रामीण डॉक्टर की हत्या कर दी। अभी तक किसी भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। अपराधियों ने डॉक्टर को 3 नहीं चार गोली मारी थी। पोस्टमार्टम से पहले कराए गए एक्स-रे में सिर में दो और सीने में एक गोली की पिलेट मिली है। जबकि एक बुलेट गोली आर-पार हो गई थी, जिसकी पिलेट घटनास्थल पर बिछावन से बरामद की गई। खास बात यह है कि पुलिस की ओर से तैयार किए गए पंचनामा में सीने में गोली लगने से हुए जख्म का उल्लेख नहीं किया गया था। एक्स-रे के बाद सीने में भी गोली की पिलेट होने की बात सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि डॉक्टर को बेहद करीब से गोली मारी गई है। यह भी संभावना जताई जा रही है कि मुंह में पिस्टल डालकर गोली चलाई गई होगी। मृतक की पहचान वार्ड-13 निवासी गुलजार अहमद उर्फ शाहीन (50) की तौर पर हुई है। घटना हसनपुर थाना क्षेत्र की परोरिया पंचायत की है। फायरिंग की आवाज किसी ने नहीं सुनी वारदात के बाद मौके पर पहुंची पुलिस पुलिस ने डॉग स्क्वायड भी बुलाया, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका। ग्रामीणों का कहना है कि फायरिंग की आवाज आसपास के लोगों को सुनाई नहीं दी। गर्मी के कारण अधिकांश लोग रात में कूलर चलाकर सोते हैं, जबकि एसी वाले कमरों के दरवाजे बंद रहते हैं। ऐसे में आवाज बाहर तक नहीं पहुंची। आज होगा सुपुर्द-ए-खाक ग्रामीणों के मुताबिक मृतक के चार पुत्रों में से दो दुबई में रहते हैं। हत्या की जानकारी मिलने के बाद दोनों भारत लौट रहे हैं। रविवार को विमान से दरभंगा पहुंचने की बात कही गई है। बेटों के पहुंचने के बाद शव को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। अभी तक पुलिस को आवेदन नहीं मिला है हसनपुर थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर सुनील कांत ने बताया कि अब तक परिवार की ओर से प्राथमिकी के लिए आवेदन नहीं दिया गया है। परिजनों ने कहा है कि सुपुर्द-ए-खाक की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवेदन दिया जाएगा। पुलिस अपने स्तर से मामले की जांच कर रही है। छह दिन पहले हुआ था पोते का जन्म मृतक के चचेरे भाई मो. हैदर ने बताया कि सभी की मदद करने वाले डॉक्टर गुलजार अहमद की हत्या से गांव के लोग स्तब्ध हैं। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व अपने दोनों पुत्रों की शादी एक साथ की थी। छह दिन पहले ही उनके घर पोते का जन्म हुआ था। दरवाजे पर मरीज आते रहते थे। मरीजों के आने-जाने के कारण परिवार के लोगों को वहां जाने की अनुमति नहीं थी। दरवाजे पर ही मरीजों के लिए एक कमरा बना हुआ था। घटना की रात कोई मरीज नहीं था, इसलिए डॉक्टर कमरे के बजाय बाहर चौकी पर सो रहे थे। सीबीआई जांच की उठाई मांग मो. हैदर ने बताया कि वर्ष 2011 में भी गांव के पास इसी तरह एक हत्या हुई थी, लेकिन उस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने डॉक्टर हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने की मांग की। आशंका जताई कि हत्या के पीछे पुरानी दुश्मनी या ग्रामीण विवाद हो सकता है। हत्या की वजह क्लियर नहीं है वहीं, भाजपा नेता सिकंदर आलम ने पुलिस से जल्द से जल्द घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब डॉक्टर की किसी से दुश्मनी नहीं थी, तो आखिर उनकी हत्या किस वजह से की गई, इसका पता पुलिस को लगाना चाहिए। समस्तीपुर के केशोरा गांव में शनिवार को अपराधियों ने ग्रामीण डॉक्टर की हत्या कर दी। अभी तक किसी भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। अपराधियों ने डॉक्टर को 3 नहीं चार गोली मारी थी। पोस्टमार्टम से पहले कराए गए एक्स-रे में सिर में दो और सीने में एक गोली की पिलेट मिली है। जबकि एक बुलेट गोली आर-पार हो गई थी, जिसकी पिलेट घटनास्थल पर बिछावन से बरामद की गई। खास बात यह है कि पुलिस की ओर से तैयार किए गए पंचनामा में सीने में गोली लगने से हुए जख्म का उल्लेख नहीं किया गया था। एक्स-रे के बाद सीने में भी गोली की पिलेट होने की बात सामने आई है। पुलिस को आशंका है कि डॉक्टर को बेहद करीब से गोली मारी गई है। यह भी संभावना जताई जा रही है कि मुंह में पिस्टल डालकर गोली चलाई गई होगी। मृतक की पहचान वार्ड-13 निवासी गुलजार अहमद उर्फ शाहीन (50) की तौर पर हुई है। घटना हसनपुर थाना क्षेत्र की परोरिया पंचायत की है। फायरिंग की आवाज किसी ने नहीं सुनी वारदात के बाद मौके पर पहुंची पुलिस पुलिस ने डॉग स्क्वायड भी बुलाया, लेकिन कोई ठोस सुराग नहीं मिल सका। ग्रामीणों का कहना है कि फायरिंग की आवाज आसपास के लोगों को सुनाई नहीं दी। गर्मी के कारण अधिकांश लोग रात में कूलर चलाकर सोते हैं, जबकि एसी वाले कमरों के दरवाजे बंद रहते हैं। ऐसे में आवाज बाहर तक नहीं पहुंची। आज होगा सुपुर्द-ए-खाक ग्रामीणों के मुताबिक मृतक के चार पुत्रों में से दो दुबई में रहते हैं। हत्या की जानकारी मिलने के बाद दोनों भारत लौट रहे हैं। रविवार को विमान से दरभंगा पहुंचने की बात कही गई है। बेटों के पहुंचने के बाद शव को सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। अभी तक पुलिस को आवेदन नहीं मिला है हसनपुर थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर सुनील कांत ने बताया कि अब तक परिवार की ओर से प्राथमिकी के लिए आवेदन नहीं दिया गया है। परिजनों ने कहा है कि सुपुर्द-ए-खाक की प्रक्रिया पूरी होने के बाद आवेदन दिया जाएगा। पुलिस अपने स्तर से मामले की जांच कर रही है। छह दिन पहले हुआ था पोते का जन्म मृतक के चचेरे भाई मो. हैदर ने बताया कि सभी की मदद करने वाले डॉक्टर गुलजार अहमद की हत्या से गांव के लोग स्तब्ध हैं। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व अपने दोनों पुत्रों की शादी एक साथ की थी। छह दिन पहले ही उनके घर पोते का जन्म हुआ था। दरवाजे पर मरीज आते रहते थे। मरीजों के आने-जाने के कारण परिवार के लोगों को वहां जाने की अनुमति नहीं थी। दरवाजे पर ही मरीजों के लिए एक कमरा बना हुआ था। घटना की रात कोई मरीज नहीं था, इसलिए डॉक्टर कमरे के बजाय बाहर चौकी पर सो रहे थे। सीबीआई जांच की उठाई मांग मो. हैदर ने बताया कि वर्ष 2011 में भी गांव के पास इसी तरह एक हत्या हुई थी, लेकिन उस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने डॉक्टर हत्याकांड की सीबीआई जांच कराने की मांग की। आशंका जताई कि हत्या के पीछे पुरानी दुश्मनी या ग्रामीण विवाद हो सकता है। हत्या की वजह क्लियर नहीं है वहीं, भाजपा नेता सिकंदर आलम ने पुलिस से जल्द से जल्द घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की। उन्होंने कहा कि जब डॉक्टर की किसी से दुश्मनी नहीं थी, तो आखिर उनकी हत्या किस वजह से की गई, इसका पता पुलिस को लगाना चाहिए।  

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *