पलामू के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के डगरा पिकेट में शनिवार सुबह जैप-8 के सूबेदार बुचुन पाल की मौत हो गई। उन्हें अपने ही बंदूक से गोली लगी थी। यह घटना नक्सल प्रभावित और बिहार के गया जिले से सटे इलाके में हुई। घटना की सूचना मिलते ही छतरपुर एसडीपीओ प्रशांत कुमार और नौडीहा बाजार थाना प्रभारी नीरज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी है। कमरे से गोली चलने की आवाज सुनी जानकारी के अनुसार, सूबेदार बुचुन पाल सुबह अपने कमरे से बाहर निकले थे। फ्रेश होने के बाद वह वापस कमरे में गए। कुछ ही देर बाद पिकेट में तैनात जवानों ने उनके कमरे से गोली चलने की आवाज सुनी। आवाज सुनकर अन्य जवान तुरंत कमरे की ओर भागे। वहां बुचुन पाल गोली लगने से मृत मिले। पुलिस अधिकारियों के साथ उनके परिजनों को भी घटना की जानकारी दे दी गई है। बुचुन पाल मूल रूप से पलामू के उंटारी थाना क्षेत्र के रहने वाले थे। उनका परिवार फिलहाल रांची में रहता है। गोली कैसे चली, हो रही जांच छतरपुर एसडीपीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि सूबेदार बुचुन पाल की गोली लगने से मौत हुई है। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। गोली कैसे चली और घटना के पीछे क्या वजह रही, इसकी जांच की जा रही है। डगरा पिकेट पलामू के महत्वपूर्ण सुरक्षा केंद्रों में से एक है। यह इलाका बिहार के गया जिले से सटा है और नक्सली गतिविधियों के लिए संवेदनशील रहा है। पिछले कुछ सालों से यहां जैप और आईआरबी के जवान तैनात हैं। वर्ष 2023-24 तक डगरा में सीआरपीएफ की तैनाती थी। सीआरपीएफ के हटने के बाद जैप को यहां तैनात किया गया था। पलामू के नौडीहा बाजार थाना क्षेत्र के डगरा पिकेट में शनिवार सुबह जैप-8 के सूबेदार बुचुन पाल की मौत हो गई। उन्हें अपने ही बंदूक से गोली लगी थी। यह घटना नक्सल प्रभावित और बिहार के गया जिले से सटे इलाके में हुई। घटना की सूचना मिलते ही छतरपुर एसडीपीओ प्रशांत कुमार और नौडीहा बाजार थाना प्रभारी नीरज कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने तुरंत मामले की जांच शुरू कर दी है। कमरे से गोली चलने की आवाज सुनी जानकारी के अनुसार, सूबेदार बुचुन पाल सुबह अपने कमरे से बाहर निकले थे। फ्रेश होने के बाद वह वापस कमरे में गए। कुछ ही देर बाद पिकेट में तैनात जवानों ने उनके कमरे से गोली चलने की आवाज सुनी। आवाज सुनकर अन्य जवान तुरंत कमरे की ओर भागे। वहां बुचुन पाल गोली लगने से मृत मिले। पुलिस अधिकारियों के साथ उनके परिजनों को भी घटना की जानकारी दे दी गई है। बुचुन पाल मूल रूप से पलामू के उंटारी थाना क्षेत्र के रहने वाले थे। उनका परिवार फिलहाल रांची में रहता है। गोली कैसे चली, हो रही जांच छतरपुर एसडीपीओ प्रशांत कुमार ने बताया कि सूबेदार बुचुन पाल की गोली लगने से मौत हुई है। पुलिस पूरे मामले की छानबीन कर रही है। गोली कैसे चली और घटना के पीछे क्या वजह रही, इसकी जांच की जा रही है। डगरा पिकेट पलामू के महत्वपूर्ण सुरक्षा केंद्रों में से एक है। यह इलाका बिहार के गया जिले से सटा है और नक्सली गतिविधियों के लिए संवेदनशील रहा है। पिछले कुछ सालों से यहां जैप और आईआरबी के जवान तैनात हैं। वर्ष 2023-24 तक डगरा में सीआरपीएफ की तैनाती थी। सीआरपीएफ के हटने के बाद जैप को यहां तैनात किया गया था।

