लखनऊ की सरोजनीनगर तहसील में शनिवार को समाधान दिवस पर तहसीलदार और लेखपालों की शिकायत कर दी गई। जिलाधिकारी विशाख जी. अय्यर तहसील में पहुंचे हुए थे। वकीलों ने उनसे कहा कि तहसीलदार उनसे और आम लोगों से गलत भाषा बोलते हैं। इसके अलावा कई लेखपाल अपने घर से दफ्तर चला रहे हैं। वो तहसील नहीं आते। इसके अलावा डीएम के सामने भाजपा के लखनऊ जिला मंत्री संजीव कुमार मिश्रा कई महिलाओं के साथ पहुंच गए। उन्होंने शिकायत की कि सरोजनीनगर ब्लॉक के अधिकारी लापरवाह हैं। अधिकारियों की वजह से ही कई गांवों में आज तक सुलभ शौचालय नहीं बने। महिलाएं खुले में शौच जाती हैं। गांवों में पानी की सप्लाई और गोशालाओं में चारा की कमी है। वकील बोले- तहसीलदार का ट्रांसफर किया जाए बार एसोसिएशन अध्यक्ष कमलेश प्रताप सिंह और महामंत्री राजेंद्र यादव की अगुवाई में वकील तहसील दिवस में पहुंचे। उन्होंने कहा कि तहसीलदार फोन नहीं उठाते हैं। गलत भाषा बोलते हैं। उनका ट्रांसफर कर दिया जाए। कई लेखपाल अपने घर से दफ्तर चला रहे हैं। अवैध वसूली के लिए अपना सहायक भी रखे हुए हैं। 1 साल से तैनात ऐसे सभी लेखपालों को हटाया जाए। जिलाधिकारी ने तहसीलदार और लेखपालों पर लगे आरोपों की जांच कराने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि दोषी पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी। वकीलों ने नायब तहसीलदार बिजनौर कोर्ट का चार्ज किसी दूसरे नायब तहसीलदार को देने की मांग की। उन्होंने नए नायब तहसीलदारों की नियुक्ति, पूरे समय के लिए राजस्व निरीक्षक (आरके) और नए आरआई तैनात करने की भी मांग की। इसके अलावा, धारा-98 और 80 में पुरानी व्यवस्था लागू करने, धारा-76 से जुड़े मामलों को जल्दी निपटाने और धारा-34 की फाइलों को तय समय में निपटाने की मांग भी रखी गई। कोर्ट में 2 कमरे और, फरियादियों के लिए बेंच बनवाएं तहसील परिसर में नए बने कोर्ट के लिए कम से कम दो और कमरे बनाने की मांग की गई। परिसर के सामने नाला बनाने और केस लड़ने वालों के बैठने के लिए बेंच लगाने की भी मांग हुई। वकीलों ने खराब वाटर कूलर और सोलर लाइटों को ठीक कराने की मांग रखी। उन्होंने पोर्टल से खारिज हुई फाइलों को अपने आप दर्ज करने की व्यवस्था रोकने की भी मांग की। इन गांवों में हैंडपंप बंद, सुलभ शौचालय भी नहीं मिले भाजपा के लखनऊ जिला मंत्री संजीव कुमार मिश्रा ने कहा कि परवर पश्चिम, माती, परवर पूरब, सोहावा, मेमौरा, सौसीरन खेड़ा, बीबीपुर, गढ़ी मवैया, खटोला, कैथी, जैती खेड़ा, नीवां, सादुल्ला खेड़ा, चंद्रावल और ऐन सहित कई अन्य गांवों में पीने के पानी के लिए इंडिया मार्का हैंड पंप अधिकतर काफी समय से बंद पड़े हैं। इनकी मरम्मत सिर्फ कागजों में होकर रह जाती है। बताया कि कुछ दिन पहले सुलभ शौचालय के लिए दिए 179 फार्म में सिर्फ 26 लोगों का पैसा आज तक कागजों में दिख रहा है। आरोप लगाया कि अधिकारियों की लापरवाही के कारण यह काम सिर्फ कागजों तक सीमित होकर रह गए हैं। इसके अलावा कई अन्य फरियादी ने भी अपनी भी शिकायत दर्ज कराई। ये शिकायतें भी आईं- विवादित प्लॉट पर ले लिया बिजली का कनेक्शन आशियाना थाना क्षेत्र के बिजली पासी द्वितीय वार्ड निवासी हिमांशु तिवारी ने विवादित भूखंड पर तथ्यों को छिपाकर अस्थायी विद्युत कनेक्शन लेने का आरोप लगाया। हिमांशु के मुताबिक भूखंड पर 2 और 6 मार्च 2024 के पंजीकृत बैनामे के आधार पर उसका कब्जा है। आरोप लगाया कि रमेश चन्द्र यादव निवासी औरंगाबाद खालसा ने 3 अप्रैल 2012 के बैनामे के आधार पर कब्जे में हस्तक्षेप का प्रयास किया। हिमांशु का कहना है कि मामले में वर्ष 2024 में धारा 145 के तहत वाद दायर हुआ, जो न्यायालय में विचाराधीन है। अगली तारीख 22 सितंबर 2026 है। आरोप है कि इसके बावजूद रमेश चन्द्र यादव ने 11 सितंबर को आवेदन संख्या J9070946801 के जरिए खाता संख्या 8113409579 पर नादरगंज खंड से दो किलोवाट का अस्थाई कनेक्शन करा लिया। हिमांशु ने कनेक्शन निरस्त कर सरकारी पोल से मीटर हटाने और कार्रवाई की मांग की। कम वोल्टेज की वजह से नहीं हो पाती सिंचाई बंथरा के गढ़ी चुनौटी, दरियापुर निवासी श्याम बिहारी ने कृषि विद्युत कनेक्शन में छह वर्षों से कम पावर मिलने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि उनके पिता रामलाल के नाम संयोजन संख्या 761700645815 और एसी संख्या C102100030826 पर कृषि कनेक्शन है। कम वोल्टेज के कारण ट्यूबवेल नहीं चल पाता, जिससे समय पर फसलों की सिंचाई नहीं हो पाती और फसल सूखने का खतरा बना रहता है। श्याम बिहारी के मुताबिक, एक ट्रांसफार्मर से करीब 12 ट्यूबवेल जुड़े हैं, जिससे उनके ट्यूबवेल तक पर्याप्त पावर नहीं पहुंचती। उन्होंने बताया कि एक अगस्त 2026 को संपूर्ण समाधान दिवस में भी संदर्भ संख्या 30104126001775 के तहत शिकायत की थी, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने ट्रांसफार्मर की क्षमता बढ़ाकर पर्याप्त बिजली आपूर्ति सुनिश्चित कराने की मांग की।

