औरंगाबाद के देव थाना क्षेत्र में शनिवार की सुबह दर्दनाक सड़क हादसे में 55 साल के निजी शिक्षक अशोक कुमार सिंह की मौत हो गई। वे रोज की तरह साइकिल से स्कूल में पढ़ाने जा रहे थे। इसी दौरान भवानीपुर मोड़ के पास देव की ओर से आ रहे तेज रफ्तार और अनियंत्रित हाइवा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना गंभीर था कि शिक्षक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए और कुछ ही देर में मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दी गई। प्रखंड कार्यालय के पास परिवार के साथ रहते थे शिक्षक मृतक की पहचान प्रखंड कार्यालय के समीप रहने वाले प्रमोद सिंह के पुत्र अशोक कुमार सिंह के रूप में हुई है। वह मूल रूप से ढिबरा के रहने वाले थे। पिछले कई वर्षों से उन्होंने देव में प्रखंड कार्यालय के समीप मकान बना लिया था और परिवार के साथ वहीं रह रहे थे। अशोक कुमार सिंह निजी स्कूल में शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। परिवार के भरण-पोषण के लिए वह नियमित रूप से स्कूल में पढ़ाने जाते थे। शनिवार की सुबह भी वह घर से साइकिल लेकर स्कूल के लिए निकले थे, लेकिन भवानीपुर मोड़ के पास हुए हादसे ने उनकी जिंदगी छीन ली।बताया जाता है कि अशोक कुमार सिंह भवानीपुर मोड़ के समीप पहुंचे ही थे कि देव की ओर से आ रहे हाइवा ने उन्हें टक्कर मार दी। हाइवा की चपेट में आने के बाद वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद चालक वाहन लेकर निकलने का प्रयास कर रहा था, लेकिन घटनास्थल से कुछ दूरी पर ग्रामीणों ने हाइवा को पकड़ लिया। ग्रामीणों ने सड़क जाम कर जताया आक्रोश, जांच में जुटी पुलिस शिक्षक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अचानक हुए हादसे से परिवार के लोग सदमे में हैं। परिजनों के लिए यह घटना इसलिए भी बेहद पीड़ादायक है कि परिवार के लिए महत्वपूर्ण सहारा रहे अशोक कुमार सिंह की अचानक मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में भी काफी आक्रोश देखा गया। लोगों ने सड़क जाम कर विरोध जताया। इससे कुछ समय तक आवागमन प्रभावित रहा। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की। ग्रामीणों द्वारा हादसे में शामिल हाइवा को पकड़े जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है और घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क पर भारी वाहनों की रफ्तार और यातायात व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई। औरंगाबाद के देव थाना क्षेत्र में शनिवार की सुबह दर्दनाक सड़क हादसे में 55 साल के निजी शिक्षक अशोक कुमार सिंह की मौत हो गई। वे रोज की तरह साइकिल से स्कूल में पढ़ाने जा रहे थे। इसी दौरान भवानीपुर मोड़ के पास देव की ओर से आ रहे तेज रफ्तार और अनियंत्रित हाइवा ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना गंभीर था कि शिक्षक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास के ग्रामीण घटनास्थल पर जुट गए और कुछ ही देर में मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दी गई। प्रखंड कार्यालय के पास परिवार के साथ रहते थे शिक्षक मृतक की पहचान प्रखंड कार्यालय के समीप रहने वाले प्रमोद सिंह के पुत्र अशोक कुमार सिंह के रूप में हुई है। वह मूल रूप से ढिबरा के रहने वाले थे। पिछले कई वर्षों से उन्होंने देव में प्रखंड कार्यालय के समीप मकान बना लिया था और परिवार के साथ वहीं रह रहे थे। अशोक कुमार सिंह निजी स्कूल में शिक्षक के रूप में कार्यरत थे। परिवार के भरण-पोषण के लिए वह नियमित रूप से स्कूल में पढ़ाने जाते थे। शनिवार की सुबह भी वह घर से साइकिल लेकर स्कूल के लिए निकले थे, लेकिन भवानीपुर मोड़ के पास हुए हादसे ने उनकी जिंदगी छीन ली।बताया जाता है कि अशोक कुमार सिंह भवानीपुर मोड़ के समीप पहुंचे ही थे कि देव की ओर से आ रहे हाइवा ने उन्हें टक्कर मार दी। हाइवा की चपेट में आने के बाद वह गंभीर रूप से जख्मी हो गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद चालक वाहन लेकर निकलने का प्रयास कर रहा था, लेकिन घटनास्थल से कुछ दूरी पर ग्रामीणों ने हाइवा को पकड़ लिया। ग्रामीणों ने सड़क जाम कर जताया आक्रोश, जांच में जुटी पुलिस शिक्षक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। अचानक हुए हादसे से परिवार के लोग सदमे में हैं। परिजनों के लिए यह घटना इसलिए भी बेहद पीड़ादायक है कि परिवार के लिए महत्वपूर्ण सहारा रहे अशोक कुमार सिंह की अचानक मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में भी काफी आक्रोश देखा गया। लोगों ने सड़क जाम कर विरोध जताया। इससे कुछ समय तक आवागमन प्रभावित रहा। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की छानबीन शुरू की। ग्रामीणों द्वारा हादसे में शामिल हाइवा को पकड़े जाने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है और घटना से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क पर भारी वाहनों की रफ्तार और यातायात व्यवस्था को लेकर भी चिंता जताई।

